डकैती बनाम लूट की बड़ी बारदात के दो आरोपी हफ्ते भर बाद पुलिस के हत्थे चढ़े.. चार अभी भी फरार, एसपी ने किया खुलासा..

डकैती की घटना को पुलिस अभी भी बता रही लूट

दमोह। देहात थाना अंतर्गत नरसिंहगढ़ चौकी क्षेत्र में 4 जुलाई की रात सुखी पिपरिया गांव में विजय जैन के घर पर आए आधा दर्जन बदमाशों प्लानिंग के तहत घर में घुसकर तथा बाहर रेकी करते हुए डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान बदमाशों ने माउजर की नोक पर विजय जैन को बंधक बनाकर तथा उनकी पत्नी को धमका कर लाखों के सोने चांदी के जेवरात ले उड़े थे।

इस सनसनी खेज वारदात का पर्दाफाश करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था क्योंकि घटनास्थल जहां स्टेट हाईवे से चंद कदम की दूरी पर था वही वारदात मंत्री लखन पटेल के निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत घटित हुई थी। वारदात में शुरू से ही फरियादी के द्वारा आधा दर्जन बदमाशों की उपस्थिति का उल्लेख किया जाता रहा था लेकिन पुलिस डकैती की बजाय लूट जैसी घटना बताती रही थी। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु एसपी द्वारा अलग-अलग टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज साइबर सेल की मदद से आखिरकार 30 सदस्य पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्त में लेकर उनके कब्जे से साढ़े आठ रुपए के सोने चांदी के गने गहने आदि सामग्री बरामद करने में सफलता हासिल की है। जबकि चार आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर है.

रविवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी आनंद कलादगी इस मामले मैं पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से मीडिया कर्मियों को अवगत कराया। इस दौरान सीएसपी एचआर पांडे तथा देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय भी मौजूद रहे। दिनांक 04 जुलाई 2026 की रात्रि में फरियादी विजय जैन, निवासी सूखी पिपरिया, थाना दमोह देहात ने डायल-112 पर सूचना दी कि रात्रि लगभग 01:00 से 01:30 बजे के बीच चार अज्ञात व्यक्ति घातक हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर मारपीट की तथा घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण एवं नगदी सहित लगभग ₹12.70 लाख की संपत्ति लूटकर फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना दमोह देहात पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ एवं साइबर टीम की सहायता से भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए तथा बाहरी क्षेत्रों में नाकाबंदी कराई गई । पुलिस अधीक्षक श्री आनंद कलादगी द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹10,000 के इनाम की घोषणा की गई। आरोपियों की तलाश हेतु लगभग 30 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की 06 विशेष टीमें गठित कर जिला एवं सीमावर्ती जिलों में लगातार दबिश दी गई। जांच के दौरान लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया तथा अनेक संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। 

गठित टीम ने मुखबिर तंत्र, सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही शंकर यादव एवं राहुल अहिरवार से पूछताछ की।  पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, मोटर साइकिल, धारदार कटर तथा लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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