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कांग्रेस नेता की 6 महीने पुरानी शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेताओं को तलब किया.. बयान दर्ज कराके भाजपा ने षड्यंत्र बताया.. इधर भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में पुलिस की नरमी चर्चाओं में..

 पुलिस ने भाजपा नेताओं को कोतवाली में तलब किया 
दमोह। कभी भाजपा में तत्कालीन मंत्री जयंत मलैया के खास सिपहसालार रहे तीन गुल्ली के गोपाल ठाकुर विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद इन्होंने मंत्री श्री मलैया के खिलाफ ऐसा मोर्चा संभाला कि विधानसभा चुनाव में उनकी हार के बाद विधायक राहुल सिंह के लिए भी खास हो गए। इधर विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद भाजपा नेताओं से तनातनी के बीच इन्होंने 28 फरवरी 2019 को भाजपा के अनेक नेताओं से जान से खतरे की लिखित शिकायत तत्कालीन एसपी से की थी।
 दमोह कोतवाली पुलिस ने जिसे अब संज्ञान में लेते हुए भाजपा नेताओं को बयान दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तलब किया। कोतवाली पहुंचे पूर्व मंत्री पुत्र सिद्धार्थ मलैया, भाजपा जिला महामंत्री रमन खत्री सहित अन्य नेताओं के कोतवाली टीआई एचआर पांडे ने सीएससी मुकेश अविद्रा की मौजूदगी में बयान दर्ज किए और फिर भाजपा नेताओं को जाने दिया गया। 
कोतवाली से भाजपा के नेता सीधे एसपी ऑफिस पहुंचे जहां उन्होंने एसपी विवेक सिंह से मुलाकात करके 6 महीने पूर्व कांग्रेस नेता गोपाल ठाकुर द्वारा की गई जान से खतरे की शिकायत के पीछे किसी षड्यंत्र की आशंका जताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। भाजपा महामंत्री रमन खत्री ने शिकायत को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते  किए जाने की बात करते हुए कहा कि इस में सिंधी समाज के वरिष्ठ लोगो तक के नाम दिए गए हैं जिससे किसी षड्यंत्र की संभावना साफ नजर आती है।


उल्लेखनीय है कि तीन गुल्ली निवासी गोपाल ठाकुर द्वारा 28 फरवरी 2018 को दमोह एसपी के नाम शिकायत की गई थी उसे एसपी ऑफिस से जांच हेतु सीएसपी के लिए फॉरवर्ड कर दिया गया था। इधर सीएसपी ऑफिस से 12 मार्च को कोतवाली फॉरवर्ड की गई है शिकायत 31 मार्च 2019 को कोतवाली में रिसीव की गई थी इसके बाद 6 महीने से जांच के नाम पर या ठंडे बस्ते में डली हुई थी। इसमें जिन लोगों से जान का खतरा बताया गया था। उनमें भाजपा पदाधिकारियों नेताओं के अलावा भूरा गैंग के प्रमुख लोगों के नाम भी शामिल थे। 

भाजपा नेताओं के खिलाफ अन्य मामलों की अनदेखी-
आज इस मामले में कोतवाली टीआई ने जब भाजपा नेताओं को बयान लेने के लिए तलब किया उस दौरान भाजपा के वह नेता भी कोतवाली पहुंचे थे जिनके नाम 3 महीने पहले जबलपुर नाके पर विद्युत मंडल के सामने किए गए चक्का जाम आंदोलन की एफआईआर में शामिल थे। वही महीने भर पहले विधायक राहुल सिंह के बंगले के सामने मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया था उसमें शामिल भाजपा नेता भी कोतवाली में नजर आ रहे थे।

 लेकिन सीएसपी मुकेश अविद्रा और कोतवाली टीआई एचआर पांडे इस दौरान देहात थाना अंतर्गत जबलपुर नाका चौकी में दर्ज उपरोक्त दोनों मामलों की अनदेखी करते नजर आए। जबकि जिस समय यह मामले दर्ज किए गए थे उस दौरान श्री पांडे ही देहात थाना के टीआई थे। भाजपा नेताओं के प्रति पुलिस के नरम रवैया के पीछे कही प्रदेश में सत्ता परिर्वतन के संकेतों का असर तो नहीं है ! या फिर पुलिस के अधिकारी भाजपा सरकार के समय के संबंध आज भी भाजपा नेताओं के साथ निभा रहे है ! संदर्भ में जब कोतवाली टीआई से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने अपना मोबाइल रिसीव नहीं किया। जिससे पूरे मामले को लेकर उनका पक्ष आप तक पेश नहीं कर पा रहे हैं। जल्दी इस मामले के अपडेट के साथ मिलते हैं। अटलराजेंद्र जैन

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