बाइकों की भिड़ंत में दो की मौत एक जबलपुर रेफर
दमोह। ठंड बढ़ने के साथ रफ्तार का कर भी बढ़ता ही जा रहा है शायद ही कोई दिन ऐसा रहता हो जब सड़क हादसों में किसी की जान ना जाती हो। ताजा मामला नोहटा थाना अंतर्गत सामने आया है जहां दो बाइकों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई घटना स्थल की जो तस्वीर सामने आई है उन्हें देखकर कहा जा सकता है कि दोनों ही गाड़ियों की रफ्तार काफी तेज थी वही यदि बाइक चालक हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच जाती।
प्राप्त
जानकारी के अनुसार जबेरा जनपद क्षेत्र के 17 मिल चौराहा से डूमर के बीच
शुक्रवार शाम दो बाईको में जोर दार टक्कर हो गई। जिससे दोनों बाइक पर सवार
पांच लोग सड़क पर गिरने के साथ लहूलुहान हो गए। इस दौरान वहां से निकल रहे
जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद राय ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों
को अस्पताल भेजने का इंतजाम किया। इधर 112 डायल से कुछ देर बाद जिला
अस्पताल रवाना किए गए घायलों में से दो लोगों की अस्पताल पहुंचाने की पहले
ही सांसे थम चुकी थी। जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर द्वारा चेकअप के बाद
पतलोनी सिमरी खुर्द निवासी जितेंद्र साहू तथा तेजगढ़ निवासी भुज्जि अहीरवाल
को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जितेंद्र की पत्नी मोहनी को भी गंभीर चोटें आई
है। हादसे में घायल मोहिनी साहू एवं दामोदर अहिरवार का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि परम अहिरवार को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया है। घटना की सूचना पर मौके पर
पहुंची नोहटा थाना पुलिस ने क्षतिग्रस्त दोनों बाइकों को कब्जे में लेकर
जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद मौके पर राहगीर लोगों की भीड़ लगी रही
तथा दोनों मोटरसाइकिलों की रफ्तार काफी तेज होने की बात करते नजर आए।
वहीं यदि मोटरसाइकिल चालक हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच जाती।
फिलहाल दोनों शवो को मरचुरी में रखवा दिया गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम
के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किए जाएंगे। घटना की सूचना मिलने पर जिला
अस्पताल पहुंचे दोनों ही मृतकों के परियों का रो-रो का बुरा हाल बना हुआ
है।
जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त पुल से आवागमन
दमोह।
तेंदूखेड़ा ब्लॉक की व्यारमा नदी पर बना झापन घाट पर ओवरब्रिज बाढ़ में बह
जाने के बाद से स्टेट हाइवे-21 पर पिछले छः माह से आवागमन पूरी तरह ठप है।
बाढ़ में क्षतिग्रस्त पुल की जगह नया ओवरब्रिज बनाने के लिए भारत सरकार की
सेतु बंधन योजना के तहत प्रकरण बनाकर हाई लेवल पर भेजा गया है, लेकिन अभी
तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में मंजूरी मिलने में और समय लगने की
संभावना है। इसी देरी को देखते हुए बंद पड़े मार्ग पर यातायात बहाल करने के
लिए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने व्यारमा नदी में अस्थाई
मार्ग बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन को अलग से प्रस्ताव भेजा गया
है, जिसमें करीब 5 करोड़ रुपए की राशि मांगी गई है। फिलहाल
लोगों को इमलिया घाट के खर्राघाट से होकर करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी
तय करनी पड़ रही है। इससे पाटन, तेंदूखेड़ा, रहली और सागर के बीच आवागमन के
साथ-साथ जबलपुर-सागर मार्ग भी प्रभावित हो रहा..
स्थिति यह है कि कई बाइक
सवार झापन पुल मार्ग बंद होने के बावजूद जल संसाधन विभाग के स्टॉप डैम से
होकर बाइक निकाल रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। कई बार छोटी
छोटी घटनाएं घटित हो चुकी है। लेकिन शासन प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार
कर रहा है। जब तो आज तक इसका कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय लोग झापन, सुरादेही, लकलका, ग्वारी, नयाखेड़ा आदि ग्रामों के लोगों की
अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है। दैनिक दिनचर्या के सामग्री के
लिए इन ग्रामों का जनसमुदाय झलौन बाजार पर निर्भर रहते है। बच्चे भी पढ़ने
के लिए शासकीय स्कूल एवं प्राइवेट स्कूल झलौन के लिए जाते है।
मीडिया
प्रभारी मुकेश जैन ने क्षेत्रीय विधायक एवं मध्य प्रदेश शासन में स्वतंत्र
प्रभार मंत्री धर्मेंद्र लोधी जी से पंडा बाबा कार्यक्रम में मौखिक रूप से
मिलकर मांग की गई थी जिसमें मंत्री जी ने भी आश्वासन दिया था कि बहुत जल्दी
कार्य प्रारंभ हो जाएगा।"एमपीआरडीसी के प्रबंधक
सागर नितिन बरबे द्वारा बताया गया कि हाई लेवल विज का डीपीआर हमारा बन
चुका है शासन के पास अप्रूवल के लिए गया है लेकिन उसमें 2-3 वर्ष का समय
लगेगा। लेकिन तत्काल डायवर्सन चालू हो जाए उसके लिए भी 4.50 करोड़
प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है। शासन की मंजूरी मिलते ही हम काम प्रारंभ
कर देगे।




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