एयर होस्टेस से CSP बनी नेहा पचचीस्या पर FIR drj..
भोपाल . एयर होस्टेस से CSP बनी महिला अधिकारी पर FIR दर्ज की गईं है.घूसखोरी मामले में फंसी महिला CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ आखिरकार FIR दर्ज हो गईं है..
कटनी जिले में पदस्थ रहते नेहा पर ट्रांसपोर्टर से अवैध उगाही करने और हत्या के मामले में आरोपियों को बचाने पर करोड़ों की जमीन का सौदा करने के आरोप लगे. जिसके बाद PHQ ने जांच बैठाई और अब मामला भी दर्ज किया गया.
ऑटो चालक के घर 3 करोड़ मिलने की जांच SIT करेगी.. सागर. गोपालगंज थाना क्षेत्र में ऑटो चालक के घर से 3 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद होने के बाद जांच शुरू हो गई है। लोकायुक्त ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय SIT गठित की है। SIT नकदी के स्रोत, वास्तविक मालिक और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी।प्रारंभिक जांच में PWD इंजीनियर रमेश अहिरवार का नाम सामने आया है, उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों की भी पड़ताल होगी। पुलिस द्वारा जब्त रकम जल्द ही लोकायुक्त के कब्जे में ली जाएगी, जिसके बाद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
गोवंश परिवहन में क्रूरता पर FIR करने SP को ज्ञापन.. दमोह नगर पालिका के वाहन से गोवंश को कथित रूप से क्रूरता पूर्वक परिवहन किए जाने के मामले में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि दमोह से तेंदूखेड़ा गौशाला ले जाए जा रहे 8 नंदियों को अनुपयुक्त ट्रॉली में ठूंसकर ले जाया गया, जिसमें दो गोवंश की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल अवस्था में मिले। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार 18 अगस्त 2026 को नगर पालिका दमोह के वाहन क्रमांक MP-34 A-0526 से 8 नंदियों को दमोह से तेंदूखेड़ा गौशाला ले जाया जा रहा था। वाहन चालक शेख जावेद और उनके सहयोगी अनिल वाल्मीकि द्वारा परिवहन किए जाने की बात ज्ञापन में कही गई है। आरोप है कि जिस ट्रॉली से गोवंश का परिवहन किया जा रहा था, वह इस प्रकार के परिवहन के लिए उपयुक्त नहीं थी।
ज्ञापन के मुताबिक तेंदूखेड़ा के आगे ट्रॉली खड़ी होने पर ग्रामीणों ने उसमें गोवंश की स्थिति देखी। इस दौरान दो नंदी मृत मिले, जबकि अन्य गोवंश घायल थे। कुछ गोवंश के शरीर पर चोट के निशान और खून निकलने की स्थिति होने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बाद ग्रामीणों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तेंदूखेड़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। संगठन का आरोप है कि शिकायत के बाद भी दो दिनों तक सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता थाने में मौजूद रहे, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें कार्रवाई का आश्वासन ही दिया जाता रहा। इसके बाद 20 जून 2026 को तेंदूखेड़ा प्रखंड के कार्यकर्ता और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय दमोह पहुंचे और मामले की शिकायत की। वहां पुलिस अधीक्षक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग: ज्ञापन में संगठन ने केवल वाहन चालक और सहयोगी ही नहीं, बल्कि गोवंश को वाहन से ले जाने के आदेश देने वाले संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मामले में दोषियों और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल आंदोलन करने के लिए विवश होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही गई। ज्ञापन के दौरान विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष अजय खत्री, जिला मंत्री शम्भू विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष राम मिश्रा, बबलू राय, राजेश पटेरिया, जिला सह संयोजक अजय चौरसिया, तेंदूखेड़ा प्रखंड संयोजक तेजी ठाकुर, ओमेश करतोलिया, सिद्धार्थ मोदी, आदित्य यादव, मोनू विदित, दीपक पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।



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