दमोह मेडिकल कॉलेज के साथ बनेगा नर्सिंग कॉलेज - सांसद राहुल सिंह
दमोह। दमोह जिले में स्वास्थ्य शिक्षा को लेकर एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है।
मेडिकल कॉलेज के बाद अब नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की तैयारी तेज हो गई है।
सरकार से इसकी औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू
होने की संभावना है। दमोह
सांसद राहुल सिंह लोधी ने बताया कि 14 करोड़ 80 लाख की लागत से नर्सिंग
कॉलेज के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है, जो अगले 2-3 दिनों में
खोला जाएगा। यह पहल क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने की दिशा
में महत्वपूर्ण कदम है। नए नर्सिंग कॉलेज में 196 सीटों का प्रावधान किया
गया है। पहले से तैयार नर्सिंग हॉस्टल के साथ अब छात्रों को स्थानीय स्तर
पर ही बेहतर शिक्षा और आवास की सुविधा मिल सकेगी।
सांसद
श्री लोधी ने इस परियोजना के लिए प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और
उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से
क्षेत्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। अब तक दमोह और आसपास के
क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल जाना पड़ता था, जिससे
समय और धन दोनों की अधिक व्यय होता है। स्थानीय मेडिकल कॉलेज के शुरू होने
से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी। उन्होने
कहा जब मरीज और उनके परिजन दमोह में ही इलाज कराएंगे, तो उनके खर्च खाना,
आवास, परिवहन आदि से स्थानीय व्यापारियों को लाभ होगा। इससे शहर की
अर्थव्यवस्था में वृद्धि और समृद्धि आएगी। सांसद श्री लोधी ने कहा समन्ना,
मड़ियादो, पटेरा, पथरिया, जबेरा, तेंदूखेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों के
लोगों को अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही मिलेंगी।
साथ ही
पन्ना, पवई और बकस्वाहा से आने वाले मरीजों से भी दमोह को आर्थिक लाभ होगा। सांसद राहुल सिंह ने बताया नर्सिंग कॉलेज का निर्माण मेडिकल कॉलेज
परिसर के साथ ही किया जाएगा, इसके साथ ही 140 सीटर नर्सिंग हॉस्टल के
निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को
रहने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। नर्सिंग कॉलेज
एवं नर्सिंग हॉस्टल के लिए 14.80 करोड़ रु की प्रशासकीय स्वीकृति
प्रदान की गई है। निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग (P.W.D) की
परियोजना इकाई (P.I.U) द्वारा टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। टेंडर
प्रक्रिया पूर्ण होते ही कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। नर्सिंग कॉलेज एवं नर्सिंग हॉस्टल बन जाने से जिले के छात्रों को बड़ा
लाभ मिलेगा। अब नर्सिंग की पढ़ाई के लिए उन्हें अन्य शहरों का रुख नहीं
करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होने से
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया नर्सिंग कॉलेज शुरू होने से जिले में प्रशिक्षित
नर्सिंग स्टाफ की संख्या में भी वृद्धि होगी, जिससे मेडिकल कॉलेज और
अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। साथ ही युवाओं के लिए
रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मध्य
प्रदेश सरकार की इस पहल से जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा
में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस संबंध में असिस्टेंट रेसिडेंट इंजीनियर जय
बघेल (वस्तुनिधि) ने बताया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा
रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होगा। इस
अवसर पर प्रभारी कलेक्टर मीना मसराम, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.
पीएस ठाकुर, मेडिकल कॉलेज दमोह के प्रभारी डॉ. रमेश पांडे, एसडीएम सौरव
गंधर्व, संजय यादव, भरत यादव, रमाकांत बाजपेई, जुगल अग्रवाल, कृष्णा पटेल,
कणाद खरे, जल निगम के महाप्रबंधक गौरव सराफ, पीआईयू महाप्रबंधक,
प्रधानमंत्री सड़क के महाप्रबंधक देवेश साहू, कार्यपालन यंत्री बीएस यादव,
तहसीलदार रॉबिन जैन, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल, इंजीनियर के.के अग्रवाल
एसडीओ पीडब्ल्यूडी सीमा रजक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी तथा
निर्माण एजेंसी के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।



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