ई अटेंडेंस एवं सार्थक ऐप को वेतन व्यवस्था से जोड़ने का विरोध.. अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने मोर्चा खोला..

यथाशीघ्र वेतन आहरण किए जाने की मांग..

दमोह। शासन प्रशासन द्वारा लगातार जिले के कर्मचारियों को दी जा रही आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना तथा एक पक्षीय निर्णयों से जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक स्वास्थ्य कर्मचारी एवं स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक संवर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है तत्संबंध में संरक्षक राकेश सिंह हजारी के नेतृत्व में शासन द्वारा मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त संघों के जिला अध्यक्षों की बैठक हुई । जिसमें समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर के साथ यथाशीघ्र बैठक करने तथा निराकरण न होने की स्थिति में ठोस रणनीति बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में सतत सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को जुलाई माह में बच्चों के एडमिशन, फीस, पठन पाठन सामग्री आदि को दृष्टिगत रखते हुए अभी तक वेतन न मिलने पर असंतोष व्यक्त कर यथाशीघ्र वेतन आहरण की मांग की गई, ई अटेंडेंस एवं सार्थक ऐप को वेतन व्यवस्था से ना जोड़ा जाए, कार्य आधारित समीक्षा हो ना कि समय आधारित, वर्ष 2025 में ई अटेंडेंस की टेक्निकल समस्याओं को लेकर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा एक समिति गठित की गई थी जिसमें शामिल आपत्तियों का आज तक निराकरण नहीं किया गया, एसआईआर में संलग्न शिक्षकों को उपस्थिति में 90% छूट दी गई थी लेकिन वर्तमान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है डीपीआई भोपाल द्वारा ई अटेंडेंस को लेकर संबंधित डीडीओ पर सख्त कार्यवाही के आदेश को निरस्त किया जाए। मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचनालय  भोपाल द्वारा जारी आदेश में इ अटेंडेंस पर  100% उपस्थिति लगाने के लिए कर्मचारियों को बाध्य किया जा रहा है। जो बिल्कुल भी उचित नहीं है क्योंकि वेतन कटौती होने पर वेतन में उसके परिवार एवं बच्चों और समाज का उत्तरदायित्व निर्भर रहता है..
यहां पर यह कहना उचित है कि ई अटेंडेंस से प्रदेश के एवं जिला स्तर के किसी भी कर्मचारियों को आदेश का पालन करने में कोई आपत्ति नहीं है । आपत्ति सिर्फ इस बात की है कि ई अटेंडेंस लगाने के लिए लाग इन और लॉगआउट से संबंधित जो ऑप्शन दिए गए हैं वह उचित नहीं है उदाहरण के लिए जहां से उपस्थिति लाग इन की गई है और लाग आउट करते समय यदि किसी कर्मचारी को टेक्निकल नेटवर्क कवरेज, मोबाइल खराब हो जाना दुर्घटना हो जाना या मोबाइल गुम जाना के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा आने पर उपस्थित नहीं डाल पा रहा है इसका भी ऑप्शन होना चाहिए । ना कि अपूर्ण और अनुपस्थित मानकर कर्मचारियों की सीधी वेतन कटौती की जाए।   लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आदेश में इसका कोई भी जिक्र नहीं है ऐसी स्थिति में प्रदेश के साथ-साथ दमोह जिले के स्वास्थ्य विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है इस विषम परिस्थिति को मध्य नजर रखते हुए मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला दमोह, जिला प्रशासन से आग्रह करता है कि तत्काल इस मामले में मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा दमोह  की समीक्षा बैठक आदेश जारी करें। साथ ही ई अटेंडेंस मैं आ रही कर्मचारियों की समस्याओं के लिए  स्थानीय स्तर पर कंट्रोल रूम समस्या निवारण कार्यालय बनाया जाए।यदि ऐसा नहीं होता है तो मोर्चा आगामी धरना प्रदर्शन आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
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1 टिप्पणियाँ

  1. अपने काम से दूर भागना और सच ये है कि ऑनलाइन उपस्थिति डालना पड़ती है जो कि सरकारी दफ्तर से ही डाली जाएगी कही और से नहीं इसलिए इनको परेशान हो रही है क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग आते ही नहीं है सरकारी दफ्तर में 🤬🤬

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