लोक अदालत ने बिछड़े दंपत्ति को फिर मिलाया
दमोह।
9 मई शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा
प्राधिकरण के आव्हान पर जिला स्तर पर प्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी के
मार्गदर्शन में वर्ष की द्वितीय लोक अदालत का आयोजन किया गया प्रातः 10 बजे
प्रधान न्यायाधीश एवं कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अजहर व
विशेष न्यायाधीश उदय सिंह मरावी समेत सभी न्यायाधीशों एव जिला अधिवक्ता
संघ के अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज समेत चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल मनीष नगाइच की
उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित
कर हुई।
लाडली बहना का प्रकरण रहा सुर्खियों में.. कुटुंब
न्यायालय के समक्ष आया एक रोचक मामला दिन भर सुर्खियों का विषय रहा दरअसल
पथरिया फाटक निवासी सुनीता प्रजापति का विवाह बलेह के मुकेश के साथ बर्ष
2016 में हुआ था शादी के बाद दंपति को दो बच्चे सूर्यकांत और हर्षिता भी थे
किंतु पत्नी को लाडली बहना योजना में मिलने वाले पैसे का हिसाब पति मांगने
लगा इसी बात को लेकर परिवार में कलह शुरू हुई और विवाद बढ़ते बढ़ते
न्यायालय की चौखट तक आ गया बर्ष 2024 से अलग रह रहे दंपत्ति को उनके
अधिवक्ताओं द्रोपदी सिंह एवं जीतेंद्र राजपूत ने समझाइश दी मिडिएशन हुआ और
प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अजहर के दखल के बाद प्रकरण सुलह में बदल गया
मनीष नगाइच चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल ने बताया के पति पत्नी को न्यायालय परिवार ने पौधे दिये ब उनके उज्जवल भविष्य की कामना की साथ ही प्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने दोनों बच्चों को साथ लेकर दंपत्ति को उनका भविष्य शिक्षा परवरिश का वास्ता देकर कहा के ऐसा जीवन जियो के अब आपको दोबारा न्यायालय नहीं आना पड़े।
पक्षियों के सकोरे बने शुभारभ के साक्षी.. आज
की लोक अदालत की शुरुआत जिला न्यायालय परिवार ने जिला न्यायालय में बने
पार्क में पक्षियों को गर्मी में सकोरे टांग कर किया ताकि इस भीषण गर्मी
में मूक पक्षियों को पानी मिल सके। आज
की लोक अदालत में जिला न्यायालय परिसर में 20खंड पीठों का गठन किया गया था
जिसमें चेक,बिजली, मोटर दुर्घटना दावा सामान्य घरेलू विवाद एवं नगरपालिका
बकाया वसूली बैंक ऋण बकाया हेतु लोक अदालत लगाई गई थी जिसमें राजीनामा
करने पर आकर्षक छूट भी उपभोक्ताओं को दी जा रही थी। इस अवसर पर न्यायालय परिवार से विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया एव समस्त कुटुंब न्यायालय परिवार की गरिमामई उपस्थिति रही। अधिवक्ता मनीष नगाईच की कलम से
न्यायालय में लंबित 268 प्रकरणों का हुआ निराकरण.. दमोह। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय हटा पथरिया तेंदूखेड़ा में श्री सुभाष सोलंकी प्रधान जिला न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में किया गया। जिला मुख्यालय दमोह पर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुभाष सोलंकी द्वारा एडीआर भवन में मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मोहम्मद अजहर विशेष न्यायाधीशध्प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत श्री उदय सिंह मरावी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री स्नेहा सिंह सहित जिला मुख्यालय दमोह में पदस्थ समस्त न्यायाधीशगण अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ दमोह श्री कमलेश भारद्वाज उपाध्यक्ष श्री सुरेश कुमार खत्री जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रजनीश चौरसिया चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री मनीश नगाइच सहित समस्त डिफेंस काउंसिल उप प्रशासनिक अधिकारी जिला न्यायालय श्री शमीम कुरैशी अध्यक्ष तृतीय श्रेणी न्यायिक कर्मचारी संघ श्री दीपक सोनी अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी न्यायिक कर्मचारी संघ श्री विश्वानाथ बिल्थरे सहित न्यायालयीन व विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित हुये। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सुभाष सोलंकी ने संबोधित करते हुये कहा कि वर्ष की इस द्वितीय लोक अदालत के सफल बनाये जाने हेतु लंबित प्रकरणों की प्रिसिटिंग आयोजित किये जाने हेतु निर्देष दिये गये थे जिसके परिपालन में प्रिसिटिंग आयोजित की जाकर अनेक प्रकरणों में सहमति बनाने का प्रयास किया गया जिसमें अधिवक्ताओं का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है प्रकरणों के निराकरण हेतु संपूर्ण जिले में 20 खण्डपीठों का गठन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 07 प्रकरणों में राषि 4925000ध् रूपये के अवार्ड पारित किये जाकर न्यायालयों में लंबित विद्युत के 46ए वैवाहिक के 14ए चैक अनादरण के 19 एवं दांडिक के 78 प्रकरणों सहित कुल 268 प्रकरणों का नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण किया जाकर कुल 25053417 रूपये के अवार्ड पारित किये गये। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बैंक विद्युत एवं नगरपालिका के कुल 266 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जाकर 6500517 रूपये की वसूली की गई।





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