इस सायबर फाड के शिकार हुए बड़े बड़े अधिकारी
दमोह। बढ़ती डिजिटल क्रांति तथा सोशल मीडिया के दौर अजब ठगी की एक गजब कहानी सामने आई है गांव की एक युवक ने सोशल मीडिया पर खुद को युवती दर्शाकर प्रदेश के बाहर के बड़े बड़ों को अपने माया जाल में फंसा कर लाखों की चपत लगा दी.. लंबे समय तक साइबर ठगी का यह खेल चल रहा है गांव के युवकों के खाते में ठगी के रुपए आ रहे फिर भी स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है..
साइबर ठगी का यह सनसनीखेज कारनामा दमोह जिले के
पथरिया थाना अंतर्गत शाहपुर गांव के युवक देवेंद्र श्रीवास्तव द्वारा
व्यापक नेटवर्क के जरिए संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है..उसने
प्रदेश के बाहर भी साइबर लूट का पूरा एक नेक्सस बना रखा है । सूत्रों की
माने तो अब तक कई बड़े अधिकारियों को लाखों रुपए का चूना लगाया जा चुका है।
लेकिन ठगी के शिकार हुए अधिकारियों ने अपनी इज्जत बचाने के चक्कर में अभी
तक कोई शिकायत नहीं की है..सूत्रों के अनुसार देवेंद्र सोसल मीडिया के जरिए
ऐसे लोगों को शिकार बना रहा है जो अच्छे सरकारी पदों पर पदस्थ है।
देवेंद्र द्वारा फेसबुक पर लड़कियों की फर्जी आईडी बना कर ऐसे लोगों को
फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती है और उसके बाद लड़कियों में रुची दिखा रहे
अधिकारियों से मैसेंजर पर चैट की जाती है। हेलो हाय से शुरुआत कर धीरे धीरे
अंतरंग विषयों पर चर्चा की जाती है। अधिकारियों से लगातार सम्मोहक और
लुभावनी बात करने वाला देवेंद्र अचानक अधिकारियों से बात करना बंद कर देता
है उसके बाद शुरू होता है ब्लैक मेल का खेल। अधिकारियों के अंतरंग पलों की
जानकारी का उपयोग अधिकारियों को ब्लैक मेल करने में की जाती है। वहीं लड़की
बन देवेंद्र अधिकारियों के समाने अनेक प्रकार की आर्थिक मजबूरियां,
विवशताएं जाहिर करता है और अधिकारियों से मोटी रकम ऐंठ लेता है..अधिकारियों
को डराने के लिए अनेक प्रकार की काल्पनिक परिस्थितियों बनाई जाती थी और उन
परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए अधिकारियों से पैसे मांगे जाते थे,
फर्जी लड़की के प्रेम में अंधे हो चुके अधिकारी देवेंद्र उर्फ अंजली उर्फ
शिवानी उर्फ ऋतु उर्फ संध्या को लाखों रूपये भेज देते थे। ऐसे अधिकारियों
की दुखती रग पर हाथ रखते हुए देवेंद्र उन्हें अलग अलग लड़कियों की फर्जी
आईडी से रिवेस्ट भेज कर अपने जाल में फंसा लेता है। सूत्रों की माने तो
शातिर साइबर ठग देवेंद्र खुद को फर्जी आईडी वाली लड़कियों का भाई या
रिश्तेदार बताकर अधिकारियों को बताता है कि आपके कारण उस लड़की की हत्या की
कोशिश की गई है जिससे आप बात करते थे। फर्जी लड़की के इलाज के लिए लाखों
रुपए मांगे जाते है।
शिवानी बनकर जाल में फंसाए गए
इंदौर निवासी एक आर्कियोलॉजिस्ट ने लड़की को मिलने के लिए जब इंदौर बुलाया
तो देवेंद्र ने बताया कि लड़की को लेकर इंदौर आ रहे नमन नामक लड़के को
लड़की के दुश्मनों ने बीच रास्ते में तेजाब मार दिया है और उसे गंभीर
अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया है, पुलिस बयान लेने आई थी लेकिन
आपका नाम नहीं बताया है, नमन के इलाज के लिए पैसे की जरूरत है। इस तरह
देवेंद्र द्वारा अधिकारी से पैसे ऐंठे गए। वहीं मुरादाबाद के एक अधिकारी को
देवेंद्र द्वारा संध्या बनकर प्रेम जाल में फंसाया गया था और उससे हजारों
रुपए वसूल किए गए हैं।
गांव भर के लड़कों के खाते में मंगवाए पैसे.. शातिर
साइबर ठग देवेंद्र ने अधिकारियों से ठगे गए रुपए खुद के खाते में तो मंगाए
ही साथ ही उसने गांव के बेरोजगार युवकों को लालच देकर अधिकारियों से पैसे
मांगने में उनके खातों का भी उपयोग किया है। गांव के युवकों के खातों में
देवेंद्र द्वारा कई अधिकारियों से ठगे गए पैसे बुलवाए गए हैं। सूत्रों की
माने मामले की गंभीरता इस बात से साबित होती है देवेंद्र द्वारा एक ही
अधिकारी से एक माह में 12 लाख रु ठग लिए गए। आश्चर्य की बात ये है कि ठगे
गए अधिकारी न तो कभी लड़कियों से रूबरू हुए और न ही कभी उन्होंने देवेंद्र
को देखा था। उसके वाबजूद अधिकारियों ने देवेंद्र को ठगी में लाखों रुपए दे
दिए।
खातो में आता रहा पैसा, लेकिन पुलिस को नहीं लगी भनक..देवेंद्र
ने अपना नेक्सस गांव भर में फैला रखा था। उसके द्वारा ठगे जा रहे लोग
लागतार हजारों रुपए गांव के युवकों के खाते में और उसके खुद के खाते में
भेज रहे थे, लेकिन इस बात की भनक पथरिया पुलिस को नहीं लगी। देवेंद्र पूरे
गांव के युवकों के खाते से पैसा वसूलता रहा यहां तक कि पथरिया की कुछ पैसे
का लेनदेन करने वाली दुकानों में भी अधिकारियों से ठगे गए रुपए मंगाए गए
लेकिन साइबर क्राइम से जुड़े इस गंभीर मामले में पुलिस की नजर नहीं पहुंच
पाना आश्चर्य जनक है.. देखना होगा मीडिया के जरिए पुलिस तक पहुंची इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस के संज्ञान में आने के बाद साइबर फ्रॉड की गोरख धंधे का पथरिया पुलिस पर्दाफाश कर पाती है..?



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