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अटल जी की पुण्यतिथि पर अटल प्रशंसक ने रक्तदान करके जीते जी रक्तदान मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संदेश दिया.. सिंघई परिवार का जिला अस्पताल, रक्तदान और सेवा भावी कार्यो से 100 साल पुराना नाता.. इधर जिला भाजपा कार्यालय में पार्टी नेताओं ने अटलजी का पुण्य स्मरण किया..

 अटल जी की पुण्यतिथि पर छटवी वार रक्तदान.. 

दमोह। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित अटल बिहारी वाजपेई जी की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर अटल प्रशंसक वरिष्ठ पत्रकार अटल राजेंद्र जैन ने अपने साथी पत्रकारों मित्रों के साथ उनका पुण्य स्मरण करते हुए जिला अस्पताल पहुंचकर छठवीं बार रक्तदान किया।


 इस दौरान उन्होंने जीते जी रक्तदान और मृत्यु उपरांत नेत्रदान के संकल्प को दोहराते हुए अन्य सभी लोगों से भी विशेष अवसरों पर रक्तदान करने और मृत्यु उपरांत नेत्रदान करने का संकल्प लेने का आवाहन किया। इस अवसर पर ब्लड बैंक के टेक्नीशियन राजेश विनोदे, सक्रिय रक्तदाता लक्ष्मीकांत पौराणिक हिमांशु ताम्रकार अभिषेक जैन राजीव जैन फोटो ग्राफर आदि ने भी अन्य लोगों को रक्तदान प्रेरित किया तथा विशेष अवसरों को यादगार बनाने के लिए रक्तदान करने की अपील की।



 पत्रकार राजेंद्र अटल द्वारा डोनेट किया गया ब्लड नरसिंहगढ़ क्षेत्र निवासी एक ऐसी गरीब आदिवासी महिला को चढ़ाया जाएगा जिसकी डिलीवरी नजदीक है और रक्त की अत्यधिक आवश्यकता थी लेकिन पूर्ति नहीं हो पा रही थी।

सिंघई परिवार का जिला अस्पताल, रक्तदान और सेवा भावी कार्यो से 100 साल पुराना नाता..

वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अटल के परिवार का रक्तदान और जिला अस्पताल से सौ साल से अधिक पुराना पुराना नाता रहा है। दादा जी सिंघई रघुवर प्रसाद जिला अस्पताल के प्रथम दान दाता रहे हैं। उनके सेवा भावी कार्यो को याद दिलाता एक शिलालेख जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार की साइड में आज भी लगा हुआ है। जिसमें अंग्रेजी में प्रेजेंटेड बाय श्री रघुवर प्रसाद मालगुजार, दरबारी, ऑनरेविल मजिस्ट्रेट, चेयर मैन डिस्टिक काउंसिल आदि होने का उल्लेख के साथ तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर खान बहादुर द्वारा उद्घाटन किया जाना दर्ज है। 

उल्लेखनीय है कि 
1920-21 में फैली महामारी के बाद दादा श्री सिंघई रघुवर प्रसाद ने जिला अस्पताल भवन का निर्माण कराया था। जिसके कंडम हो जाने के बाद 1994 में ध्वस्त करा कर इसकी जगह पर सर्जिकल वार्ड का निर्माण करा दिया गया था। भूमिगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे सिंघई रघुवर प्रसाद को 10 जुलाई 1941 को हिंडोरिया में आयोजित तत्कालीन राजा श्री लक्ष्मण सिंह के तिलक समारोह के मौके पर अंग्रेजों के इशारे पर भोजन में जहर मिला कर मार डाला गया था। उस समय उनके इकलौते पुत्र रतन चंद जैन के नाबालिक होने की वजह से उनकी धर्मपत्नी इंद्राणी बहू अपने बेटे को साथ लेकर 52 गांव की मालगुजारी छोड़कर जुझार गांव से शाहपुर व जबलपुर में शरण लेना पड़ी थी। 

जिस वजह से सिंघई रघुवर प्रसाद की आजादी को लेकर दी गई कुर्बानी गुमनामी के अंधेरे मे खो कर रह गई। उनको और उनके योगदान को आजादी के बाद लिखे गए गजेटियर आदि में भी कोई जगह नहीं मिल सकी। लेकिन विभिन्न शिलालेखों में उनका योगदान आज भी जीवित है। जुझार गांव के सवा सौ साल पुराने कुएं में लगे अरबी भाषा के शिलालेख, जिला अस्पताल के शिलालेख, कुंडलपुर में 53 नंबर के मंदिर में लगे शिलालेख के अलावा अन्य शिलालेखों में सिंघई रघुवर प्रसाद परिवार के सेवाभावी योगदान का उल्लेख आज भी कायम है। 

इसी तरह उनके पुत्र सिंघई रतन चंद जैन साइकिल वाले पुराने जनसंघी से लेकर गुमनाम मीसा बंदी रहे। लेकिन उन्होंने भी अपने आप को प्रचार प्रसार और योजनाओ के लाभ से दूर रखकर साधारण जीवन यापन किया। लेकिन इन सभी बातों के संस्मरण सुनाने से पुराने लोग आज भी नहीं चूकते हैं। श्री रघुवर प्रसाद और उनके पुत्र रतन चंद के सेवाभावी योगदान को ध्यान में रखकर 2 अक्टूबर 2014 में जिला अस्पताल के नवनिर्मित प्रवेश द्वार गेट का नामकरण जरूर सांसद श्री प्रहलाद पटेल की पहल पर किया गया था और इसका लोकार्पण तत्कालीन कैबिनेट मंत्री जयंत मलैया ने किया था।
 रतन चंद जैन के पुत्र पत्रकार राजेंद्र अटल द्वारा वर्ष 2015 में पिता के निधन के बाद से जीते जी रक्तदान बत्ती उपरांत नेत्रदान मुहिम चलाकर जहां 2000 से अधिक लोगों की संकल्प पत्र भरवा कर जिला अस्पताल के नेत्र विभाग को सौंपे गए है वही जिला अस्पताल गेट पर 2015 से ठंडे पानी की प्याऊ का संचालन लगातार किया जा रहा है। कोरोना कर्फ्यू लॉक डाउन के दौरान जिला अस्पताल के समीप अंबेडकर प्रतिमा के पीछे ठंडे पानी की प्याऊ का संचालन किया जाता रहा है।

यहां इन सब बातों का उल्लेख यहां इसलिए करना पड़ रहा है क्यों कि स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव प्रारंभ हो चुका है वहीं सिंघई रघुवरप्रसाद रतनचंद जैसे न जाने कितने गुमनाम चेहरे होगे जिन्होंने आजादी से लेकर समाजवेसा में अपना योगदान दिया है लेकिन इसका उल्लेख दस्तावेजों में कहीं नही मिलता..

जिला भाजपा कार्यालय में अटलजी का पुण्य स्मरण
दमोह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में पार्टी  कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाजपेयी को याद किया जिलाध्यक्ष प्रीतम  सिंह  ने कहा की अटल जी की कविताओं को हमे पड़ना चाहिए उनसे हमारे मार्ग प्रशस्त होंगे अटल जी की नीतियों के कारण ही भारतीय भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी वनी है। 

उपाध्यक्ष संजय सेन ने भी अटल बिहारी जी की जनहितैषी योजनाओ के बारे में बताया उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क योजना का सफल क्रियान्वयन किया जिससे देश की आर्थिक  स्थिति मजबूत हुई ,अंत मे युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा ने पुष्प अर्पण कर अपने भाव रखे पुष्पांजलि अर्पित करने में महामंत्री रामेश्वर चौधरी, उपाध्यक्ष अमित बजाज कृष्णा राज,इंटकाब बेग,अरुण सोनी, भरत यादव ,भगीरथ, रत्नेश पांडे दीपक मिश्रा श्याम दुबे रिंकू गोस्वामी राजोल, चौराहा युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष अभिषेक सोनी सतीश पांडे, मोनू चौरसिया जमुना चौबे की उपस्थिति रही।

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