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दस लाख की चोरी के शक में पुलिस द्वारा थाने में ले जाकर घन्टो पूछताछ करने के विरोध में नारेबाजी प्रदर्शन.. दमोह जबलपुर रोड पर घंटे भर तक बने रहे जाम के हालात.. पुलिस पर 50 हजार की मांग के लगाए आरोप.. तहसीलदार की समझाईस व एसडीओपी के आश्वासन पर हुआ मामला शांत..

 चोरी के शक में पकड़ने के विरोध में चकाजाम प्रदर्शन

दमोह। तेंदूखेड़ा में दिन दहाडे़ हुई 10 लाख रूपए की चोरी के मामले में पुलिस द्वारा शक के आधार पर बगल में बन रहे मकान मालिक सहित मकान में मजदूरी कर रहे आधा दर्जन संदेहियों को पूछताछ के नाम पर थाने में बैठाने और फिर छोड़ने के नाम पर 50000 की मांग किए जाने जैसे आरोपों के चलते तेंदूखेड़ा नगर में सोमवार को घंटों तनातनी भरा माहौल बना रहा तथा चक्का जाम के साथ विरोध प्रदर्शन का दौर चलता रहा। जिसके बाद पुलिस को सभी संदेहियो को छोड़ना पड़ा। इसके बाद ही जाम तथा विरोध प्रदर्शन का दौर समाप्त हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदूखेड़ा में रविवार को दिन दहाडे़ हुई चोरी के मामले में पुलिस ने महिला की निशान देहीं पर चार संदेहियों को उठाया था। जिनमें से एक आदतन अपराधी को जिस घर में चोरी हुई थी उस घर के सामने घूमते हुए देखा गया था। वही बगल में हो रहे मकान निर्माण के दौरान जब मजदूर दोपहर को खाना गए थे तो उसी समय चोरो ने निर्माणधीन मकान की दीवारो पर चढकर पीछे के आगन में जाकर गेती से दरवाजा तोड़कर 10 लाख रूपए की चोरी को अंजाम दिया था। जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर पांच मजदूरों दीपक पाल, अखलेष पाल, देवकरन साहू, लक्ष्मन महोविया, नारायण अहिरवाल के अलावा मकान मालिक राम गोपाल साहू को भी पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया था।
करके ले गए थे। घंटों की पूछताछ के बाद मजदूरों तथा मकान मालिक को छोड़ने के बदले में जब पुलिस द्वारा ₹50000 की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई तो मजदूरों के परिजनों के साथ अन्य लोगों गुस्सा भड़क उठा।
जिसके बाद दमोह जबलपुर रोड पर सोमवार दोपहर संदेशों के परिजनों समर्थकों ने जाम लगाकर पुलिस कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिससे हंगामे के हालात निर्मित हो गए और दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई। साथ ही पुलिस पर, जाम लगाने बाले लोगो ने गम्भीर आरोप लगाए है। लोगो ने कहां कि तेंदूखेड़ा पुलिस संदेहियों को छोडने के बदले 50 हजार रूपए की मांग कर रही थी। चोरियों में सिर्फ गरीब परिवार के लड़को को ही आरोपी बनाया जाता हैं। बडे़ लोगो को पैसा लेकर छोड दिया जाता है। पिछली चोरी में जबलपुर और पाटन के लोग पकड़े गए थे। लेकिन सभी को पुलिस ने छोड दिया था।
 चका जाम का मामला जोर पकड़ता हुआ देखकर तत्काल थाना प्रभारी बीएल चौधरी पहुंच गए जिनके सामने ही लोगो ने गभ्भीर आरोप लगाए। इसके बाद तहसीलदार के पहुंचने के बाद जब थाना प्रभारी ने सभी को छोडने का आष्वासन दिया इसके बाद जाम अलग हुआ। मामले में प्रभारी एसडीओपी एसपी शुक्ला ने कहां कि मै आज तेंदूखेड़ा आकर सम्पूर्ण मामले की जानकारी लेकर जॉच करता हूॅ। जॉच में जो सामने आएगा उसकी खिलाफ कार्यवाही की जाएगीं। विशाल रजक की रिपोर्ट

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