ई-अटेंडेंस एवं सार्थक ऐप की तकनीकी समस्याओं को लेकर संयुक्त मोर्चा का प्रदर्शन.. इधर मूंग की मात्र 25 % खरीदी के विरोध में ज्ञापन..

अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का प्रदर्शन ज्ञापन

दमोह। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिला प्रमुख श्री सत्यनारायण तिवारी के नेतृत्व में मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय के नाम कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था से उत्पन्न हो रही समस्याओं के निराकरण की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि ई-अटेंडेंस को वेतन कटौती से नहीं जोड़ा जाए, क्योंकि तकनीकी समस्याओं, नेटवर्क बाधित होने, मोबाइल खराब होने, सर्वर समस्या एवं अन्य व्यवहारिक कठिनाइयों के कारण कर्मचारी एवं शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। वास्तविक कार्य एवं उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से निर्णय लिया जाए।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग में लागू सार्थक ऐप में आ रही परेशानियों से भी कलेक्टर महोदय को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सार्थक ऐप में तकनीकी दिक्कतों, नेटवर्क समस्या, लॉग-इन एवं लॉग-आउट में परेशानी तथा ऐप संचालन से संबंधित अन्य समस्याओं के कारण कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से आर्थिक एवं मानसिक परेशानी से बचाने के लिए सार्थक ऐप एवं ई-अटेंडेंस प्रणाली को व्यवहारिक एवं सुगम बनाने की मांग की गई। कलेक्टर महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया गया है। जिन कर्मचारियों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है, उनका वेतन प्रभावित हुआ है, जबकि जिन कर्मचारियों ने सार्थक ऐप में लॉग-इन किया है लेकिन तकनीकी कारणों से लॉग-आउट नहीं कर पाए हैं, उनका वेतन जारी किया जाएगा। साथ ही 3 जुलाई तक की अवधि के लिए आवश्यक शिथिलता प्रदान की गई है।
स्कूल शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर एक माह के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा ब्लॉक एवं जन शिक्षा केंद्र स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित कराने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी श्री सत्यम चौरसिया को ई-अटेंडेंस से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर शासन से मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा  दमोह के जिला प्रमुख श्री सत्यनारायण तिवारी सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संयुक्त मोर्चा ने कहा कि कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ई-अटेंडेंस एवं सार्थक ऐप व्यवस्था में आवश्यक सुधार कर समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है। संगठन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
स्वास्थ्य कर्मचारियों को जून माह का वेतन यथाशीघ्र मिलेगा.. दमोह जिले के विभिन्न ब्लाकों में काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों को जून माह का वेतन सार्थक ऐप पर चेक आउट न करने के कारण कलेक्टर द्वारा रोक दिया गया था जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था म.प्र. स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष बीएम दुबे ने बताया कि जून माह के वेतन के आहरण एवं सार्थक ऐप के संबंध में संघ द्वारा ज्ञापन भी दिए गए थे। इस विषय पर कलेक्टर से चर्चा हुई जिसमें बीएम दुबे द्वारा कलेक्टर को कर्मचारियों की फील्ड में खराब नेटवर्क एवं अन्य समस्याओं के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई, कलेक्टर ने जून माह में सार्थक ऐप पर चेक आउट की छूट देते हुए वेतन का आहरण होने पर सहमति व्यक्ति की लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब हर स्वास्थ्य कर्मचारी को सार्थक ऐप पर चेक आउट करना अनिवार्य है अन्यथा वेतन का आहरण नहीं होगा साथ ही सभी कर्मचारी पूर्ण ईमानदारी से जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें।
मूंग की मात्र 25 % खरीदी के विरोध में भारतीय किसान संघ का ज्ञापन..दमोह।  प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन में किसानों के कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने के निर्णय के विरोध में भारतीय किसान संघ ने दमोह जिले की सभी तहसीलों में किसानों के साथ व्यापक स्तर पर प्रदर्शन कर संबंधित तहसीलदारों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भारतीय किसान संघ ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की मेहनत से उत्पादित मूंग का केवल 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाना किसानों के साथ अन्याय है। शेष 75 प्रतिशत उपज किसानों को खुले बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संघ ने बताया कि वर्तमान में मूंग का बाजार भाव समर्थन मूल्य से काफी कम होने के कारण किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसान पहले ही मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती उत्पादन लागत, महंगे बीज, उर्वरक, कीटनाशक एवं सिंचाई खर्च जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में सरकार की सीमित खरीदी नीति किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक कमजोर कर रही है। भारतीय किसान संघ ने सरकार से मांग की कि दमोह जिले सहित पूरे प्रदेश में किसानों की मूंग की 100 प्रतिशत उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके तथा उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो भारतीय किसान संघ किसानों के साथ मिलकर चरणबद्ध एवं व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में किसानों के हितों की रक्षा एवं 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील की एवं ज्ञापन में पदाधिकारीयों और किसानों की उपस्थिति रही । ज्ञापन देने बालो में राममिलन पटेल प्रांत प्रचार प्रमुख,  गजेंद्र संभाग प्रचार प्रमुख, भूपेंद्र जिला प्रचार प्रमुख, प्रहलाद तहसील अध्यक्ष पथरिया, मुकेश पटेल तहसील मंत्री,  तीरथ पटेल जिला बीज आयाम प्रमुख, राकेश , गोवर्धन, तुलसीराम, उमाशंकर, नंदराम आदि शामिल रहें।
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