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जिला अस्पताल के लिए उपयोगी करोड़ो की जमीन पर.. लांड्री निर्माण के निर्णय पर उठने लगी उंगलिया.. पुरानी धर्मशाला को धराशायी कराने के बाद.. रिक्त हुए भूखंड पर लांड्री निर्माण का आदेश देने की तैयारी..

 पुरानी धर्मशाला को धराशायी कर लांड्री की तैयारी
दमोह। जिला अस्पताल के समीप बरसो पहले एक दान दाता द्वारा निर्मित कराई गई धर्मशाला के जर्जर, कंडम अनपयोगी हो जाने के बाद उसे जेसीबी की मदद से धराशायी कर दिया गया है। जिसे यहां पर अस्पताल के लिए काफी उपयोगी और करोड़ों रूपए कीमत का भूखण्ड तैयार हो गया है। जिला अस्पताल के लिए काफी महत्वपूर्ण इस भूखंड का उपयोग मेडिकल कार्य के बजाए अस्पताल के कपड़ों को धोने के लिए खोले जाने वाली लॉन्ड्री के निर्माण के लिए करने का निर्णय अस्पताल प्रबंधन द्वारा लिया गया है।
 जिसकी जानकारी लगने पर शहर के आम नागरिकों द्वारा इस निर्णय पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। लोगों का कहना है अस्पताल के पीछे पड़ी खाली जमीन या सुलभ complex के पीछे अतिक्रमण से मुक्त हुए नाले के ऊपर कराया जा सकता है। लेकिन इस अनुपयोगी जमीन को छोड़कर मैन रोड की कीमती जमीन को क्यों बर्बाद करने का निर्णय लिया गया यह बात समझ के परे है। इस मामले में सिविल सर्जन ममता तिमोरी का कहना है कि पीछे पड़ी जगह लॉन्ड्री निर्माण के लिए कम पड़ने के कारण पुरानी धर्मशाला तो हटाकर वहां लांड्री बनवाने का निर्णय लिया गया है। 
जिला अस्पताल जल्द 500 बिस्तर की होनी है-
 उल्लेखनीय है शासन द्वारा 300 बिस्तर वाली जिला अस्पताल का विस्तार करके इसकी क्षमता 500 बिस्तर की की जा रही है। इसके लिए अस्पताल से लगी हुई वन विभाग की जमीन को स्वास्थय विभाग के सुपुर्द करने की औपचारिकता पूरी की जा रही है। वही देर सबेर मेडिकल कालेज की स्वीकृति मिलना भी तय हो गया है। उपरोक्त हालात में पुरानी धर्मशाला के स्थान पर रिक्त हुआ भूखण्ड स्वास्थ सेवाओ से संबंधित कार्यो के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
 जिसे ध्यान में रखकर स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल, स्थानीय विधायक श्री राहुल सिंह एवं जिले के संवेदनशील कलेक्टर श्री तरुण राठी से आम जन मानस ने अपेक्षा की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल केंपस के अंदर  कपड़े धोने की लांड्री बनाने तथा इस कीमती जमीन को स्वास्थय सवाओं के विस्तृत भविष्य को ध्यान में रख कर सुरक्षित रखने के निर्देश दे। अन्यथा आने वाली पीढ़ी इस बात को हमेशा याद रखेगी किस तरह करोड़ों की जमीन पर लाखों खर्च करके धोबी घाट बना दिया गया और किसी ने चू तक नहीं की। अटलराजेंद्र जैन

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