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गणेश पुरम में स्वर्ण रजत शिलाओं से हुआ श्री शांतिनाथ जिनालय का शिलान्यास.. आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस धूमधाम से मनाया गया.. इधर टंडन बगीचा में श्री पारसनाथ जिनालय का शिलान्यास संपंन..

 गणेश पुरम में श्री शांतिनाथ जिनालय का शिलान्यास.. 

दमोह। उपनगरीय क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुके इमलाई सीमेंट प्लांट के समीप गणेश पुरम कालोनी में श्री शांतिनाथ जिनालय का निर्माण होने जा रहा है। आज वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में मंदिर शिलान्यास समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य आशीष अभिषेक शास्त्री के सानिध्य में मंत्रोचार के बीच स्वर्ण रजत शिलाओं को स्थापित किया वहीं आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज का 15 वां मुनि दीक्षा दिवस धूमधाम से मनाया गया।

परम पूज्य वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर का गणेश पुरम में शिलान्यास किया गया। मुख्य शिला रखने का सौभाग्य मीनू जैन विजय श्री आयरन वालों को प्राप्त हुआ। 

प्रथम स्वर्ण सिला रखने का सौभाग्य राजेंद्र कुमार जैन शाहपुर वाले एवं द्वितीय स्वर्ण शिला रखने का सौभाग्य राकेश कुमार हरदुआ वालों को प्राप्त हुआ। शिलान्यास की क्रिया चांदी या सोने से बने गेती तसला फावड़े से प्रारंभ करना सर्वोत्तम माना जाता है । अतः शिलान्यास में चांदी की गेती से खोदने का सौभाग्य दीपक जैन फोटो, फावड़ा चलाने का सौभाग्य राजेंद्र जैन, तसला से मिट्टी भरने का सौभाग्य चंद्रकुमार खजरी को प्राप्त हुआ। 

 इस अवसर पर स्वस्तिक, ताम्र कलश, पारा ,दीपक ,रत्न इत्यादि मांगलिक वस्तुएं शिलान्यास में रखी गई। जिसका सौभाग्य बोली के द्वारा समाज के श्रेष्ठी पुरुष एवं महिला वर्ग को प्राप्त हुआ। भगवान की वेदी की ताम्र से बनी नाभि नाल रखने का सौभाग्य सतीश जैन कल्लन भैया परिवार को प्राप्त हुआ। समस्त आयोजन श्री दिगंबर जैन शांतिनाथ समिति गणेश पुरम के प्रतिनिधित्व में किया गया। दमोह शहर एवं आसपास के नगरों से भी लोग इस कार्यक्रम में पधारे।

आचार्य श्री निर्भयसागर का मुनि दीक्षा दिवस मनाया गया

शिलान्यास के उपरांत वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज का 15वां मुनि दीक्षा दिवस समारोह बड़ी भव्यता से मनाया गया। सर्वप्रथम बड़ा जैन मंदिर के बालिका मंडल ने मंगलाचरण किया। चित्र का अनावरण विभिन्न कालोनियों से पधारे जैन समाज के अध्यक्ष मंत्री आदि समाज श्रेष्टियों ने किया। आचार्य श्री के चरणों का अभिषेक श्रीमान अरुण कुमार ओशो परिवार ने किया। 

अभिषेक के उपरांत आचार्य श्री की संगीतमय पूजा की गई। सुंदर कंठ से मुनि श्री शिवदत्त सागर जी ने पूजन का कार्यक्रम संपन्न कराया। इस अवसर पर ब्रह्मचारी सुनील भैया ने कहा मैं भी मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ने की भावना रखता हूं आचार्य श्री से प्रार्थना करता हूं कि मुझे भी शीघ्र अति शीघ्र अपने जैसा बना कर मोक्ष का रास्ता प्रशस्त करें। क्षुल्लक श्री चंद्रदत्त सागर जी महाराज ने कहा आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज थ्री इन वन है। क्योंकि इन्होंने आचार्य विद्यासागर जी जैसा ज्ञान और संयम है। आचार्य अभिनंदन सागर जी जैसी सरलता है ।आचार्य विपुल सागर जी जैसी समता है। मुनि श्री गुरुदत्त सागर जी महाराज ने कहा जैसे माता-पिता होते हैं वैसे ही संतान होती है आचार्य गुरुवर निर्भय सागर जी महाराज के माता पिता मुक्ति के मार्ग पर चले तो हमारे गुरु भी उसी मार्ग पर चल पड़े।

 मुनि श्री सोमदत्त सागर जी ने कहा जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं गुरु बिन शक नहीं हो सकता लेकिन गुरु शिष्य के बिना रह सकता है । शांति और मुक्ति का मार्ग गुरु ही बतलाते हैं मुनि श्री सुदत्त सागर जी महाराज ने कहा शब्दों को अपनाना शब्दों को सीखना एक कला है लेकिन गुरु को अपनाना एक तपस्या है प्रतिकूलता में जीना साधु ता है प्रतिकूलता ओं को अनुकूल बनाना एक संयम है हमारे गुरु ने प्रतिकूलता को अनुकूल बना कर जीवन जीने की कला सीखी है। 

मुनि श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ने कहा कोई जन्म से महान बनता है कोई कर्म से महान बनता है लेकिन जिन्हें मिल जाए हमारे गुरु निर्भय सागर जैसा गुरु वह सबसे महान होता है। दिगंबर मुनि की दीक्षा बच्चों का खेल नहीं है। इस कलयुग में प्रभु से बढ़कर गुरु होते हैं हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें सच्चे गुरु मिले हैं गुरु शतायु हो। 

 आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने कहा मैं अपने गुण गाने के लिए दीक्षा दिवस नहीं बना रहा हूं बल्कि गुरु के उपकार को स्मरण करने के लिए दीक्षा दिवस मना रहा हूं दीक्षा दिवस गुरु के उपकरों को स्मरण करने का दिवस होता है। गुरु के उपकारों को धरती को कागज और वन को लेखनी बनाने पर भी नहीं लिखा जा सकता।

कार्यक्रम अवसर पर जिनालय हेतु भूमि दाता गणेश पुरम के संचालक रोहित गुप्ता का शाल श्री फल भेंट करके समाजजनों द्वारा सम्मानित किया गया। वहीं आचार्यश्री ने धर्म साहित्य भेंट करके रोहित गुप्ता को आर्शीवाद दिया। इस अवसर पर जैन पंचायत के अध्यक्ष सुधीर सिंघई, महामंत्री रूपचंद जैन सहित अन्य पदाधिकारियों सहित सकल समाज जनों की मौजूदगी रही। 

कार्यक्रम के उपरांत आचार्य श्री संघ सहित दिगंबर जैन पारसनाथ नन्हे मंदिर असाटी वार्ड पहुंचे। 29 जनवरी को प्रातः 9 बजे मंगल प्रवचन बड़े मंदिर में होगा एवं कल का प्रवास नन्हे मंदिर जैन धर्मशाला में रहेगा 

टंडन बगीचा में श्री पारसनाथ जिनालय का शिलान्यास

दमोह नगर के टंडन बगीचा क्षेत्र गली नम्बर चार में श्री पारसनाथ जिनालय का निर्माण होने जा रहा है। जिसका शिलान्यास समारोह गुरूवार सुबह ब्रम्हचारी संजीव भैया कंटगी के सानिध्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंदिर शिलान्यास की क्रियाये भक्ति भाव के सांथ संपंन्न कराई गई वहीं ब्रह्मचारी संजीव भैया के निर्देशन में 64 रिद्धि विधान का आयोजन भी किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय जैन परिवार के साथ समाजजनों ने सहभागिता दर्ज कराई।

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