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"चोरी की चोरी उपर से सीना जोरी".. नोहटा 17 मील के पास फॉरेस्ट नर्सरी पर दिनदहाड़े ट्रैक्टर से जुताई करके सागौन के सैकड़ों पौधों को उजाड़ा.. कार्रवाई करने पहुचे वन अमले से उलझे कतिपय लोग.. इधर आसपास की वन भूमि से दंबगों के कब्जे हटाने अनदेखी का दौर जारी..

फॉरेस्ट नर्सरी को दिनदहाड़े ट्रैक्टर चलाकर उजाड़ा
दमोह। जिले में वन भूमि पर कब्जा करने कराने का दौर धड़ल्ले से जारी है, वन विभाग के कतिपय अधिकारी कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी द्वारा एक मामले में सर्रा रेंजर से सिफारिश के दौरान धमकाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि नोहटा 17 मील क्षेत्र में फॉरेस्ट नर्सरी की जगह पर तब जाकर के खेती करने की नियत से दिनदहाड़े ट्रैक्टर से जुताई करा दिए जाने का घटनाक्रम सामने आया है। 
नोहटा 17 मील क्षेत्र में वन विभाग द्वारा वर्ष 2011 में कराए गए विस्तृत वृक्षारोपण नर्सरी में दिनदहाड़े ट्रैक्टर से जुताई करा कर बड़ी संख्या में सागौन के पौधों को धराशाई कर दिए जाने का यह नजारा शनिवार 11 जुलाई का है। लाल कलर के बिना नंबर के ट्रैक्टर को फॉरेस्ट नर्सरी में चलाए जाने की खबर लगने पर मौके पर डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड के पहुंचते ही ट्रैक्टर मालिक पवन कोरी की पत्नी अभाना निवासी विनीता खंगार भी मौके पर पहुंच गई तथा उनके द्वारा यह ट्रैक्टर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किराए पर यहां लाए जाने की सफाई देते हुए ट्रैक्टर को जप्त होने से बचाने के प्रयास किए जाते रहे इस दौरान थोड़ी देर तक हंगामे भरे हालात बनते नजर आए वही मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों के कैमरे चलते देखकर वन विभाग के डिप्टी रेंजर विकास श्रीवास्तव और बीट गार्ड ईश्वरकांत मिश्रा ट्रैक्टर जब तक करके वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की बात करते नजर आए। 
उल्लेखनीय है कि ठीक नौ माह पहले 10 अक्टूबर 2019 को इसी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करते हुए कुछ ढाबों सहित अनेक कब्जों को नेस्तनाबूद कर दिया गया था। लेकिन आसपास कि वन भूमि पर कब्जा करके खेती कर रहे तथाकथित राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों की ओर वन विभाग के अधिकारियों ने आंखें उठाकर भी नहीं देखा था।
 जिसके फलस्वरूप अन्य लोगों ने भी क्षेत्र में अवैध कब्जा करके खेती करने वन कर्मियों से सेटिंग जमा कर जुर्माने की रसीद कटवा ली थी। जिससे अन्य लोगों की नजरें भी यहां की वन भूमि पर लगी हुई थी आज यहां दिन दहाड़े फॉरेस्ट नर्सरी को उजाड़ कर ट्रैक्टर से जमीन को समतल कराके कब्जा करने के घटनाक्रम को स्थानीय वन अधिकारी कर्मचारियों की अनदेखी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। नोहटा वन क्षेत्र अंतर्गत 423 आरएफ वर्ष 2010-11 मैं विस्तृत वृक्षारोपण कर तैयार की गई नर्सरी को ट्रैक्टर से उजाड़ दिए जाने से 100 से अधिक सागौन के पौधे उजड़ने की जानकारी सामने आई है। वहीं इस मामले में वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही को भी नाकाफी बताया जा रहा है। इस क्षेत्र में आसपास की वन भूमि पर काबिज होकर खेती करने वालों की अनदेखी को लोग विभाग के कतिपय कर्मचारियों की मिलीभगत से जोड़कर चर्चा करने से नहीं चूक रहे है। इनके खिलाफ विभाग के अधिकारियों की नजरे कब इनायत होगी फिलहाल इसका इंतजार किया जा रहा है।पिक्चर अभी बाकी है..

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