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शराब खनिज माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले.. लांजी बालाघाट के पूर्व विधायक किशोर समरीते की गिरफ्तारी का विरोध.. रिहाई एवं फर्जी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर.. प्रदेश भर में साहू समाज ने राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन..

 समरीते की गिरफ्तारी के खिलाफ एकजुट हुआ समाज

 भोपाल। लांजी बालाघाट के पूर्व विधायक किशोर समरीते की गिरफ्तारी से प्रदेष भर में साहू समाज के बीच आक्रोष भरा माहौल बना हुआ है। राष्ट्रीय तेली साहू समाज मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रविकरण साहू एवं भारतीय तैलिक साहू राठौर साहू समाज के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष सत्येंद्र साहू के आवाहन पर सोमवार प्रदेश भर में समाज के जिला पदाधिकारियों ने महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम संबोधित ज्ञापन सौप। जिसमें किशोर समरीते की जल्द रिहाई के साथ उनके खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।

दमोह में एडीएम एवं एसपी को सौंपा ज्ञापन

दमोह। जिला साहू समाज अध्यक्ष हरिशंकर साहू के नेतृत्व में दमोह कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम नाथूराम गौड़ तथा एसपी आफिस पहुचकर एसपी डीआर तेनीवार को प्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें जानकारी दी गई कि बालाघाट निवासी रेत, शराब आदि के ठेकेदार द्वारा समाज के संरक्षक एवं पूर्व विधायक लांजी बालाघाट किशोर समरीते के विरुद्ध षड्यंत्र पूर्वक रिपोर्ट किये जाने पर प्रशासन द्वारा षड्यंत्र पूर्वक झूठा मुकदमा दर्ज कर उनको जेल भेजा गया है। इस सम्बंध में अति शीघ्र रिहाई हेतु साहू समाज की ओर से ज्ञापन दिया जा रहा है।

 ज्ञापन अवसर पर जिलाध्यक्ष हरिशंकर साहू, नगर अध्यक्ष कल्पित साहू, ग्यारसी गुड्डा साहू, पन्ना लाल साहू, गुड्डा भाटिया, सौरभ साहू, गजेंद्र महाजन, लकी साहू, विक्रम साहू, प्रकाश साहू, अधिवक्ता नर्मदा साहू, रिंकेश साहू, नवल साहू, माखन साहू, हर्ष वर्धन साहू सहित समाज के वरिष्ठ एवं युवा जन मौजूद रहे।

बताया गया कि पूर्व ने समरीते जी द्वारा आबकारी, खनिज संपदा, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों एवं ठेकेदारों माफियाओं के साथ सांठगांठ करके करोड़ो रूपये का भ्रष्टाचार किये जाने के संबंध में जांच हेतु न्याय मांगने के लिए शासन से अखबार एवं सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठाई थी। इन्ही सब कारणों को लेकर पुलिस प्रशासन ने समरीते के ऊपर षड्यंत्र पूर्वक झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। इसी के तहत भ्रष्टाचार उजागर न हो इसलिए आशंका है कि षड्यंत्र करके जान से मारने का प्रयास किया जा सकता है, उनकी सुरक्षा हेतु सम्पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की रहेगी। 

ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री से आग्रह किया गया है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराकर जनता को विश्वास में लेकर किये गए घोटाले पर पर्दा न डालकर पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों को बर्खास्त कर समरीते जी को शीघ्र रिहा किये जाने की कार्यवाही की जाए अन्यथा की स्थिति में मध्यप्रदेश का साहू समाज प्रादेशिक स्तर पर अन्याय के खिलाफ उक्त प्रकरण पर जनहित में न्याय मांगने एवं साहू समाज के सम्मान की सुरक्षा हेतु कोविड 19 के नियमो का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन करेगा। उक्त ज्ञापन कोविड 19 का पालन करते हुए कम से कम संख्या में सोंपा गया है। 

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