जबलपुर लोकायुक्त ने नरसिंहपुर के सहकारिता निरीक्षक को.. समिति प्रबंधक से10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा.. गाडरवारा कृषि उपज मंडी परिसर में कार्रवाई से हड़कंप.. खरीदी केंद्र पर हम्माली की राशि में दलाली महंगी पड़ी..

   सहकारिता निरीक्षक 10000 रु. की रिश्वत पकड़ा गया
नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश में  लॉकडाउन में छूट मिलते ही  रिश्वतखोरी का दंश फिर तेजी से फन फैला रहा है।  कल सागर लोकायुक्त द्वारा निवाड़ी जिले में एक जनपद सीईओ को  दो लाख की रिश्वत लेते पकड़े जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि आज जबलपुर लोकायुक्त द्वारा नरसिंहपुर जिले में एक रिश्वतखोर सहकारिता निरीक्षक को समिति प्रबंधक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने का मामला सामने आया है। रिश्वत की यह रकम गेहूं खरीदी केंद्र की हम्माली राशि भुगतान के कमीशन के एवज में वसूली जा रही थी।
 
कार्रवाई के संदर्भ में जानकारी देते हुए लोकायुक्त के डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि सेवा सहकारी समिति गाडरवारा की समिति प्रबंधक मुलायम पटेल ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी कि शैलेंद्र सिंह भाटी सहकारिता निरीक्षक के द्वारा गेहूं खरीद के दौरान हम्माली मजदूरी की राशि जो समिति प्रबंधक के द्वारा सेल्समैन को दी जाती है मैं कमीशन के रूप में 10,000 रुपए की मांग की जा रही है। जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने बुधवार 17 जून को नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में कृषि उपज मंडी परिसर स्थित उपायुक्त सहकारी संस्थाएं कार्यालय में अपना जाल बिछाया। और शैलेंद्र सिंह भाटी सहकारिता निरीक्षक को 10,000 रुपए की राशि देते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। 
लोकायुक्त कार्रवाई करने वाली टीम में उप पुलिस अधीक्षक जेपी वर्मा, निरीक्षक स्वप्निल दास, आरक्षक अमित गावडे, दिनेश दुबे, शरद पांडे, आरक्षक चालक राकेश विश्वकर्मा आदि शामिल रहे। प्रतीक जैन की रिपोर्ट
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