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अनेक क्षेत्रों में नलों से निकल रहा गंदा पानी.. मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या में हो रहा इजाफा.. नए जल शोधन सयंत्र के चालू हो जाने के बाद भी मटमैले पानी की सप्लाई पर उठ रहे सवाल..

 अनेक क्षेत्रों में नलों से दूषित जल सप्लाई, लोग हलकान
दमोह। करोड़ों की लागत से नया फिल्टर प्लांट तैयार हो जाने तथा इसके जरिए जल का शोधन करके विभिन्न विधियों से वाटर फिल्टर किया जा रहा है। इसके बाद भी नगर के अनेक क्षेत्रों में लोगो के घरों तक नलों से गन्दा मटमैला पानी पहुच रहा है। जिसके  सेवन से लोग मौसमी बीमारियों के शिकार भी हो रहे है। दूषित जल सप्लाई के मामले को लेकर पिछले दिनों कांग्रेस पार्षद फिल्टर प्लांट पर प्रदर्शन भी कर चुके है। इसके बाद भी हालत जस के तस बने हुए हैं।
नलो के जरिए शहर के अनेक क्षेत्रों में गन्दे पानी पहुचने के हालत के बाद अटल न्यूज़24 की टीम ने नए फिल्टर प्लांट का जायजा लिया। तत्कालीन मंत्री जयंत मलैया के प्रयासों से स्वीकृत जूझार घाट जल परियोजना के तहत करोड़ो की लागत से करीब तीन साल में बनकर तैयार हुए नवीन जल्द शोधन संयंत्र पर पानी के शुद्धिकरण कार्य चल रहा था। 

निजी कंपनी के आधा दर्जन मस्टर कर्मियों के भरोसे संचालित फिल्टर प्लांट पर सुरक्षा इंतजाम का अभाव तथा बाहर चारों तरफ नगर पालिका की कचरा गाड़ियों का घेराव साफ नजर आ रहा था। 
मौजूद कर्मचारियों ने बताया गया कि फिलहाल 10 से 12 घंटे तक ही फिल्टर प्लांट को चालू रखा जाता है। यहां से पानी के फिल्टर होने के बाद साफ शुद्ध दशा में पानी को पाईप लाईन के जरिए विभिन्न टँकी यो में सप्लाई किया जा रहा था। ऐसे में सवाल यही उठ रहा कि जल शोधन संयंत्र से जब साफ पानी जा रहा है तो अनेक क्षेत्रों में नलों से गन्दा पानी क्यों निकल रहा है। 
पड़ताल करने पर चौकाने वाले हालात सामने आए। नए के प्लांट के अलावा पुराने सयंत्र के भी चालू रहने से यहा से सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता में कमी नजर आ रही थी। वही सीमेंट टँकी से नवगजा पहाड़ टँकी के भरे जाने के बाद ओवर फ्लो के पानी से कंडम बन्द पड़ी स्टील टँकी भी भरने तथा इसमें भरे गंदे पानी को भी कभी कभार सप्लाई कर दिए जाने की बात भी सामने आई। वही अनेक क्षेत्रों में नालियों के बीच से निकली पानी लाइन में लीकेज के चलते नालियों का पानी भी नलों के जरिये घरों तक पहुचने के हालात सामने आए। 

उपरोक्त हालातों के चलते मौसमी बीमारियों के शिकार लोगों की संख्या में जबरदस्त इजाफे के हालात भी देखने को मिले हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या गरीब पिछड़े वर्ग के लोगों की सामने आई है जिला अस्पताल के विजिट के दौरान लगभग सभी वार्डों में बीमार मरीजों का मेला लगने जैसी हालात बने हुए थे। हालांकि इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों की संख्या भी काफी थी। 
लेकिन शहरी क्षेत्र के मरीजो में से अधिकांश के वायरल फीवर सर्दी खांसी इंफेक्शन के शिकार होने से इनको भर्ती किये बिना ही दवाइयां देकर घर रवाना किया जा रहा था। वही डॉक्टरो का कहना था इन दिनों दूषित पानी के सेवन से मौसमी बीमारियों के शिकार लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है यही वजह है कि अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। 
उपरोक्त हालात को ध्यान में रखकर पालिका प्रशासन को चाहिए कि इस बात की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि नलों के जरिए घरों तक पहुंचने वाला पानी साफ तथा शुद्ध हो। तथा लोग दूषित जल के सेवन की वजह से मौसमी बीमारियों के शिकार नहीं हो। अन्यथा करोड़ों की लागत से निर्मित जल शोधन संयंत्र की उपयोगिता पर लोग सवाल उठाने से नहीं चूकेगे। 
मामले में नगर पालिका अधिकारी कपिल खरे से अनेक बार मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया।लेकिन आदत के मुताबिक उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। जिससे इस मामले में नगर पालिका प्रशासन का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आ सका है। अटल राजेन्द्र जैन

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