स्वास्थ्य विभाग के PS और NHM डायरेक्टर को नोटिस
भोपाल। प्रदेश में 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस सेवा में 948 करोड़ रुपये भुगतान का घोटाला सामने आया है। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को नोटिस जारी कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन मांगा गया है।
यह मामला कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और आरटीआई विभाग के अध्यक्ष पुनीत टंडन की प्रेस कांफ्रेंस के बाद सामने आया। पुनीत टंडन ने शपथ-पत्र के साथ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। लोकायुक्त ने पांच जून 2026 को पहला पत्र भेजा था, जवाब न आने पर अब 25 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट मांगी है।
कांग्रेस ने पूछे सवाल, नियम, शर्तों का उल्लंघन.. शिकायत के अनुसार जय अंबे इमरजेंसी सर्विस को 2024 तक करीब 948 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। आरोप है कि अनुबंध शर्तों, टैक्स और वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं हुआ।
हिसाब सार्वजनिक करने की मांग.. विदिशा में एक एंबुलेंस के 500-600 किमी चलने का भी उल्लेख है। श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया गया है। पुनीत टंडन ने कहा कि आपातकालीन सेवा पर खर्च सरकारी धन का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। कांग्रेस ने अनुबंध, बिल, लॉगबुक, जीपीएस रिकार्ड के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की है।
मप्र में चलाई छत्तीसगढ़ की एंबुलेंस.. दूसरा आरोप छत्तीसगढ़ नंबर की एंबुलेंस एमपी में चलाने का है। टैक्स और परमिट की जांच की मांग की गई है। तीसरा बड़ा सवाल किलोमीटर सत्यापन पर है। डिंडौरी, शहडोल के रिकॉर्ड में मरीज का नाम, मोबाइल नंबर, कॉलर का नाम दर्ज नहीं होने और सिर्फ किलोमीटर के आधार पर भुगतान का दावा किया गया है।



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