रानी दुर्गावती किला के करोड़ों के जीर्णोद्धार कार्य पर कछुआ गति का ग्रहण.. कागजों में करोड़ों खर्च के बाद भी नही नजर आ रहा बदलाव.. किले का भ्रमण करने पहुंचे भगवती मानव कल्याण संगठन ने सवाल उठाए, व्यय जानकारी सार्वजनिक की जाए..

करोड़ों के खर्च के बाद भी नजर नही आ रहा बदलाव

दमोह। जिले के जबेरा जनपद के अंतर्गत सिग्रामपुर के सिंगोरगढ़ का किला आज भी रानी दुर्गावती जी की  वीरगाथा की याद दिलाता है। यहां पर सैलानियों के पर्यटन के हिसाब से अनेक स्थान है। रानी का रंग महल और किला जहां पुरातत्व विभाग के अधीन वही वन विभाग के अधीन क्षेत्र भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
दमोह सांसद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की पहल पर 2 साल पहले देश के महामहिम राष्ट्रपति महोदय सिग्रामपुर पधारे थे। जहां उन्होंने करोड़ों की लागत से रानी दुर्गावती के किले के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का पूजन किया था। करीब 26 करोड़ की राशि उपरोक्त कार्यों पर खर्च होने का प्राक्कलन तैयार किया गया था उसके बाद मरम्मत कार्य शुरू हो गया था। 2 साल का समय बीत जाने और लाखों की राशि खर्च हो जाने के बाद भी यहां पर कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। थोड़ा सा काम हाथी दरवाजे की दीवारों पर छपाई का हुआ है। इसके अलावा कोई निर्माण कोई मरम्मत कोई सौंदर्यीकरण का कार्य नजर नहीं आ रहा है। 
किले का भ्रमण करने के लिए पहुंचे भगवती मानव कल्याण संगठन के पदाधिकारियों ने यहां कछुआ गति से चल रहे कार्यों पर सवाल उठाए हैं तथा केंद्रीय मंत्री व दमोह सांसद प्रहलाद पटेल से जन अपेक्षा की हैं कि रानी दुर्गावती किला के सौंदर्यीकरण से जुड़े इस प्रोजेक्ट को लेकर एक बोर्ड लगवाया जाए। जिसमें यहां पर कराए जाने वाले कार्यों से जुड़ी सभी जानकारी के अलावा किस कार्ड पर कितनी राशि किस विभाग द्वारा खर्च की जा रही है इसका भी उल्लेख किया जाना चाहिए। जिससे यहां आने वाले सैलानियों को पता लग सके कि रानी के किले के सौंदर्यीकरण कार्य पर क्या कुछ खर्च हो रहा है और क्या कुछ योजना है। पिक्चर अभी बाकी है..
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