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होर्डिंग्स-फ्लेक्स वालो को नही मिला मौका.. रात में ही फ्लेक्स होर्डिंग्स हटाने की प्रशासनिक करवाई शुरू हो जाने से मचा हड़कंप..

नगरीय क्षेत्र से होर्डिंग हटाने की कार्रवाई शुरू-
दमोह। चुनाव आचार संहिता लागू होने के पूर्व ही संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही करने निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का सख्ती से परी पालन करने में प्रशासनिक अमला जुट गया है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा सोमवार को अधिकारियों को विभिन्न मामलों को लेकर 24 घंटे में कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे। जिनका असर रात से ही नजर आने लगा है।
संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए होर्डिंग फ्लेक्स आदि को हटाने के लिए सोमवार की रात कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना पुलिस प्रशासनिक अमला सक्रियता दर्ज करा रहा है। कलेक्ट्रेट कार्यालय जबलपुर नाका से शुरू हुई कार्यवाही किल्लाई नाका पर हो चुकी है। बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल सहित अन्य क्षेत्रों में लगे होर्डिंग एवं फ्लेक्स भी हटाए जाने लगे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने के लिए पुलिस,  जेसीबी, फायर बिग्रेड सहित नपा अमला जुटा हुआ है।  कलेक्टर द्वारा 24 घंटे के अल्टीमेटम की जानकारी फ्लेक्स होर्डिंग संचालकों के पास पहुंचने के पूर्व ही कार्रवाई शुरू हो जाने से हड़कंप भरे हालात है। कुछ क्षेत्रों में होर्डिंग्स वालो के कर्मचारी भी प्रशासनिक अमले के आने के पहले फ्लेक्स उतारने में जुट गए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फ्लेक्स भर को हटाया जा रहा है या फिर होर्डिंगस के स्ट्रक्चर को भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
 उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने और कांग्रेस की सरकार बनते ही शहर में दुगनी तेजी से होर्डिंग्स पर फ्लेक्स की परतें चढ़ गई थी। सबसे अधिक फ्लेक्स नवनिर्वाचित विधायक राहुल सिंह के साथ कांग्रेस समर्थकों के लगे हुए थे। वहीं चिकने, चुपड़े, चॉकलेटी चेहरे वाले टिकट दावेदारों के फ्लेक्स भी आम कार्यकर्ताओं की हंसी उड़ाते जैसे आ रहे थे। शायद यही वजह रही निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के चलते सबसे पहले राजनीतिक फ्लेक्सों को निशाना बनाने में पुलिस प्रशासनिक अमले को जुटना पड़ा। 

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