पंचायत सचिव एवं चपरासी रिश्वत लेते पकड़े गए
दमोह। जिले भर में पीएम आवास की दूसरी किस्त हितग्राही के खाते में डालने के बदले में वंचायत स्तर पर दस हजार रूपए रिश्वत के तौर पर लिए जा रहे है। जिन लोगों ने पहली किस्त की राशि का उपयोग करने के बजाए हजम कर लिया है उनकों भले ही दूसरी किस्त के लिए दस हजार देने में कोई दिक्कत न हो लेकिन जिनने पहली किस्त से निर्माण कराया है उनकों दूसरी किस्त का बेसव्री से इंतजार बना हुआ है। ऐसे में दस हजार से कम में सरपंच सचिव के तैयार नहीं होने पर एक हितग्राही के पति द्वारा लोकायुक्त की मदद से सचिव के साथ सरपंच का हिस्सा ले रहे चपरासी को पकड़वाने का मामला सामने आया है।सागर लोकायुक्त की टीम ने मई माह में दूसरी बार दमोह जिले में पहुंचकर रिश्वत मामले में रंगे हाथों पकड़ने के बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्यवाही की है। इस बार लोकायुक्त के चुंगल में पंचायत सचिव एवं चपरासी फंसा है। इनके द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना तहत हितग्राही को किस्त जारी करने के बदले में दस हजार की मांग की गई थी चार हजार रूपए पहले लिए जा चुके थे बाकी के 6 हजार रूपए लेते हुए इनकों पकड़ा गया है। सरपंच पति की जगह रिश्वत की रकम ले रहे चपरासी को भी पकड़कर आरोपी बनाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को दमोह जिले के तेजगढ़ पहुंची सागर लोकायुक्त की टीम ने तेजगढ़ ग्राम पंचायत के सचिव जुगराज लोधी एवं ग्राम पंचायत के चपरासी गुड्डा रैकवार को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ने के बाद में कार्यवाही की है। दरअसल पंचायत सचिव के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जारी करने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। जिसकी शिकायत एक हितग्राही महेंद्र कोष्ठी ने सागर लोकायुक्त एसपी से की थी। जिसकी पुष्टि करने के बाद आज निरीक्षक मंजू किरण तिर्की एवं निरीक्षक रंजीत सिंह के साथ लोकायुक्त टीम के द्वारा तेजगढ़ पहुंचकर ट्रैप कार्यवाही की गई।आवेदक महेंद्र कोष्टी ने बताया कि पत्नी उषा कोष्टी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है जिसकी दूसरी किश्त डालने और जिओ टेंगिग करने के एवज में ₹10000 रिश्वत की मांग पंचायत सचिव द्वारा की जा रही थी, आवेदक के द्वारा लोकायुक्त कार्यालय सागर उपस्थित होकर पुलिस अधीक्षक महोदय के समक्ष आवेदन पत्र दिया गया आवेदन पत्र का सत्यापन किया गया सत्यापन के दौरान अनावेदक सचिव ने 4 हजार रुपए रिश्वत राशि प्राप्त की गई शिकायत सत्यापन उपरांत सोमवार को अनावेदक पक्ष को लोकायुक्त दल द्वारा 6000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों लोकायुक्त पुलिस द्वारा पकड़ा गया अग्रिम कार्यवाही जारी है ।उल्लेखनीय की लोकायुक्त सागर की हाल ही में दूसरी करवाई है महज एक सप्ताह पूर्व लोकायुक्त द्वारा शिक्षा विभाग के एक बाबू पर भी 80000 की रिश्वत लेते शिकंजा कसा गया था ।



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