अभाना में पंचायत का नाली निर्माण कार्य चर्चाओं में..
दमोह। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर जबलपुर रोड पर अभाना ग्राम पंचायत में स्टेट हाईवे के किनारे नाली निर्माण के नाम पर चौंकाने वाले हालत सामने आए हैं। कायदे से नाली निर्माण का यह कार्य घर दुकानों से सटकर कराया जाना चाहिए था लेकिन इसको सड़क तरफ कराया जा रहा है और इस तरफ जिम्मेदार जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान नहीं जाना आश्चर्यचकित करने वाला है।
दमोह जबलपुर रोड पर अभाना ग्राम पंचायत तीन
प्रमुख मार्गों का केंद्र बिंदु है। यहां से एक सड़क नोहटा जबेरा कटंगी
होते हुए जबलपुर को जाती है। दूसरी सड़क तेजगढ़ तेंदूखेड़ा पाटन होकर जबलपुर
को जाती है। यह दोनों हैवी ट्रैफिक वाली दिन रात वाहनों की आवाजाही वाली
सड़के है तथा इन दोनों सड़कों पर पढ़ने वाले दमोह जिले के अधिकांश क्षेत्र
जबरा विधायक को प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री धर्मेंद्र
सिंह लोधी के निर्वाचन क्षेत्र में आते हैं। नोहटा रोड को स्टेट हाइवे का
दर्जा प्राप्त है वही इसको नेशनल हाईवे में बदलने टेंडर हो चुका है। वही एक
अन्य सड़क बांदकपुर हिंडोरिया होकर बनगांव से हटा पन्ना को जोड़ती है।
मुख्य रूप से दमोह जबलपुर सड़क के दोनों और अभाना ग्राम का व्यावसायिक
क्षेत्र अर्थात बाजार संचालित है। जिससे सड़क के दोनों तरफ लोगों के घर
दुकानों के आगे तक टीन शेड गुमटी आदि का कच्चा अवैध अतिक्रमण फैला हुआ है।
समझा जा सकता है कि अधिकांश जगह पर नाली निर्माण हेतु घर दुकानों के किनारे
की जगह पर अवैध अतिक्रमण पसरा हुआ है। वही दिन में अनेक बार इस मैन रोड पर
वाहनों की क्रॉसिंग में समस्या के चलते जाम के हालात बनने से सड़क हादसे
होते रहते हैं।
अवैध कब्जे हटाकर क्यो नही हो रहा निर्माण.. कायदे
से सड़क किनारे फैले अवैध अतिक्रमण को हटाकर नाली का निर्माण कराया जाना
चाहिए था जिससे बरसात का पानी सड़क पर बहने के बजाय सीधा गांव के बाहर निकल
जाता। वही दिन में अनेक बार लगने वाले जाम के हालात से स्थानीय निवासियों
के साथ वाहन चालकों को राहत मिलती। लेकिन इसके
विपरीत स्टेट हाईवे से चंद कदम की दूरी पर नाली निर्माण का कार्य ग्राम
पंचायत द्वारा कराया जा रहा है। जिस वजह से आने वाले दिनों में भी यहा पर
इसी तरह से जाम के हालात बनते रहेंगे तथा सड़क तक फैले अवैध टपरे गुमटियां
तथा तीन शेड हादसों की वजह बनते रहेंगे। यहां चल रहे निर्माण कार्य से गांव
के अधिकांश लोग सहमत नहीं है।
चाहकर भी विरोध नही कर पा रहे स्थानीय लोग.. लेकिन
फिर भी इस तरह के निर्माण पर आपत्ति दर्ज करने लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिसकी दो बजह निकल कर सामने आई है। जिन लोगों के घर दुकान के बाहर तक फैले
कब्जे को छोड़कर या नाली निर्माण कराया जा रहा है वह यह सोचकर खुश है कि
उनका कब्जा हटने से बच गया। वहीं जिन लोगों का यहां से रोज निकलना होता है
वह गांव के सरपंच तथा उनके लोगों से बुराई लेना नहीं चाहते इस वजह से चुप
तो है लेकिन मीडिया से इस मामले में मदद चाहते हैं।
सरपंच का सांसद का नजदीकी होना भी एक बजह.. दरअसल
अभाना ग्राम पंचायत के सरपंच गोविंद सिंह दमोह सांसद राहुल सिंह के नजदीकी
सनर्थको में गिने जाते हैं। राहुल सिंह जब कांग्रेस में थे और कांग्रेस से
विधायक हुआ करते थे तब भी यह उनके खास थे और पंचायत स्तर से लेकर विभिन्न
निर्माण कार्यों को कराते हस्तक्षेप रखते थे। राहुल सिंह के भाजपा में
शामिल होने के बाद यह भी भाजपा में आ गए तथा सरपंच होने के साथ इनकी गिनती
अब भाजपा के स्थानीय अग्रणी नेताओं में होती है। अन्य
विधानसभा क्षेत्र में भी इनके कार्य चलने की बात सामने आती रही है। चूंकि
यह नाली निर्माण का कार्य ग्राम पंचायत करा रही है ऐसे में यह सही हो रहा
है या गलत इसको लेकर लोग खुलकर बोलने से बचने की कोशिश कर रहे हैं। सड़क
किनारे हो रहे नाली निर्माण कार्य के संदर्भ में सरपंच गोविंद सिंह से
मोबाइल पर जब संपर्क करने की कोशिश की गई उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया
गया। वही दमोह जनपद पंचायत के अभाना सेक्टर के उपयंत्री अमित कुमार का कहना
था कि ग्राम पंचायत द्वारा अलग अलग हिस्सों में नाली निर्माण का कार्य
कराया जा रहा है। जबकि करीब नौ लाख रुपए की लागत से कराए जा रहे नाली
निर्माण के सड़क किनारे होने के मामले में उनका कहना था कि मैं मौके पर
देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
नया नाली निर्माण या मरम्मत को लेकर भी संशय..
अभाना में हो रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों का कहना
है कि पूर्व में सड़क निर्माण के दौरान सड़क कंपनी के द्वारा जहां जैसी जगह
मिली थी वहां दोनों तरफ नाली का निर्माण कराया गया था। उस समय भी बाजार
क्षेत्र में लोगों के घर दुकानों के किनारे से कब्जे हटाने के विवाद से
बचने के लिए आधी अधूरी नाली बनाकर उसे आपस में जोड़ा भी नहीं गया था। जिस
वजह से बरसात के पानी में नाली पैक होने के बाद उसका पानी सड़क पर बेहकर
सड़क में गड्ढे करता रहा है। वर्तमान में जो नाली निर्माण कार्य चल रहा है
गांव के लोग उसे पुराने नाली की मरम्मत का कार्य बता रहे हैं। जबकि
उपयंत्री अमित कुमार का कहना है कि नया नाली निर्माण कार्य हेतु राशि मंजूर
की गई थी। ऐसे में सवाल यही उठ रहा है की क्या पुरानी नाली की मरम्मत करा
कर नया दर्शा दिया जाएगा। फिलहाल इसको लेकर भी सरपंच गोविंद सिंह का अभिमत
नहीं मिल सका है।
दमोह जबलपुर हाइवे निर्माण के टेंडर लग चुके है.. दमोह
जबलपुर स्टेट हाईवे को हाइवे के रूप में डेवलप करने के लिए केंद्रीय
मंत्री श्री नितिन गडकरी जहां भूमि पूजन कर चुके हैं वही इस सड़क के
निर्माण हेतु टेंडर भी लग चुके है। जिससे अभाना क्षेत्र में भी वाहनों की
आवाजाही और भी अधिक बढ़ जाएगी। हालांकि नए हाईवे में अभाना में बाईपास
प्रस्तावित है। लेकिन इसको बनने में अभी अनेक वर्ष लग सकते है वही इससे
वर्तमान सड़क की उपयोगिता कम नहीं होगी।
जनप्रतिनिधियो अधिकारियो न्यायाधीश गणों से स्वत संज्ञान की
अपेक्षा.. अभाना ग्राम पंचायत सरपंच के प्रभावशाली व्यक्ति होने की वजह से
सड़क किनारे हो रहे नाली निर्माण को लेकर आपत्ति दर्ज नहीं कर पा रहे लोग
अपने जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से यह अपेक्षा रखते हैं कि
वही स्वयं इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करें। उल्लेखनीय की दमोह
विधायक श्री जयंत मलैया, मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, श्री धर्मेंद्र सिंह
लोधी, श्री लखन पटेल तथा सांसद श्री राहुल सिंह लोधी, कलेक्टर श्री प्रताप
नारायण यादव सहित न्यायाधीश गणों का अक्सर इस मार्ग से आना-जाना होता है।
वर्तमान में यहां जो हालात है उनको ध्यान में रखते हुए स्वत संज्ञान में
लेकर डाली निर्माण कार्य घर दुकानों से सटाकर आपस में कनेक्ट करके करने के
निर्देश ग्राम पंचायत को दिए जाएं। जिससे यहां पर होने वाले यातायात
आव्यवस्था के हालत से निजात मिलने के साथ सड़क पर पानी भराव के हालात से
निजात मिल सके।.. पिक्चर अभी बाकी है..



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