फॉर्म. 6 7 एवं 8 के तहत 35809 नाम विलोपित
दमोह। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ हुई थी जिसका समापन आज 21 फरवरी 2026 को हो गया है। चार चरणों में संपन्न इस प्रक्रिया के पश्चात मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की एक.एक प्रति प्रदान कर दी गई है।
कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार जिले में कुल 956497 मतदाता पंजीकृत हैं जिनमें 499659 पुरुष मतदाता 456829 महिला मतदाता 9 अन्य ;थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। जिले का जेंडर रेश्यो 914 दर्ज किया गया है अनुमानित जनसंख्या के विरुद्ध मतदाताओं का प्रतिशत 63.76 है युवा मतदाताओं 18.19 वर्ष की संख्या 14.189 है जबकि 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 3890 है। उन्होने बताया कि फॉर्म.6 नाम जोड़ना फॉर्म.7 नाम विलोपन और फॉर्म.8 संशोधन की कार्यवाही के उपरांत 35809 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में सम्मिलित नहीं हैं। सभी प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं समेकन कर पात्र मतदाताओं को जोड़ा गया तथा अपात्र नामों को हटाया गया। चार चरणों में आईं विभिन्न चुनौतियाँ.. कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि एसआईआर के प्रथम चरण में सबसे बड़ी चुनौती फॉर्म को सही तरीके से भरवाना और उनका संकलन करना था। द्वितीय चरण में नो मैपिंग एवं लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी से संबंधित प्रकरण सामने आए जिनकी सुनवाई कर निराकरण किया गया। तृतीय चरण में फॉर्म. 6 7 और 8 के आवेदनों का समेकन कर पात्रता के अनुसार नाम जोड़ने एवं हटाने की प्रक्रिया संपन्न हुई। चतुर्थ एवं अंतिम चरण में मतदाता सूची का विधिवत प्रकाशन किया गया। प्रत्येक चरण में अलग.अलग प्रकार की प्रशासनिक चुनौतियाँ सामने आईं जिनका सफलतापूर्वक समाधान किया गया।
भाषाई सहयोग से हुआ सुगम संवाद.. कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि उडिया बंगाली एवं मराठी भाषा को लेकर कुछ विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी। इस दौरान कई स्वयंसेवी शिक्षक आगे आए और उन्होंने संबंधित भाषाओं का इंटरप्रिटेशन कर प्रशासन की सहायता की। इससे प्रशासन और मतदाताओं के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सका और प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से पूर्ण किया जा सका। सभी के सहयोग से संपन्न हुई निष्पक्ष प्रक्रिया.. कलेक्टर श्री कोचर ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लगे उप.जिला निर्वाचन अधिकारी ईआरओ एईआरओ बीएलओ बीएलओ सुपरवाइजर निर्वाचन टीम राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोगए परिश्रम और सतत संवाद के कारण यह संपूर्ण प्रक्रिया निष्पक्षए पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो सकी।1 मार्च 2026 से लागू होगी उर्वरक वितरण व्यवस्था नई व्यवस्था.. दमोह। प्रदेश सरकार द्वारा उर्वरक वितरण व्यवस्था हेतु विकास प्रणाली का विकास किया गया है इसके क्रियान्वयन एवं लागू किए जाने के उद्देश्य से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की मौजूदगी में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती मीना मसराम जिला जनसंपर्क अधिकारी वायए कुरैशी जिला विपणन अधिकारी इंद्रपाल सिंह राजपूत जिला सलाहकार गिरवर पटेल एवं जिले के सम्मानीय पत्रकार गण की उपस्थित थे। कृषि विभाग के सहायक संचालक जेएल प्रजापति द्वारा उर्वरक वितरण की ई.विकास प्रणाली का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।
सहायक संचालक श्री प्रजापति ने बताया उर्वरक वितरण की ई.विकास प्रणाली किसानों को उर्वरक प्रदान करने हेतु पारदर्शी सुगम सरल एवं जवाब देही प्रक्रिया है जिसमें किसानों को घर बैठे बिना लाइन लगे अपने मोबाइल से ई.टोकन बुक कर डबल लॉक केंद्रों निजी विक्रेताओं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियोंए एमपी एग्रो मार्केटिंग समिति आदि किसी भी जगह से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया प्राथमिक सहकारी समितियां मेंए सभी निजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में सभी डबल लॉक केंद्रों में सभी ग्राम पंचायत में सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में क्यूआर कोड चस्पा किए जा रहे हैं ताकि किसान बंधु क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे उर्वरक वितरण की ई.विकास प्रणाली के माध्यम से स्वयं अथवा विभाग के अधिकारीध् कर्मचारियों से निरूशुल्क टोकन बुक कर सकेंगे। उन्होंने बताया किसान बंधुओं अपने आधार कार्ड से पंजीयन करा कर तथा एग्री स्टेट आईडी से अपनी भूमि की जानकारी जोड़कर अपनी पसंद के विक्रेता का चयन कर आसानी से खाद प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी किसान बंधुओ से आग्रह किया है कि जिन किसान बंधुओं ने अपनी एग्री स्टेट आईडी नहीं बनवाई है ऐसे किसान बंधु जल्द से जल्द अपनी एग्री स्टेट आईडी बनवा ले ताकि उर्वरक प्राप्त करने में कोई समस्या ना हो । आगे भविष्य में एग्री स्टेट आईडी से ही कृषि से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ दिया जाना प्रस्तावित है। ज्ञातव्य है जिले में दिसंबर माह से ई.टोकन प्रणाली लागू है जो सिर्फ डबल लॉक केंद्रोंए एमपी एग्रो एवं मार्केटिंग सोसायटी से खाद प्राप्त करने हेतु लागू की गई थी परंतु उर्वरक वितरण की ई.विकास प्रणाली सभी प्रकार के उर्वरक विक्रेताओं के लिए जिले में 01 मार्च 2026 से लागू की जा रही है।




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