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प्रहलाद पटेल के मुकाबले कांग्रेस को मजबूत उम्मीदवार की तलाश.. बाबाजी के नाम पर सहमति नही बनने पर.. लोधी समाज के युवा तुर्क पर आखरी दाव लगाने की तैयारी.. !

प्रहलाद के मुकाबले कांग्रेस को प्रत्याशी की तलाश-
दमोह लोकसभा क्षेत्र से भाजपा ने सांसद प्रहलाद पटेल पर फिर से दाव लगाकर कांग्रेस को उनके मुकावले मजबूत उम्मीदवार की तलाश करने मजबूर कर दिया है। कुछ दिनों पहले तक पूर्व सांसद तथा भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया कांग्रेस के अघोषित उम्मीदवार कहे जाने लगे थे। परंतु बदले हुए हालात में कांग्रेस नेताओं को भी यह लगने लगा है कि प्रहलाद के मुकावले बाबा जी की बजनदारी कमजोर साबित होगी। 
शायद यही बजह है कि अब बाबा जी को बाजू में रखकर लोधी समाज के सर्वमान्य प्रत्याशी की तलाश में कांग्रेस आला कमान जुटा बताया जा रहा है। इसके पूर्व ब्राह्मण समाज से पूर्व मंत्री मुकेश नायक व राजा पटेरिया के नामों पर चर्चा के बीच ही श्री नायक चुनाव हारने के कमेंट के साथ मैदान छोड़ चुके है। वही श्री पटेरिया भी चुनाव लड़ने को लेकर दुविधा में नजर आये है। जिससे मजबूत उम्मीदवार की आखरी तलाश के तौर पर अब लोधी समाज के युवातुर्क  चेहरे पर ही कांग्रेस की आखरी उम्मीद टिकी हुई है। 
 विधानसभा चुनाव में दमोह संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस टिकिट पर जीत दर्ज करने वाले लोधी समाज के तीन युवा तुर्क विधायको की तरह ही कांग्रेस को लोकसभा में भी प्रहलाद पटेल के मुकाबले युवा तुर्क उम्मीदवार की तलाश है। विधानसभा में बहुमत के आंकड़े को ध्यान में रखकर विधायक राहुल सिंह, प्रधुम्न सिंह या तरवर सिंह को मैदान में उतारने के बजाय जबेरा से हारे हुए विधायक प्रताप सिंह पर दांव लगाने की तैयारी में कांग्रेस हाई कमान के द्वारा वरिष्ठ नेताओं की राय ली जा रही है।
 वही दमोह विधायक राहुल सिंह भी लोक सभा लड़ने की इच्छुक बताए जा रहे है। पथरिया से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके राव ब्रजेन्द्र सिंह, हिंडोरिया के वैभव सिंह, जया सिंह और शालनी सिंह भी लोधी वोटो के दम पर कांग्रेस टिकिट की रेस में शामिल है। कुर्मी समाज से रहली के जीवन पटेल और कमलनाथ के करीबी मानक पटेल तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय टण्डन भी टिकिट मिलने पर चुनाव लड़ने को तैयार बताये जा रहे है। 
लेकिन अंतिम यक्ष प्रश्न यही उठता है कि यह सब प्रहलाद के मुकाबले चुनाव मैदान में कहा तक रेस लगा पाएंगे।  और शायद यही बजह है कि चयनकर्ताओं को दमोह लोकसभा से अंतिम दौर में भी ऐसे उम्मीदवार की तलाश है जो आर्थिक तौर पर सक्षम होने के साथ लोधी कुर्मी व अन्य पिछड़ा वर्ग के बीच पकड़ रखता हो। कांग्रेस को चुनाव नामांकन के पहले ऐसा मजबूत प्रत्याशी मिल पायेगा या फिर बाबा जी या प्रताप में से किसी एक पर आखिरी दाव लगाया जाएगा। इसकी पुष्टि तो प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद ही हो सकेगी। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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