मासूम की हत्या, नवागत एसपी भी मौके पर पहुचे
दमोह। जिले के तेजगढ़ थाना अंतर्गत महुआ खेड़ा गांव से कल से लापता तीन साल के मासूम अनिरुद्ध का शनिवार को घर से थोड़ी ही दूर पर भूसे के ढेर में शव मिलने से सन सनी के हालात बनते देर नही लगी। मासूम की हत्या की आशंका के बीच नवागत एसपी आनंद कलादगी ने मौके पर पहुचकर जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। यह रंजिशन बारदात है या कोई ओर बजह पुलिस जांच में जुटी हुई है।
तीन साल के
मासूम अनिरुद्ध हत्या की सनसनीखेज की वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
शुक्रवार दोपहर घर के आंगन में खेलते समय अचानक लापता हुए मासूम का शव
शनिवार दोपहर घर से महज 50 मीटर दूर भूसे के ढेर पर मिला। घटना के बाद पूरे
गांव में मातम, आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी
के अनुसार, शुक्रवार दोपहर मासूम अनिरुद्ध अचानक लापता हो गया था। परिजनों
ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो अपहरण की आशंका जताते
हुए पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और गांव
सहित आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान शुरू किया गया। कुओं और सुनसान
इलाकों में भी तलाश की गई। ग्रामीणों द्वारा गांव में एक सफेद कार और
कपड़ा बेचने वाले संदिग्ध बाइक सवार को देखे जाने की जानकारी भी पुलिस को
दी गई थी। शनिवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब बच्चे
का शव घर के पास ही भूसे के ढेर पर पड़ा मिला। शव पर चोट के निशान पाए गए
हैं, जिससे साफ तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है।
सूचना
मिलते ही पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का
निरीक्षण किया।पुलिस ने गांव के ही एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर
पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं सागर से एफएसएल टीम को बुलाया गया है, जो
घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करेगी। पुलिस ने सबूत सुरक्षित रखने के लिए शव
को तत्काल नहीं हटाया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। मासूम
के पिता माखन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बीचोंबीच से बच्चे का
गायब होना और फिर उसी इलाके में उसका शव मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा
है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। सबसे
चिंता की बात यह है कि अब ऐसी खौफनाक घटनाएं छोटे-छोटे ग्रामीण इलाकों में
भी लगातार सामने आने लगी हैं। कभी इस तरह की वारदातें केवल बड़े शहरों या
फिल्मी दुनिया की कहानियों तक सीमित मानी जाती थीं, लेकिन अब गांवों में
मासूम बच्चों तक की निर्मम हत्या होना समाज और कानून व्यवस्था दोनों पर
गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर ऐसा क्या कारण है कि अपराधियों के मन से
कानून का भय खत्म होता दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि
दमोह जिले में दो महीने के भीतर मासूमों की हत्या की यह दूसरी बड़ी घटना
है। इससे पहले नोहटा थाना क्षेत्र में भी एक मासूम की हत्या का मामला सामने
आया था और अब तेजगढ़ थाना क्षेत्र में यह दर्दनाक वारदात दोहराई गई है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा
रहा है। वहीं दमोह जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के लिए पदभार
संभालते ही यह एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। अब पूरे जिले की निगाहें
पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। लोग यह देखना चाहते हैं कि आखिर मासूम के
हत्यारे को दमोह पुलिस कितनी जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाती है और इस जघन्य
वारदात का खुलासा कब तक होता है। घटनास्थल से अरविंद सिंह लोधी की खबर



0 Comments