Ticker

6/recent/ticker-posts
1 / 1

कल्पद्रुम महामंडल विधान..11वें दिन जिन सहस्त्र नाम पूजन कर 1008 अर्घ चढ़ाए, विधान समापन पर शोभायात्रा आज..

 जिन सहस्त्र नाम पूजन कर 1008 अर्घ चढ़ाए..
दमोह। नगर के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में चल रहे श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान में बुधवार को जिन सहस्त्रनाम पूजन करके भगवान के 1008 नामों को समर्पित अर्घ चढ़ाए गए। गुरुवार 13 दिसंबर को प्रातः बेला में अभिषेक हवन पूजन के उपरांत विधान समापन पर दोपहर 2 बजे सिटी नल से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 


1008 श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान के 11वें दिन भी भक्ति भाव के साथ प्रातः बेला में श्री जी का अभिषेक पूजन उपरांत शांति धारा की गई। इसके बाद विधान पूजन प्रारंभ हुआ। विधानाचार्य बाल ब्रम्हचारी आशीष जैन पुण्यांस एवं पंडित सुरेश शास्त्री के निर्देशन में समवशरण में विराजमान श्री जी की भक्ति भाव के साथ आराधना करते हुए विधान पूजन प्रारंभ किया गया। बुधवार को विधान के सबसे अधिक 1008 अर्घ जिन सहस्त्रनाम पूजन करते हुए समर्पित किए गए।
 इस मौके पर चक्रवर्ती दिनेश जैन पटेरा, सौधर्म इन्द्र अशोक जैन कुबेर इन्द्र सौरभ खजरी, महायज्ञ नायक नेम चंद बजाज, बाहुबली अभिषेक जैन, ईशान इंद्र मुकेश जैन फोटो, सनत इन्द्र राजेन्द्र अटल, माहेंद्र आनंद जैन, महामंडलेश्वर राजकुमार जैन रानू, संतोष जैन, श्रावक श्रेष्ठी विमल जैन खजरी के साथ समवशरण में विधान पूजा प्रारंभ की। महा पात्रों के साथ इंद्र इंद्राणी ने बारी बारी से समवशरण  के चारों तरफ भक्ति भाव के साथ अर्घ समर्पित किये। 
भक्ति से भगवान का नाम भवसागर पार लगाता है- आचार्य उदार सागर

इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री उदार सागर ने जिन सहस्त्रनाम पूजा को श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान की सबसे महत्वपूर्ण पूजा बताते हुए कहा कि इस पूजा में भगवान के 1008 नामों की स्तुति करते हुए भक्ति भाव से अर्घ समर्पित करने का सौभाग्य आप सभी को प्राप्त हो रहा है। आचार्य श्री ने सभी से भाव सहित पूजन करने का आवाहन करते हुए कहा कि श्रद्धा पूर्वक की जाने वाली भक्ति का फल कभी भी निरर्थक नहीं होता। भक्ति भाव से भगवान का स्मरण मात्र करने भक्त भवसागर से पार हो जाता है। महाकवि दौलत राम द्वारा प्रथम देव पूजा में भगवान की भक्ति के उदाहरण का उल्लेख करते हुए आचार्य श्री ने अंजन चोर की कथा का जिक्र करते हुए कहां की भक्तांबर स्रोत एवं कल्याण मंदिर स्त्रोत में भगवान के नामो की स्तुति की महिमा का ही वर्णन किया गया है। 
आचार्य श्री ने एक कथा के जरिए भगवान की भक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि एक ग्वाले की बेटी कथावाचक के यहां रोज रोज दूध देने जाती थी। लेकिन रास्ते में पढ़ने वाली नदी मैं चलने वाली नाव समय पर नहीं मिलने से वह अक्सर लेट हो जाती थी। तथा उसे कथा वाचक की डांट सुनना पड़ती थी। एक दिन उसने कथा के दौरान सुना कि भक्ति भाव से भगवान का नाम लेने से भवसागर पार हो जाता है। और उसने निश्चय किया कि वह भगवान का नाम बड़े ही भक्ति भाव से लेगी। इसके बाद वह रोज समय पर दूध लेकर कथावाचक के यहां पहुंचने लगी। एक दिन कथावाचक ने उससे पूछा की नाव समय पर मिलने लगी तो उसने बताया कि अब नाव की जरूरत ही नहीं पड़ती कि अब नाव की जरूरत ही नहीं पड़ती।
 आपने ही कहा था कि भगवान का नाम भक्ति से लेने से भवसागर पार हो जाते हैं। मैं तो सिर्फ भगवान का नाम लेकर छोटी सी नदी को पार कर रही हूं। यह सुनकर कथावाचक को आश्चर्य हुआ तथा वह लड़की को लेकर नदी किनारे पहुंचा तथा उसने उसे नदी पार करने को कहा। तो लड़की ने कहा कि आप तो हमारे गुरु हैं आप आगे चलो डरते डरते जैसे ही कथावाचक ने तेज बहती नदी में कदम बढ़ाए तो डूबने लगा और उसने लड़की को मदद के लिए आवाज लगाई। जिस पर वह लड़की भगवान का स्मरण करते हुए पानी पर चलते हुए बीच धार में उसे बचाने पहुंच गई। नदी से बाहर निकलने के बाद कथावाचक ने कहा कि बेटी तुम धन्य हो जो तुमने भगवान की सच्चे मन से भक्ति कर कर उनके चरणों में अपनी जगह बना ली और मैं लोगों को संदेशा देते ही रह गया।
विधान समापन पर भव्य शोभायात्रा आज- 
श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के समापन पर गुरुवार 13 दिसंबर को प्रातः बेला में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर मंदिर स्थित विधान स्थल पर भक्ति भाव के साथ श्री जी के अभिषेक पूजन शांतिधारा उपरांत विश्व शांति हेतु हवन महायज्ञ का आयोजन किया गया है इसके बाद आचार्य श्री की मंगल देशना और दोपहर में 2 बजे से शोभायात्रा का आयोजन किया गया है। 
सिटी नल से प्रारंभ होने वाली शोभा यात्रा श्रीजी के विमान, आचार्य श्री उदार सागर महाराज, मुनि श्री उपशांत सागर महाराज संघ सहित शामिल होंगे। विधान के पात्र एवं सकल जैन समाज के लोग शामिल होंगे। विधान आयोजन समिति के अध्यक्ष ऋषभ बजाज मंदिर समिति के अध्यक्ष गिरीश नायक ने सकल जैन समाज से विधान समापन पर निकलने वाली शोभायात्रा में सपरिवार सम्मिलित होने की अपील की है

Post a comment

0 Comments