गल्ला व्यापारी विजय जैन के घर में डाका डालने वाले कौन..? वारदात के दौरान किन रोहित तथा सुनील के नाम ले रहे थे बदमाश..?

 हाथ पैर बांधकर लाखों के गहने नगदी ले उड़े बदमाश

दमोह। जिले के देहात थाना क्षेत्र की नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत सूखी पिपरिया गांव में बीती रात एक गल्ला व्यापारी के घर 6 अज्ञात बदमाशों ने जैन परिवार के लोगों को बंधक बनाकर डकैती की बड़ी घटना को अंजाम दिया और लाखों के जेबरात तथा नगदी लेकर फरार हो गए। देहात थाना पुलिस ने डकैती जैसे इस घटनाक्रम में किन धाराओं में किन के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई इसकी अधीकृृत जानकारी देने का खबर लिखे जाने तककोई तैयार नहीं था..
खबर लिखे जाने तक घटना को अंजाम देने वालों का कोई सुराग नहीं लग सका था वहीं गल्ला व्यापारी विजय जैन का परिवार बेहद दहशत में बना हुआ है क्यों कि आरोपी रिपोर्ट लिखाने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए गए है.. आरोपियों ने व्यापारी के हाथ, पैर बांध दिए और सिर पर बंदूक रखकर इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी भागते समय मोबाइल भी लेकर चले गए ताकि पीड़ित पुलिस को तत्काल जानकारी ना दे सके।  इसके बाद पीड़ित और उनकी पत्नी ने पड़ोसियों को जानकारी दी और तत्काल पुलिस को सूचना दी। घटना रात करीब दो से तीन बजे की है।  शनिवार सुबह देहात थाना पुलिस के साथ ही दमोह एसपी आनंद कलादगी भी घटनास्थल पहुंचे।
पीड़ित से जानकारी लेने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीम में बनाई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गल्ला व्यापारी विजय जैन अपनी पत्नी कीर्ति और बच्चों के साथ दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। रात करीब 2 बजे करीब दो नकाबपोश बदमाशों ने पहले घर में उपर चढ़कर पहुंचे। ऊपर के गेट खुले होने से आरोपी सीधे कमरे के अंदर घुस गए। उन्होंने सीधे विजय जैन की कनपटी पर माउजर रखकर धमकाते हुए उनके हाथ पैर बांध दिए।  उनकी पत्नी  को धमकाते हुए गोदरेज की अलमारी की चाबी मांगी वही चाबी नही देने पर पति के सिर माउजर की बट से हमला कर दिया। बाद में गोदरेज की अलमारी के ताले तोड़कर उसमें रखी करीब 50000 की नगदी, महिला द्वारा पहने हुए सभी  गहने तथा पलंग पेटी डिब्बे में रखी करीब 10 तोले सोने चांदी के जेबरात के साथ दोनों मोबाइल भी बदमाश अपने साथ ले गए। इस दौरान दो ओर बदमाश कमरे में आए गए जबकि दो बदमाश नीचे खड़े होकर रैकी करते रहे।
वही बदमाशों के भाग जाने के बाद पीड़ित परिजनों ने शोर मचा कर पड़ोसियों को जगाया और उनके आज आने पर घटना की जानकारी दी। जिस पर नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस को सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह एसपी आनंद कलादगी, सीएसपी एचआर पांडे, देहात थाना टीआई धर्मेंद्र उपाध्याय, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और मामले में जांच शुरू की। बताया गया है कि आरोपी व्यापारी के साथ जब मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दे रहे थे। तब वह रोहित तथा सुनील के नाम बार-बार ले रहे थे। पुलिस ने दो संदिग्ध को भी उठाया है, लेकिन अभी कोई खास जानकारी नहीं लगी है। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज करके अलग-अलग टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
देहात थाना पुलिस ने डकैती जैसे इस घटनाक्रम में किन धाराओं में किन के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई इसकी अधीकृृत जानकारी खबर लिखे जाने तक जारी नहीं हुई थी। वहीं घर में घुसकर बंधक बनाकर माउजर की नोक पर हुई इस सनसनीखेज बारदात को नरसिंहगढ़ पुलिस आश्चर्यजनक लूट की घटना तो बता रही है लेकिन धाराओं की जानकारी भी नहीं दे रही है। मामले में सीएसपी एचआर पांडे से भी लगातार संपर्क किया गया लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं होने से फिलहाल पुलिस का अधीकृत प़क्ष सामने नहीं आ सका है।

देवेंद्र काछी के घर में हुई चोरी की न रिपोर्ट लिखी न ही खुलासा हुआ.. नरसिंहगढ़ चौकी के जिस सुखी पिपरिया रमकुटी क्षेत्र में विधि रात अज्ञात बदमाशों द्वारा विजय जैन के घर में डकैती डाली गई है वैसी ही कुछ मिलती-जुलती घटना डेढ़ महीने पहले भी इसी गांव में देवेंद्र काछी के घर में हो चुकी है।
जिसको लेकर पीड़ित देवेंद्र काछी नरसिंहगढ़ चौकी से लेकर देहात थाना तक तथा एसपी ऑफिस तक जाकर कई चक्कर लगाकर आवेदन दे चुका है लेकिन आज तक उसकी नाथ रिपोर्ट लिखी गई ना शिकायत की जांच की गई और ना ही आरोपियों का कोई पता लगाने की पुलिस द्वारा कोशिश की गई।
एसपी ऑफिस पहुंचकर 11 मई 2026 को देवेंद्र काशी द्वारा दी गई शिकायत उसके घर में 10 तारीख की रात में ताला तोड़कर घुसने के बाद अलमारी का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों द्वारा किस तरह से चांदी सोने के समान और नगदी को डाका डाल कर ले जाया गया इसका पूरा उल्लेख किया गया है। लेकिन तत्कालीन चौकी प्रभारी द्वारा मामले की शिकायत लेने से लेकर जांच करने तक में कोई रुचि नहीं दिखाई गई। नतीजन पड़ोस में रहने वाले एक और परिवार को 3 जुलाई की रात डकैती जैसी बड़ी वारदात का शिकार होना पड़ा और इस मामले में भी पुलिस ने क्या रिपोर्ट दर्ज की है इसका आवेदक को भी पर पता नहीं है..

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