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नाबालिक को प्यार में धोखा देकर कटंगी के ठेकेदार ने की थी हत्या.. अभाना की टेक पर मिले युवती के शव की हुई शिनाख्त.. इधर बटियागढ़ के सकतपुर में हुए अंधे कत्ल का पर्दाफाश.. एक लाख की सुपारी लेकर की गई थी हत्या, 5 आरोपी गिरफ्तार..

अभाना की टेक पर मिले युवती के शव की शिनाख्त
दमोह। नोहटा थाना अंतर्गत अभाना की टेक पर एक सप्ताह पूर्व मिले अज्ञात युवती के शव की पहचान कटंगी जबलपुर निवासी एक नाबालिक के तौर पर हुई है वही उसे प्यार में धोखा देने के बाद एक शादीशुदा ठेकेदार द्वारा चुनरी से गला घोट कर हत्या करके अभाना के टेक पर फेंक कर भाग जाने का घटनाक्रम भी सामने आया है। लेकिन आखिरकार पुलिस के लंबी हाथों से आरोपी ठेकेदार बच नहीं सका और पकड़े जाने के बाद उसने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।
दमोह जिले के नोहटा थाना अंतर्गत अभाना की टेक पर 27 अगस्त को अज्ञात युवती का शव झाड़ियों में मिलने से सनसनी के हालात निर्मित हो गए थे। वही पुलिस ने युवती की पतासाजी हेतु सोशल मीडिया सहित अन्य प्रचार माध्यमों का सहारा लिया था। जिसके फलस्वरूप कटंगी थाना पुलिस तक उसकी जानकारी पहुंची और कटंगी थाना पुलिस ने नोहटा थाना पुलिस से संपर्क किया। आज 4 सितंबर को नाबालिक के परिजनों के साथ कटंगी पुलिस नोहटा पुलिस की टीम के साथ दमोह पहुंची जहां उनके द्वारा पिछले दिनों युवती के शव के साथ मिली चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान की गई। इसके बाद दफन कर दिए गए शव को निकाले जाने पर परिजनों ने उसकी पहचान करने में देर नहीं की।
नोहटा थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने कटंगी पुलिस प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया कि कटंगी निवासी ठेकेदार धनंजय झारिया के यहां पर काम करने वाली नाबालिक से  ठेकेदार के  प्रेम संबंध हो गए थे  वही नाबालिक द्वारा  शादी करने  जोड़ देने पर  ठेकेदार उसे  24 अगस्त को को बाइक पर बैठाकर घुमाने के लिए दमोह तरफ लाया था जहां रास्ते में मौका पाकर आभाना की टेक के समीप साइड में ले जाकर चुनरी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी तथा मौके से भाग गया था। लेकिन आखिरकार पकड़ा गया।
सकतपुर बटियागढ़  में हुए अंधे कत्ल का पर्दाफाश
दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के सकतपुर गांव में दो दिन पूर्व हुए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है हत्या के आरोप में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है आरोपियों ने एक लाख रुपये की सुपारी लेकर 30अगस्त की दरमियानी रात सकतपुर निवासी अच्छेलाल अहिरवार की हत्या की थी। बटियागढ़ थाना पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 30 31 अगस्त की दरमियानी रात सकतपुर और मड़िया हार के बीच अच्छेलाल अहिरवार की धारधार हथियार से हत्या के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। 
 एसपी हेमन्त सिंह, एएसपी शिव कुमार सिंह के निर्देशन में हत्याकांड की गम्भीरता से जांच शुरू की। इस दौरान मृतक की बाइक घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर मिलने तथा रिम में खून लगा मिला था। जिसमे पुलिस ने मृतक के साथ वाले घायल की तलाश में आसपास के क्लिनिक और डॉक्टरों से जानकारी जुटाई। जिसमे मुखबिर की सूचना पर हिनोता घाट निवासी सुदामा उर्फ भइयो को अस्पताल में इलाज के आधार पर पुलिस अभिरक्षा में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की तो ह्त्या कांड का खुलासा हुआ। 
जिसमें हिनोता के ही बाबूलाल रैकवार द्वारा कुल्हाड़ी से अच्छेलाल की हत्या करने की बात सामने आई है। बाबूलाल ने यह हत्या अपने बहनोई धर्मेंद्र के कहने पर एक लाख रुपये की सुपारी लेकर की थी। आरोपी धर्मेंद्र रेकवार से जब पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि ग्राम सकतपुर के रामगोपाल साहू ने उसे अच्छेलाल अहिरवार को मारने के एवज में एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। रामगोपाल के पास हत्या की सुपारी के पैसे नही होने के कारण उसने हटा में अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखकर दुर्गा रैकवार को सुपारी की रकम अदा की। गिरवी रखे जेवर हटा के दुर्गा रेकबर से जब्त कर लिए गए हैं। 
हत्याकांड में एक और जानकारी सामने आई है कि इसके पूर्व में अच्छेलाल की हत्या की सुपारी पिपरोधा निवासी कल्याण सिंह लोधी को भी दी गई थी। जिसकी पेशगी राशि 35000 भी जमा की गई थी लेकिन हत्या में देरी के चलते यह डील केंसल होकर और धर्मेंद्र ने अपने साले बाबूलाल रेकवार के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची और हिनोता घाट के सुदामा उर्फ भइयो को बीस हजार देकर हत्या में शामिल कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर धारा 302 सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी  सुदामा उर्फ भइयो पिता सीताराम खंगार उम्र 20 वर्ष निवासी हिनोता घाट, बाबूलाल उर्फ बब्बू पिता मुन्नालाल रेकबार उम्र 23 निवासी हिनोटाघाट,धर्मेंद्र पिता बारेलाल रेकबार उम्र 25 निवासी सकतपुर, रामगोपाल पिता ईश्वर साहू उम्र 35 निवासी सकतपुर कल्याण सिंह पिता नारायण सिंह लोधी उम्र 30 वर्ष निवासी पिपरोधा को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया है। 

 अंधे हत्याकांड के खुलासे में बटियागढ़ थाना टीम में निरीक्षक दीपक खत्री,सउनि आरके शुक्ला,प्रधान आरक्षक अकरम खान, अछेन्द्र कुमार, सुनील मिंज, आरक्षक हरघट, सुदेस कुमार, नरेंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार, विशाल, वीरेंद्र कुमार, मुंशी लाल, हरिसिंह सहित साइबर सेल से ललित कुमार,अजित दुबे,सौरभ टण्डन,राकेस अठ्या की सरहानीय भूमिका रही ।

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