एक बाबू सस्पेंड दूसरे को भृत्य के साथ मूल विभाग..
दमोह। घर का भेदी लंका ढाय की तर्ज पर रानी दुर्गावर्ती संयुक्त कलेक्टोरेट भवन से गोपनीय सूचनाए लीक होने तथा इसमें कलेक्टर के स्टेनो कक्ष की भूमिका संदिग्ध होने का सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है। मोबाइल और टेलीफोन की जांच में इसका खुलासा होने के बाद कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक चर्चित बाबू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है वहीं दूसरे को भृत्य सहित मूल विभाग में भेजने के निर्देश दिए है।
दरअसल नवागत कलेक्टर श्री यादव प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के
साथ आम आदमी की समस्याओं से निजात दिलाने के मामले में सख्त तेवर अपनाए हुए
है वहीं कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण व त्वरित कार्यवाही से बाबू लेबिल पर
सेंटिंग करके वन टू फोर करने वालों में हड़ंकप मची हुई है। कलेक्टर के
लगातार दौरे व सख्त कार्यवाही से विचलित गड़बड़ी करने वाले तबके को यह खटका
बना रहता था कि कहीं उनके क्षेत्र में अचानक कलेक्टर न पहुच जाए। इसके लिए
उनके द्वारा स्टेनो शाखा में वर्षो से पदस्थ सेंटिंग बाज कर्मचारियों से
जानकारी ली जाती थी वहीं कथित मुखबिर खबरचियों से भी इसकी पुष्टि करने की
कोशिश की जाती थी। हालांकि श्री यादव के कलेक्टर बनकर आने के बाद ऐसे
खबरचियों को भी यह भनक नहीं लग पाती थी कि साहब कहां जा रहे है इसके बावजूद
वह अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करके पिछल्लू बनने का कोई मौका नहीं छोड़ते
थे। ऐसे ही कुछ हालातों के बीच आज कलेक्टर के पास पहुचे एक काल ने उनको
सोचने को मजबूर कर दिया..
दरअसल कलेक्टर कक्ष में आज कलेक्टर श्री यादव की अन्य अधिकारियों के साथ आकस्मिक निरीक्षण की योजना बनाते समय अधिकारियों के बीच गोपनीय चर्चा चल रही थी। इसी दौरान एक फोन कॉल प्राप्त हुआ जिसमें बताया गया कि सर आप आज यहाँ आने वाले हैं। इस सूचना ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को संदेह में डाल दिया क्योंकि निरीक्षण की योजना पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी और किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
कर्मचारी निलंबित टेलीफोन सील.. कलेक्टर श्री यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सीट पर कार्यरत कर्मचारी सहायक ग्रेड सचिन खरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही लंबे समय से पदस्थ सहायक ग्रेड.3 अजय कुमार असाटी भृत्य जयदेव अहिरवार को भार मुक्त कर उनके मूल विभाग सर्व शिक्षा केंद्र भेज दिया गया। उन्होने बतायाए दोनों संदिग्ध टेलीफोन सील कर दिए हैं तथा मामले की विस्तृत जांच के लिए संबंधित एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया है। पिक्चर अभी बाकी है..


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