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बच्चों के विवाद में उलझी देवरानी-जेठानी.. लांछन बर्दाश्त नहीं कर पाने पर रोशनी ने खुद को लगा ली आग.. जिला अस्पताल में जारी है इलाज

बच्चों के विवाद में देवरानी-जेठानी भी उलझ गई-
दमोह। बच्चों के विवाद में अक्सर बड़ों के उलझ जाने और मामला विवाद तथा मारपीट में तब्दील हो जाने जैसे घटनाक्रम आए दिन सामने आते रहते हैं। कई बार तो मामला पुलिस तक भी पहुंच जाता है। लेकिन विवाद यदि महिलाओं के बीच का हो तो फिर ताना और उलाहना के चलते गंभीर हालत निर्मित होते देर नहीं लगती। ऐसे ही कुछ हालात में एक महिला द्वारा खुद को आग लगा लेने दुखद घटना क्रम सामने आया है।
जिला अस्पताल में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही इस महिला का नाम रोशनी है। हटा थाना अंतर्गत बिजोरी पाठक गांव निवासी परम अहिरवार की पत्नी रोशनी का बच्चों के विवाद पर से अपनी जेठानी से वाद विवाद हो गया था जिसके बाद गुस्से में जेठानी ने देवरानी पर कुछ लांछन लगा दिए जिसे देवरानी बर्दाश्त नहीं कर सकी और घर आकर केरोसिन छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया।
जेठानी के बेटे अमित ने जब अपनी चाची को आग की लपटों से गिरा देखा तो उसने दौड़ कर दादा को सूचना दी। इसके बाद परिजनों ने आग को बुझाया और रोशनी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उसका उपचार जारी है। पारिवारिक विवाद की इस दुखद परिणीति को लेकर पीड़िता के ससुर का कहना है कि बच्चे की सिलेट फूट जाने पर से बच्चों में हुए विवाद पर से दोनों बहुएं एक दूसरे से उलझ गई तथा बात इतनी बड़ी की छोटी बहू ने आग लगा ली। 
फिलहाल रोशनी का इलाज जारी है, करीब 50 परसेंट झुलस जाने से उसके ठीक होने में काफी समय लग सकता है। मामूली बात पर गुस्से में मानसिक संतुलन खो देने जैसी स्थिति निर्मित होने पर अक्सर इस तरह के हालात देखने को मिलते हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो गया है कि महिलाएं बच्चों पर से आपसी विवाद के दौरान मानसिक संतुलन को नहीं खोए नहीं तो इस तरह के हालात निर्मित होने पर परिवार के सभी सदस्यों के परेशान होने के साथ उनकी खूबसूरती पर ग्रहण लगने में भी देर नहीं लगती।
 रोशनी जल्द स्वस्थ होकर अपने घर वापस लौटे और परिजनों के बीच की कटुता समाप्त हो इन्हीं भावनाओं के साथ उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। अभिजीत जैन की रिपोर्ट

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