जनसुनवाई में 224 आवेदनों पर हुई सुनवाई
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 224 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय.सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये।
जनसुनवाई में 40 आधार अपडेशन एवं 152 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति डिप्टी रानी अहिरवार लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। फर्जी रजिस्ट्री, लापरवाही दो उप.पंजीयक निलंबित.. दमोह। जिले में पंजीयन कार्यालयों में कथित अनियमितताओंए फर्जी रजिस्ट्री और आमजन को परेशान किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर उप.पंजीयक विमल कुमार साहू और ज्योति पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई आकस्मिक निरीक्षण और एसडीएम से प्राप्त विस्तृत जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा आमजन से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि भूमि का वास्तविक स्वामी कोई और होता है जबकि रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से कर दी जाती है। इसके अलावा पंजीयन कार्यालयों में बाहरी व्यक्तियों को बैठाकर टोकन के नाम पर लोगों को परेशान किए जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आकस्मिक निरीक्षण किया गया और एसडीएम को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।महिला के नाम की जमीन पुरुष द्वारा बेचने का मामला सामने आया.. कलेक्टर ने कहा कि जांच में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें जमीन महिला के नाम पर थी लेकिन उसकी बिक्री पुरुष द्वारा की गई। ऐसी स्थिति में संबंधित उपपंजीयक का दायित्व था कि दस्तावेजों और विक्रेता के अधिकारों की समुचित जांच की जाती। प्रथम दृष्टया आवश्यक जांच किए बिना रजिस्ट्री किए जाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा संबंधित भूमि जबेरा उप.पंजीयक के कार्यक्षेत्र के एक गांव की थी लेकिन उसकी रजिस्ट्री बटियागढ़ में जबेरा के पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर किए जाने का मामला भी सामने आया है। यह स्थिति गंभीर वित्तीय अथवा अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं की ओर संकेत करती है। मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगेए उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रजिस्ट्री लेखन शुल्क 1000 अतिरिक्त राशि न दें.. कलेक्टर श्री यादव ने जिला पंजीयक और सभी उप.पंजीयकों को निर्देशित किया है कि पंजीयन कार्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके लिए कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाने के साथ दीवारों पर भी लेखन कराया जाए ताकि आम नागरिकों को निर्धारित शुल्क की जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा रजिस्ट्री लेखन के लिए शासन द्वारा 1000 शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटीए पंजीयन शुल्क पंचायत उपकर तथा अन्य लागू शुल्क का विवरण रजिस्ट्री के प्रथम पृष्ठ पर अंकित रहता है। नागरिक उसी विवरण के अनुसार निर्धारित राशि का भुगतान करें। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की अनावश्यक राशि न दें।
अनावश्यक राशि मांगने या परेशान करने पर करें शिकायत.. कलेक्टर ने आमजन से अपील की कि यदि पंजीयन कार्यालय में कोई व्यक्ति अनावश्यक राशि की मांग करता है टोकन के नाम पर परेशान करता है या निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगता है तो इसकी शिकायत स्थापित कंट्रोल रूम नंबर पर करें। इसके साथ ही संबंधित एसडीएम और जिला पंजीयक ;डीआर के संपर्क नंबर भी कार्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगेए ताकि नागरिक सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा यदि शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होता है या कोई व्यक्ति अनुचित मांग करता हैए तो नागरिक कलेक्टर के फेसबुक पेज पर कमेंट के माध्यम से भी प्रशासन को अवगत करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई की जाएगी और नागरिकों को न्याय दिलाने के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पंजीयन कार्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त राशि न ली जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखनाए आमजन को अनावश्यक परेशानी से बचाना और अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता है।



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