पुलिसकर्मी की 38 अचल संपत्तियों का खुलासा
इंदौर। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की सर्च कार्रवाई में संपत्तियों को लेकर नए खुलासे हुए हैं। 14 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई कार्रवाई के बाद 16 अक्टूबर तक की जांच में आरोपी, उसके सहयोगियों, फर्म और परिवार के नाम पर कुल 38 अचल संपत्तियां अर्जित किया जाना सामने आया है। इन संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत 12 करोड़ 97 लाख 5 हजार 901 रुपये, जबकि वर्तमान बाजार कीमत 35 करोड़ 46 लाख 46 हजार 768 रुपये आंकी गई है।
लोकायुक्त
पुलिस इंदौर के अनुसार, महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन तथा उप पुलिस
महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश
सहाय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। विवेचना के दौरान विभिन्न
विभागों से जानकारी जुटाने के लिए पत्र भी भेजे गए हैं। जांच
में सामने आया कि आरोपी द्वारा सहयोगी और परिचितों के नाम पर भी
संपत्तियां खरीदी गईं। इनमें सहयोगी श्रीमती रोशनी वर्मा के नाम ग्राम
राजोदा, तहसील एवं जिला देवास में 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि शामिल है, जिसका
रजिस्ट्री के अनुसार मूल्य 62 लाख 46 हजार 562 रुपये है।
इसी
तरह, साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर शक्ति नगर गृह निर्माण सहकारी
संस्था, देवास द्वारा विकसित शक्ति नगर कॉलोनी में 1,250 वर्गफीट का भूखंड
खरीदा गया, जिसकी रजिस्ट्री कीमत 6 लाख 16 हजार 169 रुपये बताई गई है। परिचित
नफीस खान, निवासी राधागंज, देवास के नाम शालीमार कॉलोनी के ब्लॉक-के में
40.5 वर्गमीटर का भूखंड मिला, जिसकी रजिस्ट्री कीमत 2 लाख 50 हजार 596
रुपये है। वहीं परिचित रानु कुशवाह, निवासी आदर्श नगर देवास के नाम ग्राम
लोहाना में 0.305 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी जाना पाया गया, जिसका
रजिस्ट्री मूल्य 7 लाख 49 हजार 946 रुपये है।
अब तक 15.52 करोड़ रुपये के व्यय का खुलासा- लोकायुक्त
की जांच के मुताबिक, आरोपी द्वारा चल एवं अचल संपत्तियों पर अब तक कुल 15
करोड़ 52 लाख 2 हजार 923 रुपये का व्यय किया जाना पाया गया है। मामले में
विभिन्न विभागों से प्राप्त होने वाली जानकारियों और अन्य तथ्यों के आधार
पर विवेचना जारी है।




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