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दिनदहाड़े ₹90000 निकाल कर भागे बाइक सवार बदमाश, उठाई गिरी की वारदात सीसीटीवी में कैद.. इधर अवैध संबंधों में हत्या करने के आरोपी आरक्षक की जमानत निरस्त..पत्नी सहित 6 लोगों ने रचा था हत्या का षड्यंत्र.. कोर्ट ने माना आरक्षक होने से अपराध की गंभीरता और बढ़ जाती है..

दिनदहाडे उठाई गिरी की वारदात सीसीटीवी में कैद..

दमोह। जिले के हटा तहसील मुख्यालय पर एक बार फिर दिनदहाड़े शातिराना अंदाज में उठाई गिरी की वारदात घटित होने, पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाने और आरोपी के पुलिस गिरफ्त से दूर रहने की स्थिति सामने आई है।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार हटा के मंदिर मस्जिद चौराहे के पास लगी सब्जी की दुकानों पर बमोरी निवासी राकेश पटेल बाइक खड़ी करके सब्जी ले रहे थे वही सामने की तरफ लगी सब्जी की अन्य दुकान के पास बाइक सवार दो लोग आकर रुकते उनमें से एक युवक जो पीली शर्ट पहने हुए हैं कुछ लंगड़ा के चलता हुआ सड़क के उस पार खड़ी राकेश की बाइक के पास पहुंचता है पलक झपकते बाइक की डिक्की से 90 हजार रुपए निकालता है। इस दौरान उसका दूसरा साथी बाइक लेकर उसके नज़दीक पहुंचता है और फिर पीली शर्ट वाला बाइक पर बैठता है और दोनों आराम से भाग जाते हैं।



इधर सब्जी लेकर जैसे ही राकेश अपनी बाइक की डिक्की के पास पहुंचता है और उसे खुली देखता है तो उसके होश उड़ जाते हैं। वह चारों तरफ नजर मारता है लेकिन तब तक बदमाश भाग चुके थे। बाद में आस पास लगे सीसीटीवी फुटेज को देखे जाने पर पूरा घटना क्रम सामने आ जाता है। घटना की शिकायत हटा थाने में किए जाने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है देखना होगा पूर्व में घटित इस तरह की वारदातों की तरह पुलिस आरोपी को पकड़ का पर्दाफाश कर पाती है अथवा नहीं।

 पत्नी सहित 6 लोगों ने रचा था हत्या का षड्यंत्र

दमोह। कार चढ़ाकर हत्या करने के आरोप में 3 अप्रैल से जेल में बंद आरोपी पुलिस आरक्षक की जमानत साक्ष्य एवं साक्ष्यों को पदीय लाभ लेकर प्रभावित करने की संभावना एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश आर एस शर्मा ने निरस्त कर दी। मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक राजीव बद्री सिंह ठाकुर द्वारा की गई।

अभियोजन अनुसार मामला इस प्रकार है दिनांक 25 मार्च 2021 को सुबह 6:30 बजे  हटा के धुराघाट रामगोपाल जी पुल के पास कैलाश तंतुवाय मास्टर की लाश मिलने और शव के आसपास वाहन के चके के निशान मिलने पर मृतक के भाई हरिकृष्ण ने कैलाश की किसी अज्ञात वाहन से टक्कर लगने से मौत होने की रिपोर्ट हटा थाने में लिखाई। पुलिस विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दमोह न्यू पुलिस कॉलोनी निवासी आरक्षक वीरेंद्र अहिरवार (45) के मृतक की पत्नी ललिता से अवैध संबंध थे और मृतक के घर पर नहीं रहने के दौरान वह मृतक की पत्नी के पास आता जाता रहता था इस जानकारी को गंभीरता से लेकर पुलिस द्वारा विवेचना प्रारंभ की तो यह बात सामने आई कि आरोपी आरक्षक और मृतक की पत्नी ललिता ने आरोपी फिरोज मुसलमान, शाहबाज मुसलमान, एवं अमर एवं अनिल अहिरवार के साथ मिलकर कुछ दिन पूर्व कैलाश तंतुवाय मास्टर की हत्या करने की योजना बनाई थी। योजनानुसार  दिनांक 22 मार्च 2021 को कैलाश को वाहन की टक्कर मारना चाहा परंतु वह उस दिन बच गया तब दिनांक 24 मार्च 2021 को आरोपीगण मृतक को धुराघाट रामगोपालजी पुल के पास ले गए और उसके साथ मारपीट कर दी,जब मृतक जमीन पर पड़ा हुआ था तो उसके ऊपर स्विफ्ट कार चढ़ाकर उसकी हत्या कर दी। 

पुलिस ने आरोपीगण को गिरफ्तार कर आरक्षक वीरेन्द्र एवं अन्य सह आरोपी फिरोज, शाहबाज, ललिता,अमर एवं अनिल के विरुद्ध थाना हटा में दर्ज रिपोर्ट में आरोपी बनाते हुए धारा 302 120 बी में मामला परिवर्तित किया।आरोपी आरक्षक की और से न्यायालय में जमानत मांगते हुए व्यक्त किया गया कि आरोपी 3 अप्रैल 2021 से जेल में है और उसे प्रकरण में विभागीय द्वेषवश फंसाया गया है, शासकीय नौकरी में होने के कारण जमानत के बाद उसके फरार होने की संभावना नहीं है। वही शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर ने जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए न्यायालय में तर्क किया कि आरोपी ने अवैध संबंधों के चलते अन्य अभियुक्तों के साथ षड्यंत्र रच कर मृतक की हत्या की है, एवं हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश भी है, अगर उसे जमानत दी गई तो वह आरक्षक होने का फायदा उठाकर साथियों एवं साक्ष्य को प्रभावित करेगा। 

न्यायालय द्वारा आरोपी की जमानत निरस्त करते हुए आदेश में यह लिखा कि पुलिस आरक्षक होने के बाद भी घटना करने से उसके अपराध की गंभीरता और भी बढ़ जाती है और वह जमानत दिए जाने पर निश्चित ही पद का लाभ लेते हुए प्रकरण के साक्षियों एवं साक्ष्य को प्रभावित करेगा।

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1 Comments

  1. जिस हिसाब से चोरी हुई उस हिसाब से हटा के और भी सीसी फुटेज देखने चाहिए, क्योंकि ये अचानक नहीं हो सकता पीछा तो जरूर कर रहे होंगे,,चोर,,शातिर अपराधियों को फांसी होनी चाहिए,,

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