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लाखों की बाउंड्री में काली डस्ट का उपयोग क्या गुल खिलाएगा.. पथरिया जनपद की जमुनिया और दमोह की बिजौरी पंचायत में घटिया निर्माण की तस्वीरें सामने आई.. उपयंत्री सहित अन्य की आंखों पर बंधी कमीशन की पट्टी !

  लाखों की बाउंड्री में काली डस्ट का उपयोग क्या गुल खिलाएगा..

दमोह। जिले में पंचायती राज व्यवस्था तहत कराए जाने वाले कार्य गुणवत्ता के मामले में कागजों में सर्टिफिकेट पाने के अलावा धरातल पर धराशाई जैसे रहने के हालात किसी से छिपी नहीं है। इसके बावजूद सरपंच सचिव रोजगार सहायक उपयंत्री सहायक यंत्री सहित जनपद के अधिकारियों की मिली भगत से सब कुछ "ढाक के तीन पात" जैसे हालात में चलता जा रहा है। इस तरह के घटिया कार्यों को लेकर जब कभी जिम्मेदारों से चर्चा की जाती है तो उनका कहना रहता है कार्य की मंजूरी को लेकर जिला स्तर से ही उनको चढ़ोत्तरी चढ़ाना पड़ती है। उसके बाद ही काम मंजूर होते हैं। अर्थात कहा जा सकता है लाखों की कार्यों की बुनियाद ही भ्रष्टाचार की नीव पर रखी जाती है। 

जब कभी घटिया कार्यों की शिकायतों के बाद जांच होती है तो रोजगार सहायक या सचिव को कुछ समय के लिए सस्पेंड करके बहाल कर दिया जाता। लेकिन उपरोक्त घटिया कार्यों के लिए गुणवत्ता सर्टिफिकेट प्रदान करने वाले किसी उपयंत्री के खिलाफ कभी कोई एक्शन हुआ हो ऐसा लंबे समय से देखने को नहीं मिला। फिलहाल यहां हम बात कर रहे हैं दमोह जिले की पथरिया जनपद अंतर्गत जमुनिया पंचायत चल रहे बाउंड्री वाल निर्माण कार्य और दमोह जनपद की बिजौरी ग्राम पंचायत में बनकर तैयार हो गई बाउंड्री वाल की। 

जमुनिया में काली डस्ट से ईटों की जुड़ाई का कार्य जारी
पथरिया जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जमुनिया में बाउंड्री वाल के निर्माण में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। काली डस्ट से जुड़ाई की जा रही है। जहां के उपयंत्री राम भरत कटारे सहायक यंत्री सतीश चंद तिवारी की मिलीभगत से ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, सहायक घटिया निर्माण करवा रहे हैं।
 
निर्माण के साथ आग पाट पीछे सपाट की कहावत चरितार्थ 
होती नजर आ रही है। दीवाल अभी से झरझर स्थिति में है जब कि स्टीमेट में एक टन रेत की कीमत शासन द्वारा 12 से 14 हजार रखी गई है जो कि स्टीमेट में काफी है फिर भी काली डस्ट लगा रहे हैं। ना तो सहायक यंत्री मौके पर आज तक गए है और ना ही उनको इस बात से कोई मतलब है कि कैसा मटेरियल लग रहा है। खास बात यह है कि एक ट्राली गुलगंज की रेत में नाम मात्र का सीमेंट मिला कर फोटो खींच कर रिकार्ड अपडेट किया जा रहा है। 
 बिजौरी में बाउंड्री वाल निर्माण में मापदंडों की अनदेखी..

इसी तरह के हालात दमोह जनपद अंतर्गत बिजौरी ग्राम पंचायत में भी देखे जा सकते हैं। यहां भी दीवार निर्माण का कार्य इसी तरह से कराया गया है। यहां भी खास बात यह है कि रोजगार सहायक राजकुमार पटेल दो दो जगह का चार्ज लिए हुए हैं और खुद लंबे समय से ठेकेदारी करा करके बारे न्यारे कर रहे हैं। उनके द्वारा कराए जाने वाले घटिया कार्य में सरपंच सचिव से लेकर उपयंत्री तक की हिस्सेदारी होने की बजह से "अपने हाथ जगन्नाथ की कहावत" को चरितार्थ करते नजर आते हैं।

इनके कार्यकाल में कराए गए कार्यों की यदि जांच करा ली जाए तो चौकाने वाले परिणाम सामने आएंगे। वही इस इलाके की जनपद की उपयंत्री निधि गुप्ता "आंख मीच कर" घटिया कार्यों की सीसी जारी करने में महारत हासिल किए हुए है। उनको तथा सहायक यंत्री सहित जनपद के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि कार्य कैसा हुआ है ? कार्य हुआ है अथवा नहीं हुआ है ? इनके प्रभार वाली भूरी अथाई  व अन्य पंचायतों के कार्यों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जिला मुख्यालय के सबसे नजदीकी पंचायतों में  ऐसे घटिया हालात है तो दूरदराज की पंचायतों में क्या स्थिति होगी। अन्य पंचायतो के कार्यों के अपडेट के साथ जल्द मिलते हैं पिक्चर अभी बाकी है..

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