NOC के बदले 20 हजार की रिश्वत.. जबलपुर लोकायुक्त ने कटनी नगर निगम के बाबू को रंगे हाथों पकड़ा..

नगर निगम का बाबू 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया

कटनी। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी क दंस इस समय चरम पर है कल शाम रीवा लोकायुक्त ने सीधी कलेक्ट्रेट में जनजाति विभाग के एक बाबू को रिश्वत लेते पकड़ा था। इस खबर की सुर्खियां अभी चर्चाओं में बनी हुई थी। वही आज कटनी नगर निगम से एक बाबू को ₹20000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ी जाने की खबर अब सुर्खियों में है।

शुक्रवार को कटनी पहुंची जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने नगर निगम कटनी में पदस्थ द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक गर्ग को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत कार्यवाही की है।


दरअसल अशोक कुमार कनकने शक्तिनगर कटनी ने वर्ष 2025 में नगर निगम से 2000 वर्गफुट का प्लॉट लीज पर लिया था। इस प्लॉट पर गोदाम बनाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लेने के उद्देश्य से उन्होंने बैंक से संपर्क किया। बैंक ने ऋण प्रक्रिया के लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लाने को कहा था। जिस पर आवेदक ने 24 सितंबर 2026 को नगर निगम में NOC के लिए आवेदन दिया। आरोप है कि नगर निगम में पदस्थ द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक गर्ग ने NOC जारी करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के दौरान वह 20 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया।

शिकायत के आधार पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। निर्धारित योजना के तहत 23 अक्टूबर को नगर निगम की संपदा शाखा के कक्ष क्रमांक 41 में कथित तौर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी लिपिक आलोक कुमार गर्ग को पकड़ लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है।  ट्रैप कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन व पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। दल में टीएलओ रेखा प्रजापति, निरीक्षक राहुल गजभिये, निरीक्षक शशि मस्कुले सहित लोकायुक्त जबलपुर के अन्य सदस्य शामिल रहे।

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