मोबाइल शॉप पर ब्रांडेड कंपनी की नकली सामग्री बेचना महंगा पड़ा.. जबलपुर पुलिस ने दो मोबाइल शॉप पर दबिश देकर JBL कंपनी के नकली हैंड फोन, स्पीकर एवं इयरफोन जप्त किए.. कार्रवाई से मोबाइल विक्रेताओ में मची हड़कंप, अन्य जगह भी इस तरह की कार्यवाही की अपेक्षा..

नकली स्पीकर हैंडफोन वाली दुकानों पर दबिश


जबलपुर। मोबाइल तथा उससे जुड़ी विभिन्न सामग्री आज हर व्यक्ति की आवश्यकता बन चुकी है ऐसे में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली स्पीकर हैंड फोन सहित अन्य सामग्री बेचे जाने का धंधा जगह-जगह मोबाइल शॉप पर किया जा रहा है। परंतु जानकारी के अभाव में या फिर अनदेखी के चलते पुलिस कार्यवाही करने ध्यान नहीं देती जिससे आम उपभोक्ता का शोषण होने के साथ नकली माल खपाने और माल कमाने का धंधा जोर शोर से फल फूल रहा है।


 जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस ने दो मोबाईल शाॅप मे दबिश के बाद 71 नग नकली स्पीकर, हैडफोन जप्त किये है। एएसपी सिटी रोहित काशवानी एवं सीएसपी ओमती आरडी भारद्वाज के मार्ग निर्देशन मे थाना प्रभारी ओमती एसपीएस बघेल के नेतृत्व में गठित टीम ने 31 जुलाई को जयंती कंपलेक्स पहुंची। जहां आल राउंड मोबाईल शाॅप में 39 नग नकली जे.बी.एल. कम्पनी के स्पीकर, हेडफोन एवं ए.डी. मोबाईल शाॅप में 32 नगर नकली जे.बी.एल. कम्पनी के स्पीकर, हेडफोन एवं ईयर फोन  जप्त किये है। 

आल राउंड मोबाईल शाॅप के संचालक शंकर चेतवानी निवासी विजय नगर एवं एडी मोबाईल शाॅप के संचालक दीपक प्रजापति निवासी सुभाष नगर रांझी के विरूद्ध थाना ओमती में धारा 419 भादवि एवं 63 काॅपी राईट एक्ट तथा 104 ट्रेड मार्क अधिनियम  के तहत कार्यवाही की गयी हेै। कार्रवाई की वजह थाना ओमती में मयंक लोहानी निवासी सुनेजा टावर जनकपुरी दिल्ली द्वारा जे.बी.एल. कम्पनी के नाम से बिकने वाले नकली सामानो पर कार्यवाही कराने हेतु दी गई लिखित शिकायत रही।  

मोबाईल शाॅप मे दबिश देते हुये नकली सामान जप्त करने में थाना प्रभारी ओमती एस.पी.एस बघेल के नेतृत्व में उप निरीक्षक सतीष झारिया, प्रधान आरक्षक शमीम, आरक्षक चंद्रभान, ओमनाथ गुनगे, प्रमोद सोनी, विक्रम की सराहनीय भूमिका रही। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के अनेक जिलों में इस तरह का ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बेचने के कारोबार विभिन्न मोबाइल शॉप पर चल रहा है। यदि स्थानीय पुलिस भी इस तरह की कार्रवाई करें तो पर्दाफाश होते देर नहीं लगेगी। अन्यथा ब्रांडेड कंपनियों  के नाम पर उपभोक्ताओं को छले जाने का सिलसिला तो लंबे समय से चल ही रहा है।
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