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कुंडलपुर जी में दादा परदादा द्वारा निर्मित कराए.. श्री आदिनाथ जिनालय 53 के वेदी जीर्णोद्धार प्रतिष्ठा का सौभाग्य राजेन्द्र अटल परिवार को.. मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी की भव्य अगवानी 5 को

 कुंडलपुर जी में दादा परदादा द्वारा निर्मित कराए.. आदिनाथ जिनालय 53 के वेदी जीर्णोद्धार प्रतिष्ठा का सौभाग्य राजेन्द्र अटल परिवार को..

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दादा परदादा द्वारा निर्मित कराए गए जिनालय के वेदी जीर्णोद्धार का सौभाग्य यदि परिवार के सदस्यों को मिले वह भी बड़े बाबा के क्षेत्र कुंडलपुर में तथा आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में तो इससे बड़े सौभाग्य की बात और क्या हो सकती है. कुंडलपुर जी में तालाब के समीप शिखर मंदिर श्रंखला 100 साल से अधिक पुरानी है। जिसके मंदिर क्रमांक 53 आदिनाथ जिनालय का निर्माण भूमिगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सिंघई हजारीलाल रघुवर प्रसाद जुझार परिवार ने कराया था।

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उसी समय से इस मंदिर के बाहर मधुमक्खी के विशाल छत्ते अनवरत लगे हुए है वही वर्ष 1992 में आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज ने कुंडलपर में चातुर्मास के दौरान इस मंदिर जी में विशेष घ्यान साधना की थी। मंदिर की वेदी के जीर्णशीर्ण हो जाने पर पूर्णमति माताजी के निर्देशन में पिछली वर्ष जीर्णोद्धार कार्य ब्रह्मचारी दीपक भैया के निर्देशन में शुरू किया गया था।

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जिसके हाल ही में कंप्लीट हो जाने के बाद आज 3 फरवरी 2022 को वेदी प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर निर्यापक मुनि श्री समय सागर जी का अन्य मुनि राजो के साथ सानिध्य प्राप्त हुआ। वही मूलनायक आदिनाथ भगवान के साथ नेमिनाथ भगवान की प्रतिभाओं को स्वर्ण जड़ित वेदिका जी पर स्थापित करने में भी पूज्य मुनि समय सागर जी एवं संघ का विशेष सानिध्य योगदान रहा।

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 वेदी जीर्णोद्धार एवं प्रतिष्ठा का सौभाग्य 100 साल से अधिक पहले मंदिर निर्माण कराने वाले श्री हजारीलाल रघुवर प्रसाद के प्रपौत्र  पत्रकार राजेंद्र अटल, राजेश जैन, सात्विक जैन परिवार को प्राप्त हुआ। इन्होंने अपने स्वर्गीय पिता श्री रतन चंद की स्मृति में उपरोक्त जीर्णोद्धार कार्य संकल्प को पूर्ण कराया है। इस अवसर पर कुंडलपुर कमेटी के अध्यक्ष श्री संतोष सिंघई, महामंत्री नवीन निराला, आईटी सेल प्रमुख आनंद बीएसएनल, ब्रह्मचारी दीपक भैया एवं उनकी टीम सहित सिंघई परिवार जुझार की विशेष उपस्थिति रही।

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वही मंदिर जी के प्राचीन शिलालेख के यथा स्थान स्थापन में कुंडलपुर कमेटी एवं जैन पंचायत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र सेठ, धार्मिक आयोजन मंत्री शैलेंद्र मयूर, अनिल गुड्डू जुझार, सहित महा महोत्सव समिति के समन्वयक रेशु सिंघई का विशेष सहयोग रहा। इन सभी का सिंघई परिवार द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।


मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी की भव्य अगवानी 5 को

दमोह। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि पूंगव श्री सुधा सागर जी महाराज, मुनि श्री महासागर जी, मुनी श्री निष्कंप सागर जी, छुल्लक श्री गंभीर सागर, धैर्यसागर जी महाराज ससंघ 5 फरवरी को दमोह नगर में भव्य अगवानी होंगी, आज 3 फरवरी को सुबह गढ़ाकोटा में आहार चर्या सम्पन्न हुई एवं शंका समाधान ग्राम कुमेरिया में संध्या को सम्पन्न हुआ। रात्रि विश्राम कुमेरिया में होकर 4 फरवरी को सुबह पद विहार कुमेरिया से बांसा तारखेड़ा को होकर वहीं आहार होने की संभावना है। 

बांसा से पद विहार होकर शंका समाधान और रात्रि विश्राम एकलव्य विश्विद्यालय परिसर में होगी। 5 फरवरी को सुबह एकलव्य विश्विद्यालय से पद विहार होकर सुबह 8:30 बजे दमोह नगर में भव्य अगवानी होगी। सकल दिगम्बर जैन समाज, सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर कमेटी, महिला मंडल, जैन मिलन, महिला जैन मिलन, शाकाहार उपासना, बालिका मण्डल, सभी धर्म प्रेमी जनों के द्वारा अगवानी हेतु नगर के जैन भवन में बैठक का आयोजन भी किया गया। जिसमें जैन पंचायत अध्यक्ष सुधीर सिंघई, कुण्डलपुर कमेटी के उपाध्यक्ष देवेन्द्र सेठ, अभय बनगांव, रतन चंद जैन, अजीत कांड्या, महिला चेयरपर्सन कविता नरेन्द्र बजाज, मंत्री नेमकुमार सराफ, एड विजय जैन, यू सी जैन, सुनील वेजीटेरियन, महेन्द्र जैन, राजेन्द्र अटल, दिलेश चौधरी, अनिल मम्मा, सोनू नेता, आलोक पालंदी, संजीव शाकाहारी, सहित गणमान्य लोगों की गरिमामय उपस्थिति रहीं।

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