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स्वच्छता सर्वे में अच्छे अंक के चक्कर में.. ऊंची दुकान के फीके पकवान जैसे हालात.. मंत्री के सामने मरीज ने खोली जिला अस्पताल के हालात की पोल.. इधर विरोध के बाद नगर पालिका को हटाना पड़ा.. प्रताप प्रतिमा स्थल से सेल्फी प्वाइंट बोर्ड..

 मंत्री के सामने मरीज ने खोली अस्पताल के हालात की पोल

दमोह। स्वच्छता सर्वे में बेहतर अंक पाकर सर्टिफिकेट और पुरस्कार हासिल करने के लिए इन दिनों जिले के विभिन्न विभागों तथा अधिकारियों के बीच होड़ भरा माहौल बना हुआ है। खासकर दमोह शहर को साफ सुथरा बनाने नगर पालिका द्वारा शहर में की जाने वाली शो बाजी की बात हो या फिर जिला अस्पताल के हालात को बेहतर दिखाने के लिए किए जाने के प्रयास हो। इन प्रयासों पर खर्च होने वाली भारी भरकम रकम के मामले में भले ही किसी को कोई आपत्ति ना हो लेकिन इसके जब बेहतर परिणाम सामने नहीं आए तो उंगलियां उठना लाजमी है। 13 मार्च शनिवार को एक के बाद एक दो ऐसे घटनाक्रम सामने आए जिससे ऊंची दुकान का फीका पकवान जैसी कहावत चरितार्थ होती नजर आई।

 पहले हम बात करते हैं जिला अस्पताल के हालात की जिनकी पोल खोलती हुई उस तस्वीर की जो मानस भवन चल रहे मंत्रीगण के कार्यक्रम के दौरान उजागर हुई। मानस भवन में उद्यानिकी विभाग के कार्यक्रम में राज्यमंत्री भरत सिंह कुशवाहा और कैबिनेट मंत्री राहुल सिंह के अलावा जिले के अनेक अधिकारी मंचासीन थे इसी दौरान जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज बदहवास हालत में हाथ में वाटल लिए मंच के नजदीक पहुंच गया। जिसे बड़बड़ता हुआ देखकर हड़कंप के हालात बन गए। और आयोजकों को उस मरीज को समझा-बुझाकर सबसे आगे वाली पंक्ति की कुर्सी पर बैठाना पड़ा। 

बाद में जब उसने जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं की पोल खोलना शुरू की तो कैबिनेट मंत्री राहुल सिंह को उस के साथ पैदल जिला अस्पताल पहुंचकर उसे भर्ती कराकर अस्पताल के स्टाफ को उसकी बेहतर देखरेख के निर्देश देना पड़े। इस मरीज का नाम बुच्ची ऑटो वाला बताया गया है। जिसे जहरिले पदार्थ का सेवन करने के बाद भर्ती कराया गया था। वही अस्पताल में इलाज के दौरान स्टाफ द्वारा उसे टॉर्चर किए जाने तथा उसके द्वारा शिकायत करने की धमकी दी जाने पर गार्ड व स्टाफ द्वारा अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है।

इस घटनाक्रम के कुछ देर बाद बटियागढ़ क्षेत्र से दो गुटों के झगढ़े में घायल एक मरीज के परिजनों से टांके लगाने के धागा बुलवाने के नाम पर तीन सौ रुपए लिए जाने का मामला भी सामने आया है। जब इन दोनों मामलों को लेकर जिला अस्पताल सिविल सर्जन ममता तिमोरी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल नहीं लगा वही आरएमओ डॉ दिवाकर पटेल से मोबाइल लगाने पर उन्होंने मोबाइल को रिसीव नही किया। जिस से मामले में अस्पताल प्रबंधन के पक्ष का पता नहीं लग सका है।

प्रताप प्रतिमा स्थल से सेल्फी प्वाइंट बोर्ड हटाना पड़ा..


स्वच्छता सर्वे मामले में शहर को बेहतर स्थान दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्था बनाने पर से अधिक सेल्फी प्वाइंट बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जबलपुर नाका कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने महाराणा प्रताप प्रतिमा के बाहर बनाया गया सेल्फी प्वाइंट की वजह से जब प्रतिमा दिखना बंद हो गई तो राजपूत समाज के युवाओ द्वारा आपत्ति दर्ज करॉकर सोशल मीडिया पर विरोध में पोस्ट डालना शुरू कर दिया गया जिसके बाद नगर पालिका प्रशासन द्वारा उपरोक्त सेल्फी प्वाइंट को हटाने में देर नहीं की गई।

उल्लेखनीय है कि स्वच्छता सर्वे में अच्छे मार्क्स लाने के लिए शहर में साफ सफाई व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाया गया है वही सड़क रिपेयरिंग के नाम पर जो डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है उसकी गुणवत्ता की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे यह डामरीकरण का कार्य कुछ ही दिनों का मेहमान जैसा नजर रहा है वही नगर पालिका प्रशासन द्वारा ठेकेदार पर की जाने वाली मेहरबानी जन चर्चा का विषय बनी हुई है। पिक्चर अभी बाकी है

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