प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से लाखो के छत्र, मुकुट, जेबरात चुराने वाले दो बदमाश रहली सागर क्षेत्र से गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी.. इधर दस साल पहले पार्षद के भाई की हत्या करके फरार.. मुख्य आरोपी भी आखिरकार पकड़ा गया..

 हनुमान मंदिर से जेबरात चुराने वाले दो बदमाश पकड़े

दमोह। जिले के गैसाबाद थाना अंतर्गत ग्राम सकोर के प्रसिद्ध श्री रामकुमार हनुमान मंदिर से 20 दिन पहले चोरी हुए दो लाख के जेवरात का पता लगाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेने में सफलता हासिल कर ली है जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है पकड़े गए आरोपी सागर जिले की रहली गढ़ाकोटा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी डीआर तेनीवार ने 20 दिन पूर्व सकोर मंदिर से अज्ञात आरोपी द्वारा भगवान के चांदी के छत्र आभूषण करीबन 4 किलो बजनी एवं दान पेटी से करीब 21 हजार की राशि कुल मशरूका दो लाख 21 हजार का चुरा लिया गया था। 17 सितंबर को पुजारी दिनेश गोस्वामी की रिपोर्ट पर धारा 457, 380 ताहि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। घटनास्थल पर एसपी ने स्वयं पहुंचकर संज्ञान में लिया था और प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए 10 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था।

घटना स्थल का निरीक्षण डॉग स्कवायड एवं अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ द्वारा करके मंदिर एवं टूटे तालों से अंगुल चिन्ह लेकर सर्च करने पर एक चिन्ह रहली से अपराध क्रमांक 457/12 धारा 294, 323, 506 के आरोपी विजय लडिया से मिलान होना पाया गया।  जो आरोपी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तो उसके द्वारा अपने साथी जित्तू उर्फ जितेंद्र आदिवासी एवं रोहन आदिवासी (तावडे) के साथ जुर्म करना स्वीकार किया. गया। दो आरोपियों से चोरी किए गए, मशरूका मुकुट, छत्र, आभूषण जप्त किए. एक फरार आरोपी रोहन उर्फ तावडे निवासी मोठार गढ़ाकोटा फरार है। जिसकी तलाश जारी है।

 मंदिर चोरी की सफलता में थाना प्रभारी गैसाबाद अरविंद सिंह, सब इंस्पेक्टर विनय मिश्रा प्रभारी फिंगरप्रिंट शाखा, कार्यवाहक एएसआई जागेश्वर प्रसाद साहू, प्रधान आर. 370 राधेश्याम परिहार, प्रधान आरक्षक राकेश अठया साइबर सेल, आरक्षक 551 विजय कुमार, 644 राजेश कुमार, 31 रोहित राजपूत नोहटा, चालाक प्रधान आरक्षक 796 अब्दुल अमजद का विशेष योगदान रहा। जिनको उचित इनाम से पुरस्क्रत करने की घोषणा की गई है।

10 साल से हत्या का मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार            दमोह। कोतवाली क्षेत्र के हरसिद्धि मंदिर के सामने दस साल पहले 11 जनवरी 2012 को घटित घटना में पार्षद गणेश खटीक के भाई जगदीश खटीक की हत्या कर दी गई थी। मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण की कायमी तत्कालीन थाना प्रभारी आरके सोनी द्वारा की गई जिसमें वर्ष 2012 से 2020 तक पवन, प्रेम, परसू सरेंडर हो चुके थे। 

एसपी डीआर तेनिवार ने बताया कि परंतु मुख्य आरोपी अशोक चक्रवर्ती घटना से फरार था। जिसे मुखबिर की सूचना पर नवरात्र अष्टमी के मौके पर चोरी छुपे घर आने की जानकारी लगने पर सीएसपी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में कोतवाली टीआई विजय सिंह राजपूत स्टाफ द्वारा  गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किए जाने पर जेल भेज दिया गया है।
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