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आयुष्मान भारत योजना के सफल संचालन के लिए जिला अस्पताल और मिशन अस्पताल सम्मानित.. इधर पथरिया फाटक के पास पहली संजीवनी क्लिनिक का शुभारंभ.. दूसरी गढ़डयाउ मोहल्ला एवं तीसरी मुकेश कॉलोनी या सुभाष कॉलोनी में प्रस्तावित..

 प्राइवेट अस्पतालों में मिशन अस्पताल हुए सम्मानित..

दमोह। प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के साथ ही आयुष्मान योजना का सफल संचालन करने पर  मध्यप्रदेश शासन द्वारा दमोह जिले की दो  प्रमुख अस्पतालों को पुरुष्कृत किया गया है, जिसमें जिला अस्पताल और दमोह की चार प्राइवेट अस्पताल जो आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चिन्हित कर शामिल की गई थी। जिनमें दमोह अस्पताल, सिटी अस्पताल ,मिशन अस्पताल, संजीवनी अस्पताल इन अस्पताल को 03 माह पहले ही शामिल किया गया। जिसमें मात्र 3 माह में ही सबसे बेहतर कार्य मिशन अस्पताल द्वारा किया गया जहाँ हितग्राहियों को सबसे ज्यादा लाभ मिला जो जिला अस्पताल के बाद मिशन अस्पताल को आँका गया । 

इस योजना का सफल संचालन करने पर कलेक्टर श्री तरुण राठी द्वारा आधारशिला संस्थान के अंतर्गत संचालित मिशन अस्पताल के डारेक्टर डॉ. अजय लाल को मध्यप्रदेश शासन का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और कहा कि आप बेहतर कार्य कर रहे है। समाज सेवी डॉ अजय लाल ने  मध्यप्रदेश शासन का धन्यवाद देते हुए कहा हमारा अस्पताल हमेशा गरीबों के लिए निरंतर कार्य करता रहता है और आगे भी शासन प्रशासन के साथ मिलकर लोगों की भलाई के लिए काम करते रहेंगे। इस योजना के संचालन में अगर जिले के हितग्राहियों को लाभ मिलने की बात करें तो जिले में अब तक इस योजना में 3453  हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है, जिसमें सिर्फ जिला अस्पताल में ही 3,236 को लाभान्वित किया जा चुका है बाकी 192 सी एस जबेरा में लाभान्वित हुए।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगीता त्रिवेदी ने बताया जिले भर में आयुष्मान योजना के कार्ड जिला स्तर से लेकर ब्लाक स्तर तक  जनपद सी ओ द्वारा कार्ड बनाने का कार्य निरंतर जारी है जो अभी 35 प्रतिशत तक कार्ड बन चुके, जबकि जिले भर में 10 लाख 5 हजार 193 आयुष्मान भारत योजना के कार्ड बनना है जिसमें अभी तक 3 लाख 60 हजार कार्ड बन पाए है, जिसका कार्य निरंतर जारी है। अब जरूरत है, इस कार्य योजना में तेजी लाने की जिस तरह से मध्यप्रदेश शासन ने जिला अस्पताल के साथ एक प्राइवेट मिशन अस्पताल को पुरुष्कृत किया है अब उम्मीद की जा सकती है कि बाकी की हॉस्पिटल अपना बेहतर परिणाम देंगी ताकि जिले के लोगों को सरकार की योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके और बाकी अस्पताल भी जिले का नाम रौशन कर सकें 

पथरिया फाटक के पास संजीवनी क्लिनिक का शुभारंभ

दमोह। शहरी क्षेत्र की बढ़ती आबादी में नागरिकों को आसानी से स्वास्थ्य सुविधाऐं प्रदान करने की दृष्टि से घनी आबादी, मलीन बस्तियों, जहां स्वास्थ्य सेवाऐं दुर्लभ हो या ऐसे गरीब समुदाय की संख्या अधिक हो और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो ऐसे स्थान के अधिक से अधिक रहवासियों को सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त हो सके इस उद्देश्य से मलीन बस्तियों में संजीवनी क्लिनिक खोले जाने के निर्देश है। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत दमोह जिले में तीन संजीवनी क्लिनिक खोली जाना है। इसी क्रम में आज स्लम एरिया-कछियाना रोग ओवर ब्रिज के नीचे पथरिया फाटक के पास पहली संजीवनी क्लिनिक का औपचारिक शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संगीता त्रिवेदी द्वारा किया गया। 

सीएमएचओ डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि मलीन बस्तियों में रहने वाले अधिक से अधिक लोगो को स्वास्थ्य लाभ शीघ्र व सुगमता से मिले जिसके लिये संजीवनी क्लिनिक की स्थापना की जा रही है। साथ ही जिला अस्पताल पर पड़ने वाले मरीजों की अतिरिक्त भार को भी संजीवनी क्लिनिक के खुलने से कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा आज पहली संजीवनी क्लिनिक का शुभारंभ हुआ है जिला प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जायेगी। जिले में कुल तीन संजीवनी क्लिनिक स्वीकृत है जिसमें दूसरी गढ़डयाउ मोहल्ला एवं तीसरी मुकेश कॉलोनी या सुभाष कॉलोनी में खोला जाना प्रस्तावित है। आगामी दिनों में शासकीय भवन उपलब्ध होने पर संजीवनी क्लिनिक प्रारंभ की जावेगी। इस मौके पर डीपीएम डॉ. चन्द्रशेखर पाण्डेय, जिला नोडल अधिकारी नरेश राठौर, डीसीम ऋषि राज, आरबीएसके अर्बन डॉ. चन्द्रप्रकाश वर्मा, डॉ.रामेश्वर कुर्मी, डॉ.आरती पटेल, डॉ. रजनीस गांगरा श्री नवप्रकाश जैन की उपस्थिति रहीं।

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2 Comments

  1. संजीवनी क्लिनिक के डाक्टर की योग्यता क्या होगी,
    मिशन अस्पताल भले वाह वाही बटोरे लेकिन जिन थोक दवा विक्रेताओं से मिशन अस्पताल दवा खरीद करती है उनके पेमेन्ट4-6महीनो में किये जाते हैं सबसे घटिया मैनेजमेंट है पेमेन्ट देने में

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  2. संजीवन क्लीनिक पर एमबीबीएस डाक्टर की नियुक्तियां होगीं, या सिर्फ कर्मचारियों की ड्युटी लगाकर शासनादेश का पालन किया जायेगा?

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