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एटीएम ब्लास्ट एवं नकली नोट कांड का मास्टरमाइंड.. जेल बंदी देवेंद्र पटेल जेल पुलिस को सोते हुए चकमा देकर फरार.. कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने की वजह से जिला अस्पताल कोविड केयर सेंटर में था भर्ती.. एसपी ने गिरफ्तारी हेतु नाकाबंदी के साथ टीम गठित कर दिए निर्देश..

 जिला अस्पताल कोविड केयर सेंटर से जेल बन्दी फरार.
दमोह। दमोह पन्ना कटनी जबलपुर आदि जिलों में आधा दर्जन से अधिक एटीएम ब्लास्ट कर लाखो की लूट के मामले में पिछले दिनों गिरफ्तार मास्टरमाइंड देवेंद्र पटेल के शातिराना अंदाज में जेल पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो जाने का सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है। कोरोना संक्रमण की बजह से इसको 7 अगस्त को दमोह जिला अस्पताल परिसर स्थित कोविड केयर सेंटर में इलाज हेतु भर्ती किया गया था। जहां से वह मंगलवार तड़के जेल पुलिस को सोता हुआ छोड़कर फरार हो गया आवेश की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बार फिर चुनौती बन गई है
दमोह जिले के देहात थाना अंतर्गत खजरी गांव निवासी  देवेंद्र पटेल को पिछले दिनों एटीएम ब्लास्ट लूट एवं नकली नोट छापने के मामले में पुलिस ने बमुश्किल पकड़ा था। लगातार पुलिस रिमांड के बाद इसे 2 अगस्त को हटा उपजेल भेज दिया गया था। जहां इसका  कोविड-19 टेस्ट कराए जाने पर  4 अगस्त को  कोरोना रिपोर्ट पाजेटिव आई थी। जिसके बाद 7 अगस्त को इसे जिला अस्पताल स्थित कोविड-19  सेंटर में एडमिट कराया गया था। जहा से मंगलवार तड़के इसके फरार हो जाने की खबर ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। इसके भाग जाने की सूचना जेल प्रहरी बजरंग सिंह द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने के बाद उसके फरार होने का पता लग सका।
 मीडिया से चर्चा के दौरान  हटा उप जेल के  सहायक जेलर  केके कोरी  आरोपी के भागने की  तरकीब बताते नजर आए। वही सूचना पर तत्काल एसपी जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत चौहान, जेलर एन एस राणा ने पुलिस के अधिकारियों के साथ जिला अस्पताल मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर नाका बंदी के साथ गिरफ्तारी हेतु दिशा निर्देश दिए है। वही लापरवाह जेल पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिए जाने तथा आरोपी की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। 
मंगलवार सुबह जिसने भी कोरोना पॉजिटिव जेल बंदी देवेंद्र पटेल की फरारी की खबर सुनी वह हैरत में पड़ता संबंधित पुलिस कर्मियों की लापरवाही के चर्चा करता नजर आया। बताया जा रहा है कि कोरोना से मुक्त होने के बाद कटनी जबलपुर जिले की पुलिस इस बदमाश को पूछताछ हेतु रिमांड पर लेने की तैयारी में थी लेकिन इसके पहले ही यह फरार हो गया।
 दमोह पुलिस कंट्रोल रूम में 26 जुलाई को आईजी सागर अनिल शर्मा ने डीआईजी सागर छतरपुर एवं दमोह पन्ना एसपी की मौजूदगी में एटीएम ब्लास्ट गिरोह का मीडिया के समक्ष पर्दाफाश करते हुए पूरी जानकारी दी थी। तथा बताया था किस तरह पुलिस ने कड़ी मशक्कत करके इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। लेकिन 15 दिन बाद ही गिरोह के मेन सरगना का कोरोना के नाम पर इलाज के दौरान भर्ती रहकर पुलिस को चकमा देकर भाग जाना अप पुलिस के लिए फिर से चुनौती बन गया है।
इसकी गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए चुनौती कही जा सकती है। वही इसकी सुरक्षा ड्यूटी में लगी जेल पुलिस गार्ड की भूमिका पर भी सवाल उठते नजर आ रहे हैं।

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1 Comments

  1. हथकडी लगी थी फिर भी भाग गया खुद अपनी हसी उडवा रही पुलिस हथकडी की चाबी कैसे मिली उसे क्या हथकडी कमजोर जी या मामला कुछ और है,एक तरफ वाहवाही लूटी दूसरी लापरवाही दिखा दी पुलिस ने,

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