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स्कूली बच्चों के बस्ते का कक्षावार बजन निर्धारित.. कलेक्टर ने शाला प्रबंधकों को दिए निर्देश..2 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस.. एसपी ने चार फरार अपराधियों पर 40 हजार का ईनाम घोषित किया..

स्कूली बच्चों के बस्तें का बजन अधिक मिलने पर कारवाई
दमोह।  राज्य शासन ने म.प्र. बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बस्ते का वजन करने के लिये दिशा निर्देश जारी किये है।  कलेक्टर तरूण राठी ने समस्त शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं के प्रबंधकों से कहा है स्कूल के बस्ते का कक्षावार निर्धारित वजन से अधिक नहीं होना चाहिये। उन्होंने बताया कक्षा 1 से 2 के लिये अधिकतम भार 1.5 किलोग्राम, कक्षा 3 से 5 तक के लिये 2 से 3 किलोग्राम, कक्षा 6 से 7 तक के लिये 4 किलोग्राम, कक्षा 8 से 9 तक के लिये 4.5 किलोग्राम तथा कक्षा 10 के लिये 5 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। 
कलेक्टर  ने कहा है राज्य शासन द्वारा निर्धारित एवं एनसीईआरटी द्वारा नियत पाठ¬ पुस्तकों से अधिक पुस्तकें विद्यार्थियों के बस्ते में नहीं होना चाहिये। कक्षा 1 व 2 के लिये गणित एवं भाषा विषय का शिक्षण तथा कक्षा 3 से 5 के लिये गणित एवं भाषा के साथ पर्यावरण अध्ययन विषय का शिक्षण कराया जाना चाहिये। शैक्षणिक संदर्भ सामग्री तथा वर्कबुक्स को कक्षा में ही रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिये। बच्चों के मनोरंजन और शारीरिक खेलकूंद को विद्यालयीन समय में पर्याप्त स्थान देना चाहिये। प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में विशेष रूप से कक्षा 1 एवं 2 के लिये होमवर्क न दिया जाए। यह आदेश तत्काल प्रभावशील माना जाये।
2 माध्यमिक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी-
 कलेक्टर तरूण राठी द्वारा गत दिवस किये गये भ्रमण के दौरान शालाओं किये गये आकस्मिक निरीक्षण में शासकीय माध्यमिक शाला हलगज के 2 माध्यमिक शिक्षकों को अपने पदीय निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. गिरीश मिश्रा ने कारण बताओ नोटिस जारी किये है। जारी नोटिस में कहा गया है आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कोई सूचना नहीं पाई गई। म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियमों के प्रतिकूल मानते हुये सीईओ जिला पंचायत डॉ. गिरीश मिश्रा ने शासकीय माध्यमिक शाला हलगज के माध्यमिक शिक्षक बाबूलाल अहिरवार और अर्चना नेमा को अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के 3 दिवस भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है। समय-सीमा में उत्तर अप्राप्त रहने अथवा उत्तर समाधानकारक नहीं पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियत्रण तथा अपील नियम के प्रावधानों के तहत एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्थित कर दी जायेगी।
चार फरार अपराधियों पर 40 हजार का ईनाम घोषित-
दमोह। एसपी विवेक सिंह ने चार फरार अपराधियों पर 40 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया है। अपराध क्रमांक 235/19 धारा 302, 307, 147, 148,149 ताहि 25/27 आर्म्स एक्ट, 3(2)5 SCST  एक्ट के तहत थाना पथरिया अंतर्गत ग्राम छिरका निवासी फरार आरोपी राजकुमार पिता गणेश सिंह राजपूत, दिलीप पिता डीलन सिंह राजपूत, राजेन्द्र सिंह पिता पूरन सिंह राजपूत और अपराध क्रमांक 356/18 धारा 363, 366 ताहि के तहत ग्राम इमलिया उद्देशा थाना पटेरा निवासी सूरज पिता मुन्ना लोधी फरार है। उन्होंने प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत हुये चारों आरोपियों पर दस-दस हजार रूपये का ईनाम घोषित किया है। जो कोई व्यक्ति विधि संगत शक्तियों का प्रयोग कर आरोपी को गिरफ्तार करेगा, करवायेगा या ऐसी सूचना देगा जिसके आधार पर उसकी गिरफ्तारी संभव हो हो सके, ऐसे सूचनाकर्ता को इनाम की राशि से पुरूष्कृत किया जायेगा। पुरूस्कार वितरण के संबंध में एसपी का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। 
निरीक्षण पंजी में अपनी टीप अंकित की जाये-कलेक्टर
दमोह।  कलेक्टर तरूण राठी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है आगामी भ्रमण के दौरान अनिवार्यतःअपनी टीप निरीक्षण पंजी में अंकित की जाये एवं हस्ताक्षर किये जाये। उन्होंने कहा अगले भ्रमण के दौरान पूर्व में दिए निर्देशों की समीक्षा भी की जायें। श्री राठी ने कहा है कि भविष्य में निरीक्षण पंजी के अवलोकन में ऐसा न पाये जाने पर संबधित मॉनीटरकर्ता अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उल्लेखनीय है कलेक्टर श्री राठी ने स्वयं और उनके निर्देश पर गत 06 जुलाई को जिले स्तर के अधिकारियों द्वारा शासकीय शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। इसके साथ ही कलेक्टर श्री राठी ने 10 जुलाई को पुनः शालाओं का निरीक्षण किया है। शालाओं में निरीक्षण के दौरान देखा गया संबंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण पंजी में न ही कोई टीप अंकित की जाती है एवं न ही हस्ताक्षर किए जाते है। जिससे प्रतीत होता है शालाओं की मॉनीटरिंग नही हो रही है यह स्थिति आपत्तिजनक है।

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