सायबर अपराध की पतारसी में सागर पुलिस की सफलता
सागर। सायबर क्राईम के दौर में बेरोजगार भी अब सुरक्षित नहीं बचे है सागर पुलिस ने फर्जी फर्म एवं म्यूल बैंक खातों से करोड़ों रुपये का आनलाईन सट्टा खिलाने वाले संगठित गिरोह और उससे जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश’ करते हुए दो करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक नकद राशि, करीब 30 लाख रुपये का सोना और नोट गिनने की मशीन बरामद’ की है। साथ ही 30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा, कई फर्जी कंपनियो के एटीएम, पासबुक, चेकबुक, मोबाईल एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करके सायबर फ्राड से जुड़े एक बड़े मामले का पर्दाफाश करने में सफल्ता प्राप्त की है।
सागर एसपी श्री अनुराग सुजानिया के निर्देश पर एएसपी बीना श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं एएसपी सागर श्री नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा सीएसपी सागर श्री ललित कुमार कश्यप के निर्देशन में थाना मकरोनिया पुलिस ने सायबर अपराध से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करने में महत्पूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह द्वारा बेरोजगार एवं सामान्य व्यक्तियों को कमीशन एवं पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज प्रापा किए जाते थे तथा उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म तैयार कर विभिन्न निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। इन खातों को बाद में गिरोह द्वारा अपने नियंत्रण में लेकर सायबर ठगी एवं अन्य आनलाईन बैटिंग गतिविधियों से प्राप्त राशि के लेन.देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट (Mule Account) के रूप में उपयोग किया जा रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 अगस्त 2026 को थाना मकरोनिया में रोहित पिता रूपराज पटेल ने अपने दस्तावेजों के दुरुपयोग की लिखित शिकायत करते हुए बताया था कि उसके नाम से फर्जी फर्म बनाकर उसके आधार पर फेडरल बैंक शाखा मकरोनिया में करंट अकाउंट खुलवाया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मकरोनिया पुलिस द्वारा संबंधित बैंक खाते का तत्काल परीक्षण एवं विश्लेषण कराया गया। बैंक खाते के प्रारंभिक विश्लेषण में सामने आया कि फरियादी के नाम से ग्लैमर इंटरप्राइजेस नामक फर्म तैयार कर फेडरल बैंक में उसके नाम से करंट अकाउंट खुलवाया गया तथा फरवरी 2026 से अब तक लगभग 06 माह की अवधि में करीब 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी सागर नरेन्द्र सोलंकी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मकरोनिया नितिन पाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर खाते में हुए लेन.देन संबंधित फर्मों बैंक खातों एवं तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया गया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु अलग टीम गठित की गई।
पूछताछ में सामने आया गिरोह का पूरा नेटवर्क.. प्रारंभिक विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी धर्मेन्द्र नाहर एवं सोनू दांगी को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से सूक्ष्मता एवं गहनता पूछताछ पर पता चला कि उसने यह कार्य अमित विश्वकर्मा निवासी भोपाल से मुंबई में सीखा था। अमित विश्वकर्मा की गिरफ्तारी पर पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग एवं बैटिंग से प्राप्त राशि के सर्कुलेशन के लिए बैंक खातों की आवश्यकता होती है। उसके बाद धर्मेन्द्र नाहर ने अपने सागर के स्थानीय साथी सोनू दांगी तथा सरमन उर्फ शुभम रैकवार निवासी खजुराहो विपिन गिरी एवं स्वर्णेन्द्र पांडे निवासी भोपाल के साथ मिलकर बेरोजगार व्यक्तियों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से फर्जी फर्मे तैयार कर निजी बैंकों में बैंक खाते खुलवाना शुरू किया। पूछताछ में यह तथ्य आया कि आनलाईन बेटिंग में उसका मित्र रिषभ पटेल निवासी भोपाल बैटिंग का संचालन करता है। तत्काल पृथक से टीम भेज कर रिषभ पटेल को तलाश कर उसकी गिरफ्तारी की गई और रिषभ के कब्जे से आनलाईन बैटिंग का 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपये नगदी करीब 30 लाख का सोना व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुये है।
रिषभ से गहनता से पूछताछ पर पूरी संदिग्ध गतिविधि एवं आनलाईन बेंटिंग का विस्तृत खुलासा हुआ जिसने बताया कि वह भोपाल से आनलाईन बैटिंग वेबसाईट 61www. 20 wicket.com और www.goexch99.com व अन्य वेबसाईट से आनलाईन बैटिंग खिलाता था फर्जी फर्मों के खाता को उपयोग कर पैसा आनलाईन ट्रासफर कर नगदी निकाल लेता था। इसके लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से ग्राहकों की एक ग्रुप के माध्यम से चैन बना रखी थी जिसके माध्यम से वो ग्राहकों को अपने ऑनलाइन सट्टे के पेनल में एडमिन बनकर ग्राहकों को लिंक एयर क्रेडिट कॉइन भेजकर ऑनलाइन बेटिंग करवाता था। गिरफ्तारशुदा आरोपी अमित विश्वकर्मा और रिषभ पटेल का 8 दिवस का माननीय न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त किया हैं जिनसे उक्त नेटवर्क के सम्बन्ध में अन्म सहयोगियों के समबन्ध में पूछताछ की जा रही हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता लगाया गया है। इन फर्मों के नाम से विभिन्न निजी बैंकों में खाते खोले गए तथा इनका उपयोग संदिग्ध वित्तीय लेन.देन के लिए किया गया।20 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा.. जांच में 1. ग्लैमर इंटरप्राइजेस 2. भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस 3. सूर्या इंटरप्राइजेस 4. समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स 5. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर 6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स 7. स्टार इंटरप्राइजेस 8. राजपूत इंटरप्राइजेस 9. अनुभव ट्रेडर्स 10. सागर ट्रेडर्स 11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस 12. सौरभ इंटरप्राइजेस 13. माखन इंटरप्राइजेस 14. अंकेश इंटरप्राइजेस 15. तनविक इंटरप्राइजेस 16. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्स 17. महाकाल ट्रैडर्स 18. मैक्स ट्रैडर्स 19. बालाजी ट्रैडर्स 20. जय महाकाल टूर एण्ड ट्रेवल्स सहित फर्मों से संबंधित बैंक खातों के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में करीब 5.50 करोड़ रुपये से अधिक राशि का ट्रांजेक्शन होना पाया गया है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण किया जा रहा है। जांच आगे बढ़ने पर संदिग्ध लेन-देन की राशि एवं नेटवर्क में शामिल अन्स सहयोगी व्यक्तियों के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है।
फर्जी फर्मों के पंजीयन एवं बैंक खातों की प्रक्रिया की भी जांच.. पुलिस द्वारा केवल आरोपियों तक सीमित न रहते हुए यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन एवं संबंधित बैंक खातों को खोलने की प्रक्रिया में किन-किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्मों के पंजीयन तथा बैंक खातों के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं की भूमिका की जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी- 1. धर्मेन्द्र पिता हरिदास नाहर, उम्र 38 वर्ष, निवासी सिविल लाइन के पीछे, जिला खजुराहो, छतरपुर (म.प्र.), हाल निवासी शिवनगर, थाना बहेरिया, जिला सागर। 2. सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, जिला सागर। 3. अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा निवासी 10 मंगल नगर सुखलिया इंदौर हाल रोहित नगर भोपाल। 4. विपिन गिरी पिता अशोक गिरी उम्र 36 नि.186 नीरजा नगर जेके रोड नरेला संकरी थाना पिपलानी जिला भोपाल 5. स्वर्णेन्द्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे उम्र 33 साल निवासी म.नं.29 पीताम्बरा होम्स खजूरी कला थाना अवधपुरी, भोपाल 6.रिषभ पटैल पिता स्व.रवि पटैल उम्र 27 साल स्थाई निवासी बिन्जियाँ जिला मंडला वर्तमान पता बी-01 महाकाली सोसाईटी त्रिलंगा औरा माँल के पास थाना शाहपुरा, भोपाल अन्य फरार आरोपी 1. सरमन उर्फ शुभम रैकवार पूरण लाल अहिरवार निवासी नि खजुराहो, छतरपुर वर्तमान पता भोपाल 2. ऋषि केशव सिंह पिता अरविन्द सिंह चौहान निवासी पिपरोहर, थाना कोतवाली जिला सीधी वर्तमान पता 12, मैन बस स्टेंड भोपाल
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सायबर अपराध के विरुद्ध सागर पुलिस की प्रतिबद्धता सागर पुलिस द्वारा सायबर अपराधियों के विरुद्ध तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण एवं डिजिटल इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन अथवा आसान कमाई का लालच देकर अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराएं। किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या फर्म खुलवाकर उसका संचालन दूसरे व्यक्ति को देना भी गंभीर कानूनी जोखिम उत्पन्न कर सकता है। ऐसे खातों का उपयोग सायबर ठगी की रकम के लेन-देन में होने पर खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।
सराहनीय भूमिका- उक्त महत्वपूर्ण कार्रवाई में निरीक्षक नितिन पाल, थाना प्रभारी मकरोनिया, उनि. शशिकांत गुर्जर थाना प्रभारी बहेरिया, उनि. रामअवतार धाकड़ चौकी प्रभारी बिलहेरा, सउनि काशीराम ठाकुर, प्रआर. सौरभ रैकवार, आर0 हेमेन्द्र ठाकुर साइबर सेल सागर, आर. आशीष गौतम, आर. प्रदीप शर्मा, आर.आशीष यादव, आर. मनीष तिवारी, आर. शुभम, आर रघुराज सिंह, आर ब्रिजेश विश्वकर्मा, सेनिक राजेन्द्र ठाकुर एवं थाना शाहपुरा के उपनिरीक्षक हरीश, आर भानु प्रतापगुर्जर, आर बाबू लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही । सागर से राजिक अली की खबर


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