हटा में सीएम हेल्पलाइन के फर्जी क्लोजर का खेल
दमोह। हटा तहसील कार्यालय में बिना निराकरण बिना मौका मुआयना के शिकायतें बंद करने के मामले लगातार सामने आ रहे है. सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर शिकायतों के फर्जी निस्तारण (फर्जी क्लोज़र) कई गंभीर मामले सामने आने से सिस्टम पर सवाल उठाये जाने लगे है. हटा तहसील कार्यालय के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी समाधान के ओर फरियादियो को बिना सूचना दिए ही सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज गंभीर शिकायतें को बार बार बंद कर दिया गया है सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब समस्याओं का धरातल पर कोई समाधान हुआ ही नहीं तो किस आधार पर बार बार शिकायतें बंद की जा रही है.
हटा
तहसील से पांच किलो मीटर दूर ग्राम पांजी के खसरा नंबर 188 एवं 195 के बीच
में से एक शासकीय मेड़ा गया था जो कि हीरा लाल उर्फ राजू राय द्वारा मेढ़े
को अवरुद्ध करके अपने खेतों में मिला लिया गया ओर रास्ता को अवरुद्ध करके
बंद कर दिया गया जिससे किसानों को अपने खेतों में जाने के लिए रास्ता नहीं
है और काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा हैं जिससे दो तीन सालों से परेशान
किसान जयकांत राय संतोष राय नरेंद्र गनेश राय शिवांशु व अन्य ने बताया कि
तहसीलदार महोदय एस डी एम महोदय हटा को कई बार आवेदन दिया. कई बार मौखिक रूप
से शिकायत की फिर भी कोई आवश्यक कार्यवाही नहीं हुई तो परेशान होकर
किसानों ने दो दो तीन तीन बार 181 पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई थी. शिकायत
दर्ज होने के अनुसार एक या दो महीना बीत जाने के बाद भी एसडीम तहसीलदार
आर आई पटवारी द्वारा न कोई मौका मुआयना न कोई समाधान नहीं किया गया. जब
फरियादियों ने 14 अगस्त को शिकायत की स्थिती चेक की तो पूर्व की तरह इस
बार भी देख कर हैरान हो गए कि बिना किसी सूचना और धरातल पर बिना कोई
निराकरण के तहसील कार्यालय हटा के अधिकारियों के द्वारा शिकायतों को पूर्व
की तरह बंद कर दिया गया.
सावरकर पर प्रश्न पूछने पर शिक्षक के निलंबन का देशव्यापी विरोध दमोह में ज्ञापन आज.. दमोह।
केरल के कासरगोड जिले में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में महान स्वतंत्रता सेनानी स्वातंत्यवीर विनायक
दामोदर सावरकर पर प्रश्न शामिल करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्न
निर्माण समिति के सदस्य और शिक्षक गुरु प्रसाद पर कार्रवाई करते हुए केरल
शिक्षा विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई
के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अखिल
भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने इसे
स्वतंत्रता सेनानी का अपमान और तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है।
शिक्षक संघ का आरोप है कि केरल की सरकार
वैचारिक मतभेदों के कारण शिक्षकों को निशाना बना रही है और यह कदम शिक्षक
समाज की गरिमा पर हमला है। संगठन ने निलंबित
शिक्षक गुरु प्रसाद की बहाली और उनके सम्मान की रक्षा के लिए देशभर में
प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
दमोह में 17 अगस्त को होगा बड़ा प्रदर्शन-
इस निर्णय के क्रम में, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ (दमोह इकाई) द्वारा ’17
अगस्त 2026 (सोमवार) को सायंकाल 5 बजे कलेक्टर कार्यालय दमोह
में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान जिला कलेक्टर के माध्यम से भारत
के प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल तथा केरल के मुख्यमंत्री को ज्ञापन
सौंपा जाएगा। ज्ञापन में शिक्षक गुरु प्रसाद का निलंबन निरस्त करने तथा
शिक्षक वर्ग की गरिमा बहाल करने की मांग की जाएगी। संघ ने सभी कार्यकर्ताओं
और शिक्षकों से समय पर उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की
है।


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