जानलेवा सीरफ के विरोध में कांग्रेसियों ने पुलिस को छकाकर स्वास्थ्य मंत्री के दो दो पुतले जलाए.. इधर प्रशासन ने सन् कम्पनी सप्लायर के मेडिकल पर दवाए सील कराई..

कांग्रेसियों ने स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंका

दमोह। जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कांग्रेसजनो ने अंबेडकर चौक के पास एकत्रित होकर प्रदेश की भाजपा सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के आये दिन मासूम बच्चो गर्भवती महिलाओ एवं नौजवानो की असमय मौतो को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने आक्रोशित होकर स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला का पुतला फूकते हुए उनके अविलंब स्तीफे की मांग की। 

इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मानक पटेल ने कहा कि जहरीली दवा सीरफ से 16 मासूम बच्चे की मौत सरकारी लापरवाही और दवा माफिया की मिली भगत से आज एक अपराध हुआ है इस भयानक घटना ने पूरे प्रदेश को झनझोर दिया है जिनके बच्चो की जान भ्रष्ट सिस्टम और दवाओ ने छीन ली है उन्हें जब तक न्याय नहीं मिलता कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। पूर्व विधायक अजय टंडन पूर्व नपाध्यक्ष मनु मिश्रा ने कहा कि सरकार की यह घोर लापरवाही है औपचारिकता के तौर पर डॉक्टर को तो गिरफतार कर लिया किंतु दोनो वह व्यक्ति है जो बल्लभ भवन में बैठकर इस तरह की दवाई की सप्लाई का आदेश देते है।

संजय चौरयिया, सुषमा सिंह, कमला निषाद, राजेश तिवारी, वीरेन्द्र राजपूत, नितिन मिश्रा, लालचंद राय, परम यादव, प्रदीप पटेल, तिलक सींग, मंजीत यादव, अफजल खान, रोहन पाठक, अजय जाटव, दिनेश रैकवार, बबलू भट्ट, भपेन्द्र आजवानी, मुख्तार जाफरी, मुरसलीम कुरैशी, केके अग्रवाल, डालचंद कुशवाहा ने भी स्वास्थ्य मंत्री के दो दो पुतले फुंककर पुलिस को जमकर छकाया। इस अवसर पर नगर के समस्त पार्षद एवं ग्रामीण कांग्रेसजनों की उपस्थिति रहीं।

प्रशासन ने सन् कम्पनी के दवा सप्लायर के मेडिकल पर दवाए सील कराई.. दमोह। छिंदवाड़ा जिले में जो बच्चों की मृत्यु हुई है जिस दवा के बारे में जानकारी मिली थी उसको लेकर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने 05 लोगो की टीम गठित की थी। जिसमें सहायक कलेक्टर ऋषिकेश ठाकरे एसडीएम आरएल बागरी डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति सिविल सर्जन डॉ प्रहलाद पटेल और डीएचओ डॉ रीता चटर्जी शामिल थीं। टीम ने टंडन बगीचा स्थित माया मेडीकोज पर जाकर देखा कि उनके पास श्री सन् कम्पनी की कितनी दवा है उनके कम्प्‍यूटर पर दवाओं की लिस्ट को चेक कियाए जिसमें 68 प्रकार की श्री सन् कम्पनी की दवायें उनके पास निकली। दवा विक्रेता ने बताया कि वह 25 वर्ष से कम्पनी के साथ जुड़े है और उनसे व्यापार करते है..

आज की तारीख की बैलेंस शीट जब निकाली तो पता चला कि उनके पास 68 दवाओं में से केवल 18 प्रकार की दवायें हैए उनके पास जो 18 प्रकार की दवायें रखी हुई थीं सभी का बैच नंबर निकाला और कितनी मेडीशन उनके पास उपलब्ध है यह जब जानकारी टीम ने देखी। डॉ रीता चटर्जी ने बताया बड़ी बात यह है कि छिंदवाड़ा में जिस कफ सीरफ से बच्चों की मौत हुई थी वह कफ सीरफ उन्होंने नही बुलाया था जो 68 प्रकार की दवायें उनके पास उपलब्ध थीं उसमें संबंधित कफ सीरफ का नाम नहीं था बाकि जितनी भी दवाई थीं सब सील कर ली गई है और आयुष विभाग के कमरे में स्टोर कर लिया गया है। उन्होने बताया कि यह मेडीकल संचालक जिले के 23 स्टोर्स को दवाईयां डिस्ट्रीब्यूट करता हैए लोगो ने सबसे पहले लाइन लिस्ट निकाली और कलेक्टर को दियाए कलेक्टर ने एसडीएम को फारवर्ड कर दियाए यह हटाए बटियागढए पथरियाए दमोह सभी क्षेत्रों में दवाईयां भेजी जाती है। 

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