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पहले बंद मीटर का बिल फिर बिना अनुमति स्मार्ट मीटर लगा दिया.. उपभोक्ता फोरम ने विद्युत विभाग की सेवा में कमी मानते हुए क्षतिपूर्ति का आदेश दिया..

विद्युत विभाग द्वारा सेवा में कमी क्षतिपूर्ति का आदेश
दमोह। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग दमोह म.प्र. के द्वारा प्र.कें. 123/25 विनीश श्रीवास्तव बनाम डिवीजनल इंजीनियर म.प्र. वि.वि.कं. दमोह एवं प्र. कं. 133/25 सतीश कुमार नायक बनाम डिवीजनल इंजीनियर म.प्र.वि.वि.कं. दमोह के विरूद्ध उपभोक्ता फोरम प्रकरणों में उपभोक्ताओं ने परिवाद इस आशय का पेश किया कि परिवादी विनीश कुमार श्रीवास्तव द्वारा विद्युत बिलों का लगातार भुगतान किये जाने के बाद भी तकनीकि फाल्ट होने के कारण मीटर बंद होने से मीटर रीडिंग कर्ताओं द्वारा मीटर की रीडिंग न लेने के बाद भी बंद मीटर का बिल दिया गया जिसका परिवादी द्वारा भुगतान भी किया गया तथा उक्त विषय में जांच हेतु आवेदन भी दिया परन्तु विद्युत विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न करते हुए पुनः बंद मीटर का अत्यधिक बिल दे दिया..

शिकायत के कारण दुर्भावनावश नया स्मार्ट मीटर भी परिवादी की अनुपस्थित में परिवादी के घर बिना अनुमति लगा दिया। शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तथा विद्युत बिल 17346/-रूपये का दे दिया गया जिस कारण परिवादी ने बिल जमा नहीं किया जिस पर विद्युत विभाग द्वारा परिवादी की विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई तथा विद्युत बंद होने के बाद भी जुलाई 2025 में परिवादी को 29800 रूपये एवं अगस्त में 32466 का बिल थमा दिया। जिस कारण परिवादी विनीश श्रीवास्तव एवं सतीश नायक ने एक परिवाद अपने अधिक्ता श्री पंकज खरे के माध्यम से उपभोक्ता फोरम दमोह में पेश किया। जिसमें परिवादी एवं अनावेदक विद्युत कंपनी द्वारा अपने-अपने संपूर्ण साक्ष्य पेश किये उसके बाद उपभोक्ता फोरम दमोह द्वारा विद्युत विभाग की सेवा में कमी पाई गई तथा परिवादीगण के पक्ष में फैसला सुनाया..
जिसमें विनीश श्रीवास्तव वाले प्रकरण में बिल में खपत रीडिंग के आधार पर बिल जमा करने का आदेश दिया एवं पुराने बिल की राशि निरस्त कर दी तथा यह भी उल्लेखनीय आदेश किया कि विद्युत कनेक्शन का प्रकार घरेलू है जिस कारण तीन फेस मीटर की आवश्यकता है या नहीं यह भी स्पष्ट किया तथा परिवादी को सेवा में कमी के मद में 9000/-रूपये पृथक से भुगतान करने का आदेश दो माह के भीतर किया है। इसी प्रकार अन्य प्रकरण सतीश कुमार नायक बनाम डिवीजनल इंजीनियन म.प्र.वि.वि.कं. लिमि. में भी परिवाद स्वीकार कर आदेश दिया है कि सतीश कुमार नायक को विद्युत कंपनी द्वारा जुलाई 2025 में राशि 12663/-रूपये का बिल निरस्त किया जाये तथा नया बिल औसत के आधार पर जारी किया जाये तथा जो सरचार्ज लिया है उसे समायोजित किया जाये विद्युत कनेक्शन विच्छेदित नहीं किया जाये एवं परिवादी को 6000/-रूपये सेवा में कमी होने पर पृथक से अदा किया जाये। प्रकरण की पैरवी पंकज खरे एवं धर्मेन्द्र तिवारी अधिवक्ता ने की।

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