दंपत्ति ने मासूम बेटी के साथ फांसी लगाकर जान दी
दमोह। जिला मुख्यालय से करीब 55 किलो मीटर दूर तेंदूखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत एक लोम हर्षक घटनाक्रम सामने आया है। एक दंपत्ति तथा उनकी मासूम बेटी के शव अलग अलग फांसी के फंदे पर झूलते हुए मिले हैं। प्रथम दृष्टया आत्महत्या नजर आ रहे इस दिल दहला देने वाली घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं लग सका है लेकिन खुदकुशी की वजह गरीबी से तंग आ जाना अर्थात परिवार की खराब आर्थिक स्थिति माना जा रहा है। फिलहाल तेंदूखेड़ा थाना पुलिस जांच में जुटी हुई है।
प्रदेश के संस्कृति पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के निर्वाचन क्षेत्र में सिस्टम के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के दावों पोल खोलते हालात इस दुखद घटनाक्रम में उजागर करके रख दिए हैं क्योंकि मौत को गले लगाने वाला परिवार बेहद गरीब और तंगहाली में जीवन यापन कर रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदूखेड़ा निवासी
मनीष केवट 30 वर्ष उसकी गर्भवती पत्नी यशोदा उर्फ माही केवट 24 वर्ष और 2
साल की बेटी आरोही क शव गुरुवार को घर के अंदर फांसी के फंदे पर झूलते हुए
पाए गए। जिसकी सूचना मिलने पर तेंदूखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा
उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। बाद में फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को
मौके पर बुलाया गया। आवश्यक जांच के बाद पंचनामा कार्रवाई करते हुए तीनो
शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइट
नोट या सुसाइट की वजह निकल कर सामने नहीं आई है। जिससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट
आने का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि
मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करने वाले मनीष केवट की आर्थिक स्थिति
ठीक नहीं थी। गरीबों के चलते तंगहाली से जूझ रहे मनीष की 2 साल की बेटी का
मुंडन होना था जिसके लिए वह रिश्तेदारों को निमंत्रण भी दे आया था वह उसकी
पत्नी दो माह के गर्भ से थी। माना जा रहा है कि
मुंडन समारोह के लिए आर्थिक इंतजाम नहीं हो पाने की वजह से पति-पत्नी ने
रिश्तेदारों को मुंह नहीं दिखा पाने अर्थात शर्मिंदगी से बचने के लिए जीवन
लीला समाप्त करने का निर्णय ले लिया होगा। पहले उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर
मासूम बच्ची को फांसी पर लटकाया होगा और फिर स्वयं फांसी पर लटक गए होंगे।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है वह पूरी बस्ती में मातम पसरा हुआ है।

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