लापरवाही पर तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 20 अगस्त को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ;सीएमएचओ कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सार्थक पोर्टल पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई। इस दौरान पाया गया कि कई अधिकारी. कर्मचारियों द्वारा प्रातः 10.20 बजे तक पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। कलेक्टर श्री यादव ने इसे अपने पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तीन दिवस का वेतन काटने की कार्रवाई की गई।21 अधिकारी.कर्मचारी अनुपस्थित.. औषधि निरीक्षक महिमा जैन खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया सहायक ग्रेड.3 रजनी मिश्रा शेख इरफान खान राजीव कुमार सोनी हेमंत अहिरवार सुधांशु सोनी नरेंद्र पाल सहायक मीडिया अधिकारी अभय तिवारी भृत्य शकील खान वाहन चालक इमरान खान एवं वार्ड बॉय अनंतराम अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों में लेखा प्रबंधक शैलेंद्र श्रीवास्तव जिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ऋषि कुमार अहिरवार एमएंडई बलराम राठौर उपयंत्री विवेक कुमार विश्वकर्मा फार्मासिस्ट रमाकांत उमरे डाटा एंट्री ऑपरेटर नरेश अहिरवार आरबीएसके चिकित्सक रामेश्वर कुर्मी एपिडिमियोलॉजिस्ट आकांक्षा भारद्वाज तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर आउटसोर्स पुष्पेंद्र सिंह लोधी भी अनुपस्थित पाए गए। जिला अस्पताल के स्टोर रूम में दवा वितरण में गड़बड़ी गंभीर अनियमितताएं दो कर्मचारी विरत.. दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज जिला अस्पताल के स्टोर रूम का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता भंडारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दवा वितरण में गंभीर लापरवाही और स्टॉक प्रबंधन में कई विसंगतियां सामने आईं। कलेक्टर ने कहा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाइयां मरीजों को समय पर और निर्धारित मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए ताकि किसी भी मरीज को दवा बाजार से खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े। कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि पूर्व में विभिन्न शासकीय अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया था कि कई आवश्यक दवाइयां अस्पतालों में उपलब्ध नहीं थीं। संबंधित बीएमओ एवं प्रभारी अधिकारियों द्वारा बताया गया था कि दवाओं के लिए इंडेंट भेजे जा चुके हैं लेकिन जिला स्तर से दवाइयां जारी नहीं हुई हैं। इसी गैप को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला अस्पताल के स्टोर रूम का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण में पाया गया कि वर्ष 2025 में विभिन्न शासकीय अस्पतालों से प्राप्त 16 इंडेंट अब तक जारी नहीं किए गए थे जबकि जनवरी 2026 से 39 इंडेंट लंबित पाए गए। उन्होने कहा अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं और जिन दवाओं का स्टॉक उपलब्ध नहीं है उनके लिए संबंधित एजेंसी को मांग पत्र भेजा गया है। दवाएं प्राप्त होते ही उन्हें अस्पतालों को जारी किया जाएगा।24 घंटे में दवा जारी करने की व्यवस्था.. कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि दवा उपलब्ध होने के बावजूद समय पर जारी नहीं किया जाना गंभीर विषय है जिसके कारण आमजन को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवाएं जारी करना सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई दवा उपलब्ध नहीं है तो उसके लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले दिन तक उसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली औषधियों के लिए ई.औषधि पोर्टल लागू है जिसमें लाइव डिमांड एवं ऑनलाइन इश्यू की व्यवस्था है। इससे किसी भी समय दवाओं के स्टॉक का सत्यापन किया जा सकता है।
स्टॉक सत्यापन में 8 में से 6 मदों में विसंगति.. निरीक्षण के दौरान स्टॉक का सत्यापन किया गया जिसमें 8 में से 6 मदों में विसंगतियां पाई गईं। दवा स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रहे दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें विरत कर दिया गया है।
एक्सपायरी दवाइयां और बंद मिले सभी छह फ्रिज..निरीक्षण में एक्सपायरी डेट की दवाइयां भी रखी मिलीं। कलेक्टर ने इसे गंभीर एवं आपत्तिजनक स्थिति बताया। उन्होंने पाया कि जिन दवाओं को निर्धारित तापमान पर फ्रीजर में रखा जाना आवश्यक है वे फ्रीजर में तो रखी थीं लेकिन सभी छह फ्रीजर बंद मिले। कलेक्टर ने कहा कि यदि फ्रीजर खराब थे तो उन्हें समय पर सुधरवाया जाना चाहिए था और यदि सुधार योग्य नहीं थे तो उन्हें बदला जाना चाहिए था। निर्धारित तापमान में रखी जाने वाली दवाओं का इस प्रकार भंडारण मरीजों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
दवा स्टोर को व्यवस्थित करने के निर्देश.. कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि दवाओं को इस प्रकार व्यवस्थित रखा जाना चाहिए कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल खोज कर अस्पतालों को जारी किया जा सके। निरीक्षण के दौरान कई दवाएं निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित नहीं मिलीं और स्टोर कर्मचारियों को दवाओं की तलाश करनी पड़ रही थी।उन्होने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि एक टीम गठित कर पूरे दवा स्टोर को व्यवस्थित कराया जाए एक्सपायरी दवाओं को अलग किया जाएए फ्रीजर एवं तापमान व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए तथा इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर दवा जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


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