इंडियन ऑयल के रीजनल अधिकारी से जवाब तलब
दमोह। जिले में पेट्रोल पंपों पर लगातार किए जा रहे आकस्मिक निरीक्षण में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण और विक्रय करने वाले चार पेट्रोल पंपों को सील कर दिया है। वहीं 33 पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही इंडियन ऑयल कंपनी के जबलपुर स्थित रीजनल अधिकारी से भी जवाब.तलब किया गया है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि निरीक्षण में पाया गया कि कई
पेट्रोल पंप बिना विस्फोटक लाइसेंस अथवा लाइसेंस के नवीनीकरण के ही पेट्रोल
और डीजल का भंडारण एवं विक्रय कर रहे थे। यह न केवल विस्फोटक अधिनियम और
संबंधित नियमों का उल्लंघन है बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर
विषय भी है। इसी के मद्देनजर संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों के विरुद्ध
वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है।
उन्होने कहा इंडियन ऑयल कंपनी के रीजनल
अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया है क्योंकि बिना वैध लाइसेंस वाले
पेट्रोल पंपों को ईंधन उपलब्ध कराया जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा
कंपनी की ओर से जानकारी दी गई है कि प्रदेशभर में ऐसे मामलों की समीक्षा की
जा रही है तथा दमोह जिले के सभी 33 पेट्रोल पंपों के लिए विस्फोटक लाइसेंस
हेतु आवेदन तत्काल करा दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा जिस अवधि
में संबंधित पेट्रोल पंपों के पास वैध लाइसेंस नहीं थाए उस दौरान
पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण और विक्रय किया जाना दंडनीय अपराध है। इसलिए
संबंधित संचालकों और कंपनी की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की
जाएगी। उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों से शासन के नियमों का पूर्ण पालन
करने की अपील करते हुए कहा वैध लाइसेंस प्राप्त होने के बाद ही संचालन
करें। साथ ही प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निःशुल्क हवा पेयजल और शौचालय जैसी
अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जायें। भविष्य के
निरीक्षणों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पेट्रोल पंपों से प्रदाय पेट्रोल डीजल की गुणवत्ता एवं मात्रा की जांच भी जरूरी- दमोह नगर सहित जिले भर में संचालित विभिन्न पेट्रोल पंपों से उपभोक्ताओं को प्रदाय किए जाने वाले पेट्रोल डीजल की गुणवत्ता एवं मात्रा की जांच की अपेक्षा भी कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव से की जा रही है। दरअसल अधिकांश वाहन मालिकों एव चालकों की लंबे समय से शिकायत रही है कि उनकी गाड़ी में निर्धारित से कुछ प्वाईट कम मांत्रा में पेट्रोल डीजल डाला जाता है जबकि दिखावे में पेट्रोल पंप के मीटर से पूरा पेट्रोल डीजल दिया जाना नजर आता है। पिछले दिनों कुछ पेट्रोल पंपों की जांच में स्टाक से ज्यादा मात्रा में पाए गए पेट्रोल डीजल को इसी का नतीजा माना जा रहा है। वहीं अनेक पंपों से पेट्रोल डीजल डलवाने पर वाहनों की एवरेज में कमी को ध्यान में रखते हुए मिलावट की आशंका जताई जाती रही है। ऐसे में कलेक्टर महोदय से अपेक्षा की जा रही है कि इस ओर भी ध्यान देकर जाचं कार्यवाही की जाए।
गैस सिलेंडर होम डिलेवरी के नाम पर 25 रूपए बसूली- जिले के रसोइ गैस उपभोक्ताओं से सिलेंडर की होम डिलवरी के दौरान गैस एजेंसियों के हाकरों के द्वारा 25 से 30 रूपए तक की राशि बसूली जाती है। जबकि गैस सिलेंडर की राशि में होम डिलेवरी शुल्क भी शामिल रहता है। जो उपभोक्ता उपरोक्त नियम का हावाला देते है उनके घर समय पर सिलेंडर पहुचाने में आनाकानी की जाती रही है वहीं हाकरों के द्वारा होम डिलेवरी राशि गैस एजेंसी संचालक द्वारा उनकों नहीं देने की बजह से उपभोक्ता से राशि बसूलने की बात भी कही जाती रही है। ऐसे में कलेक्टर श्री यादव से इस मामले मे भी कार्यवाही की जनापेक्षा की जा रही है..

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