दमोह। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस दमोह में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री बृजकांत जी ने युवाओं से संवाद करते हुए राजनीति, विचारधारा, संस्कृति, डिजिटल युग और सामाजिक संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में नगर संघ चालक डॉक्टर विक्रांत चौहान की विशेष उपस्थिति रही।युवा संवाद के दौरान इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक प्रश्न का उल्लेख करते हुए प्रांत प्रचारक जी ने कहा कि आज की पीढ़ी संघर्ष क्यों नहीं कर रही और सत्ता परिवर्तन की दिशा में सक्रिय क्यों नहीं दिखती, यह केवल सत्ता का नहीं बल्कि मानसिकता का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि “किसी व्यवस्था से लड़ना हो तो पहले अपनी व्यवस्था बनानी पड़ती है, यही पहला नियम है,” जिसका उल्लेख ‘द गुरिल्ला वार’ पुस्तक में भी मिलता है।
प्रांत प्रचारक श्री बृजकांत जी ने जातिवाद पर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि “यदि जातिवाद को समाप्त करना है तो चुनाव प्रक्रिया में कम से कम 50 प्रतिशत मतदान अनिवार्य किया जाना चाहिए। जिस दिन यह व्यवस्था लागू हो जाएगी, उस दिन कोई भी नेता जाति की राजनीति नहीं करेगा।” उन्होंने कहा कि जातिवाद को वैचारिक हथियार के रूप में उपयोग किया गया है। उन्होंने कार्ल मार्क्स के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्क्स ने दुनिया को दो वर्गों—शोषक और शोषित—में बाँटने की अवधारणा दी। इसके बाद दुनिया का पहला कम्युनिस्ट शासन रूस में बना, जहाँ से जाति और वर्ग आधारित आंदोलनों को वैचारिक समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट विचारधारा ने समाज को तोड़ने के लिए जाति आधारित आंदोलनों को बढ़ावा दिया, जिसे आज कल्चरल मार्क्सिज्म के रूप में देखा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सहित कुछ क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भूमि पर चर्च का कब्जा सामाजिक संतुलन के लिए गंभीर विषय है। साथ ही उन्होंने स्टालिन के संदर्भ में कहा कि वैचारिक पृष्ठभूमि और धर्मांतरण जैसे विषयों को भी युवाओं को समझना चाहिए। डिजिटल युग पर बोलते हुए प्रांत प्रचारक जी ने कहा कि “सारा खेल मानसिकता का है। आज डिजिटल युग है, लेकिन स्थिति यह है कि मोबाइल हम नहीं चला रहे, मोबाइल हमें चला रहा है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “गाड़ी या बंदूक देने से पहले लाइसेंस माँगा जाता है, लेकिन मोबाइल देने से पहले कोई मानसिक या सामाजिक लाइसेंस नहीं माँगा जाता,” जो समाज के लिए चिंता का विषय है।
परिवार व्यवस्था को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत तब तक भारत रहेगा और सनातन तब तक सनातन रहेगा, जब तक भारत में परिवार व्यवस्था सुरक्षित है।” उन्होंने कुछ राज्यों में सरकारी कर्मचारियों पर लागू दो बच्चों की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सामाजिक और वैचारिक प्रभावों पर गंभीर चर्चा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद समाज को जोड़ने की शक्ति है। “राम-राम, कृष्ण-कृष्ण” जैसे सांस्कृतिक अभिवादन समाज को एक सूत्र में बाँधते हैं और राष्ट्रभाव विभाजनकारी विचारधाराओं को रोकता है। युवा संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिकता, डिजिटल प्रभाव, विचारधारा, परिवार, राजनीति और राष्ट्र से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका समाधान प्रांत प्रचारक जी ने तार्किक, स्पष्ट और वैचारिक दृढ़ता के साथ किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। यह युवा संवाद कार्यक्रम युवाओं में वैचारिक स्पष्टता, सामाजिक चेतना और राष्ट्रबोध जागृत करने वाला सिद्ध हुआ।
बॉलीवुड अभिनेता ने किया दि रोर पोस्टर विमोचन
दमोह।
बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल के संरक्षक अध्यक्ष अखिलेश निगम एवं मध्यप्रदेश
संस्कृति मंत्री प्रतिनिधि सत्येंद्र भावसिंह लोधी की उपस्थिति
में बॉलीवुड अभिनेता इश्तियाक खान,अभिनेता राजीव अयाची, सिनेमेटोग्राफर
हरीश पटेल, बॉलीवुड अभिनेता कमलेश खरे, समाजसेवी सत्येंद्र साहू, चंदू राय,
अभिनेता प्रिंस चौरसिया, समाजसेवी शेरा जैन, सांस्कृतिक प्रशिक्षण
स्त्रोत त्रिपाल सिंह लोधी, फेडरेशन सदस्य रज्जू राजा सहित फिल्म क्षेत्र
में रुचि रखने वाले अनेकों कलाकारों की उपस्थिति में दमोह की पृष्ठभूमि पर
आधारित बुंदेली गीत दि रोर एमपी 34 का पोस्टर और टीज़र राधिका गार्डन में लॉन्च किया गया।
एके फिल्म प्रोडक्शन हाउस के द्वारा निरंतर दमोह की युवा अभिनय प्रतिभाओं को डिजिटल मंच देने की उद्देश्यपूर्ति हेतु शॉर्ट फिल्म्स, एल्बम, डॉक्यूमेंट्री फिल्म, स्टोरी बेस्ड एवी निर्माण के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य किया जा रहा है। विगत वर्षों में संस्था के द्वारा निर्मित शॉर्टफिल्म आज़ाद, माया, भारद्वाज सहित एल्बम सॉन्ग सारी सारी रात कई प्रतिष्ठित फिल्म्स फेस्टिवल्स में नॉमिनेट होकर पुरुस्कृत भी हुए हैं इसी क्रम में कुछ नए प्रयोग भी संस्था द्वारा किए जा रहे हैं जो कि निरंतर लक्षित भी हो रहे हैं। बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन एवं फिल्म पर्यटन समागम द्वारा आयोजित बुंदेली फिल्म फेस्टिवल की अंतरिम तैयारियों के साथ आज दमोह नगर के कलाकारों सहित एके फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा निर्मित MP 34 म्यूज़िक वीडियो एल्बम का पोस्टर और टीज़र रिलीज़ किया गया।
निर्माता निर्देशक आशीष तंतुवाय कबीर ने बताया है कि दि रोर एमपी 34 गाना दमोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसे बुंदेली भाषा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक से बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया है। इस स्टोरीबेस्ड बुंदेली गाने में मुख्य भूमिका उमर खैयाम, प्रताप सिंह चौहान, ज़ाफ़िर खान, राजा प्रजापति,राहुल रैकवार, फैज़ चिश्ती, शशिकांत शशि सहित आशीष तंतुवाय कबीर का अभिनय भी देखने मिलेगा। इस गीत के बोल आशीष तंतुवाय कबीर ने लिखे हैं जिसे एडिटर सिनेमेटोग्राफर राहुल तिवारी ने ए आई तकनीक से म्यूजिक कंपोजिशन के साथ मूलरूप दिया गया है, कॉन्सेप्ट डिजाइन एवं स्क्रीनप्ले में उमर खैयाम सहित प्रताप चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका है। टीम के द्वारा तकनीक से निर्मित प्रोजेक्ट की सभी ने प्रशंसा करते हुए निकट भविष्य की सार्थक संभावनाओं हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की है। मैनेजिंग डायरेक्टर उमर खैयाम ने बताया कि बुंदेल खंड फिल्म फेस्टिवल के दौरान आगामी 11 जनवरी रविवार को इस गाने की मेगा स्क्रीनिंग आयोजन स्थल राधिका गार्डन परिसर दमोह में भव्यता के साथ संपन्न होगी साथ ही एके फिल्म प्रोडक्शन हाउस के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर यह शानदार और नए अंदाज का बुंदेली गीत दर्शकों के मध्य प्रस्तुत किया जाएगा।11वां इकरार उस्ताद स्मृति 2026 समारोह संपन्न
दमोह। गतिमान परंपरा
में 11वां स्व. इकरार उस्ताद स्मृति कार्यक्रम 2026 समारोह पूर्वक संपन्न
हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री पशु पालन डेयरी मध्य प्रदेश
शासन लखन पटेल थे, अध्यक्ष विद्या भारती मध्यप्रदेश क्षेत्र मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष विवेक शेण्डये ने की विशिष्ट अतिथि अजय टंडन पूर्व
विधायक, श्याम शिवहरे जिला अध्यक्ष भाजपा रहे। समरसता के प्रतिनिधि के रूप
में पंडित कुंजीलाल डिम्हा, जनबा हाजी अलीम खान, सरदार कैप्टन डीएस वाधवा,
एवं फादर रॉक माइकल मरियन की गरिमामय उपस्थिति रही।



0 Comments